पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द,प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने जारी किया कार्यालय आदेश
पटना:जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने विधायक अनंत सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। साथ ही उन्हें अगले छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने अनंत सिंह पर संगठन के निर्देशों की लगातार अवहेलना करने,नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए हैं।
पार्टी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक,दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करना भी कार्रवाई की वजहों में शामिल है। यह आदेश जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने जारी किया है।

पार्टी के निर्देशों की अवहेलना का आरोप
जेडीयू ने अनंत सिंह पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पार्टी के अनुसार,उन्होंने संगठन के निर्देशों की लगातार अनदेखी की और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित तथा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
इसके अलावा विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम करने और दूसरे दल के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने को भी अनुशासनहीनता माना गया है। इन आरोपों के आधार पर पार्टी ने उनकी सदस्यता समाप्त करते हुए छह साल के निष्कासन का निर्णय लिया है।
नीलम देवी की सदस्यता भी रद्द
जेडीयू ने पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उनकी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।
इस कार्रवाई के साथ ही पार्टी ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है।
विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चा
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक एवं विधायी प्रक्रिया के तहत ही होगा। जेडीयू की इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और नीलम देवी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
संजय कुमार की रिपोर्ट

