

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल बाजार के प्रतिष्ठित आभूषण व्यवसायी लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक सुरेश चौधरी के आवास पर हुई डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरायकेला-खरसावां और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र से की गई है। मामले में दो स्थानीय बदमाशों समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2026 की देर रात चांडिल बस स्टैंड स्थित सुरेश चौधरी के आवास पर डकैती की वारदात हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।सरायकेला-खरसावां पुलिस और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार पांच आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:मोहिउद्दीन अंसारी — श्यामडीह, कतरास, धनबादसिराजुद्दीन अंसारी — श्यामडीह, कतरास, धनबादगुलजार अंसारी — श्यामडीह, कतरास, धनबादसोबराती अंसारी — चंदनकियारी, बोकारोशेख जमील — चंदनकियारी, बोकारोउपलब्ध जानकारी के अनुसार, पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वे हजारीबाग जेल में बंद हैं।चौपारण ज्वेलरी दुकान में डकैती के मामले से जुड़े तारपुलिस के अनुसार, 25 और 26 सितंबर की दरमियानी रात हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में वैष्णवी ज्वेलरी दुकान में डकैती हुई थी। इसी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान चांडिल में सुरेश चौधरी के आवास पर हुई डकैती में उनकी कथित संलिप्तता सामने आई।जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, चांडिल की वारदात में कुल आठ लोग शामिल थे। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, जबकि दो स्थानीय बदमाशों की भी तलाश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दोनों स्थानीय आरोपी चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के रहने वाले हैं।आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी, छापेमारी जारीचांडिल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को हजारीबाग जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।बताया जाता है कि घटना के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरायकेला-खरसावां और हजारीबाग पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।लूटे गए आभूषणों की बरामदगी पर पुलिस की चुप्पीपांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। साथ ही चांडिल बाजार में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग भी उठाई है।हालांकि, डकैती के दौरान लूटे गए आभूषणों की बरामदगी हुई है या नहीं, इस संबंध में पुलिस की ओर से अब तक आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।चांडिल से विजय की रिपोर्ट
नई दिल्ली: तिरंगा मार्च से पहले CJP चीफ अभिजीत दीपके को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दीपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा।वहीं, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। तिरंगा मार्च से पहले हुई इन कार्रवाइयों के बाद मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।
देवघरः देवघर विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहां पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ विराजमान हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 52 शक्तिपीठों में से एक भी है। मान्यता है कि इसी स्थान पर माता सती का हृदय गिरा था। ऐसी भी मान्यता है कि जिस स्थान पर माता सती का हृदय गिरा, उसी स्थान पर पवित्र ज्योतिर्लिंग स्थापित है। यही वजह है कि बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव और माता शक्ति की एक साथ पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। नवरात्र के दौरान बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं को शिव और शक्ति, दोनों की आराधना का पुण्य प्राप्त होता है।सप्तमी से नवमी तक बंद रहते हैं तीन मंदिर के पटनवरात्र के दौरान जहां देशभर के मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पट खोल दिए जाते हैं, वहीं बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में एक अलग परंपरा का पालन किया जाता है। यहां माता पार्वती के स्वरूप में स्थापित त्रिपुर सुंदरी, कामाख्या स्वरूपा माता संध्या और मां काली के मंदिरों के पट सप्तमी से नवमी तिथि तक बंद रहते हैं।इस अवधि में न तो स्थानीय पुरोहित और न ही आम श्रद्धालु इन तीनों मंदिरों में स्थापित देवी-विग्रहों का प्रत्यक्ष स्पर्श कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम के सरदार पंडा पंडित गुलाबानन्द ओझा के अनुसार, इस दौरान तीनों मंदिरों के पुजारी जनकल्याण की कामना से तांत्रिक विधि-विधान के तहत पूजा-अर्चना करते हैं।दर्पण में दर्शन कर पूजा करते हैं पुरोहितसरदार पंडा पंडित गुलाबानन्द ओझा ने बताया कि बाबा मंदिर की परंपरा के अनुसार, नवरात्र में मां काली, माता पार्वती और माता संध्या के मंदिरों के पट बंद रहने के दौरान पुरोहित दर्पण के माध्यम से देवी-विग्रहों के दर्शन करते हैं। इसी माध्यम से वे प्रतिदिन की पूजा-अर्चना संपन्न करते हैं। नवमी के बाद तीनों मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिए जाते हैं। इसके बाद भक्त माता के दर्शन कर सामान्य रूप से पूजा-अर्चना कर सकते हैं।शिव और शक्ति की संयुक्त आराधना का विशेष महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम की विशेषता भगवान शिव और माता शक्ति की संयुक्त उपस्थिति है। यही कारण है कि इस पवित्र तीर्थस्थल में पूजा-अर्चना को विशेष फलदायी माना जाता है। नवरात्र के दौरान यहां की परंपराएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी रहती हैं।देवघर से उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट
रांची : दिल्ली में SIR के विरोध में प्रदर्शन रोकने, प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और AISA ने सवाल उठाया है। संगठनों ने आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि संगठन भारत में हो रहे विभिन्न मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। CJP झारखंड के संस्थापक यशवीर सिंह विक्टोरियन पार्लियामेंट में भारत से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। इनमें SIR, वोटर राइट्स, महिला सुरक्षा और पुलिस की कथित बर्बरता जैसे विषय शामिल हैं। इस मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और AISA समेत कई छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।तिरंगा यात्रा को लेकर जल्द बनेगी रणनीतिदिल्ली में तिरंगा यात्रा रोके जाने और गिरफ्तारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर कायना अंजुम ने कहा कि संगठन ने रांची में भी तिरंगा यात्रा की योजना बनाई थी, लेकिन भारी बारिश और लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी के कारण इसे रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में तिरंगा यात्रा को लेकर आगे की रणनीति की जानकारी दी जाएगी। छात्र संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन की तैयारीCJP वक्ताओं ने बताया कि झारखंड में भी लोकतांत्रिक और छात्र संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर स्वतंत्र पत्रकारों, वकीलों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि SIR और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध करने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित स्थलों में बदलाव किया जा रहा है और न्यायालयों के आदेशों की अनदेखी हो रही रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट