रांची:झारखंड की सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को1-0से हराकर गोल्ड मेडल जीता था.शनिवार कोकप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग को आदिवासी संगठनों और पूर्व हॉकी खिलाड़ियों की ओर से सम्मानित किया गया.

सम्मान समारोह के दौरान सलीमा टेटे ने कहा कि जब भी खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट से लौटते हैं, झारखंड में उनका जिस तरह से स्वागत और सम्मान किया जाता है, उससे खिलाड़ियों को काफी मोटिवेशन मिलता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान से युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे हॉकी ही नहीं, बल्कि किसी भी खेल को करियर के तौर पर चुनने के लिए प्रोत्साहित होंगे. उन्होंने कहा कि अभी इस मंच पर चार खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन आने वाले समय में झारखंड के कई और खिलाड़ी इस तरह सम्मानित हों, यही उनकी उम्मीद है. उन्होंने संगीता कुमारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि चोट की वजह से उन्हें कुछ समय तक खेल से दूर रहना पड़ा, लेकिन जल्द ही उनके कमबैक की उम्मीद है.

सलीमा टेटे ने झारखंड सरकार से खिलाड़ियों को और अधिक सहयोग देने की अपील की. उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली हरियाणा की खिलाड़ियों को वहां की सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि झारखंड के खिलाड़ियों के लिए अभी तक पुरस्कार राशि की घोषणा नहीं हुई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार भी खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए जल्द कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सरकार की ओर से आर्थिक सम्मान मिलता है, तो इससे नई पीढ़ी को भी मोटिवेशन मिलेगा. युवा खिलाड़ी देखेंगे कि मेहनत करने पर उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है और भविष्य में उन्हें भी इसका लाभ मिल सकता है.

सलीमा टेटे ने कहा कि सरकार को सिर्फ हॉकी ही नहीं, बल्कि फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल समेत सभी खेलों पर ध्यान देने की जरूरत है. खिलाड़ियों को सहयोग तो मिल रहा है, लेकिन आने वाली पीढ़ी के लिए इसे और बेहतर करने की जरूरत है.

रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-