
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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पटना:बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच मेंEDने कार्रवाई तेज कर दी है। ठेकेदार रिशु श्री से कथित संबंधों और सरकारी टेंडर में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में छह वरिष्ठIASअधिकारियों को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। इनमें आनंद किशोर,संतोष कुमार मल्ल,धर्मेंद्र कुमार,योगेश कुमार सागर,अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव के नाम शामिल हैं। इस मामले में रिशु श्री फिलहाल जेल में बंद है।15अक्टूबर कोHCकी सख्त टिप्पणियों के बाद जांच ने नया मोड़ लिया है।दो अधिकारियों से पूछताछ,धर्मेंद्र कुमार भीEDके सामने पेशमीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव सेEDपूछताछ कर चुकी है। वहीं,IASअधिकारी धर्मेंद्र कुमार से28अक्टूबर को पटना स्थितEDकार्यालय में करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी कथित टेंडर अनियमितताओं,अधिकारियों के साथ रिशु श्री के संपर्क और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।आनंद किशोर को30अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था,जबकि संतोष कुमार मल्ल को29अक्टूबर को तलब किए जाने की जानकारी सामने आई थी। योगेश कुमार सागर को भी पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। अधिकारियों से पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई है,इसका विस्तृत आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।HCने कहा- रिशु श्री सिर्फ मोहरा,असली किरदार पर्दे के पीछे?इस मामले में15अक्टूबर2026कोHCमें रिशु श्री की याचिका पर सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति सत्यव्रत वर्मा की पीठ नेEDकी जांच और बिहार पुलिस की विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिशु श्री कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महज एक मोहरा प्रतीत होता है और मुख्य किरदार पर्दे के पीछे हो सकते हैं। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया किEDकी ओर से छह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के नाम सामने लाए जाने के बावजूद संबंधित मामले में केवल तीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज की गई।अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि कहीं कुछ लोगों को बचाने और कुछ को फंसाने की कोशिश तो नहीं हो रही। मामले की अगली सुनवाई27नवंबर2026को निर्धारित की गई है।आनंद किशोर की भूमिका को लेकर क्या हैं आरोप?आनंद किशोर नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव रह चुके हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार,जांच में रिशु श्री और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। एक बयान के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि रिशु श्री,आनंद किशोर को ‘भैया’ कहकर संबोधित करता था।हालांकि,किसी अधिकारी के साथ व्यक्तिगत परिचय या कथित बातचीत अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है। आनंद किशोर की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।अभिलाषा शर्मा पर भी जांच का दायराअभिलाषा कुमारी शर्मा सीतामढ़ी की तत्कालीन जिलाधिकारी और जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रह चुकी हैं। उपलब्ध आरोपों में रिशु श्री के साथ उनके कथित पारिवारिक संबंधों और विभिन्न जिलों में पदस्थापन के लिए पैरवी किए जाने की बात कही गई है।इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी आवश्यक है।EDकी पूछताछ का उद्देश्य अधिकारियों की भूमिका और कथित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच करना है।योगेश सागर की विदेश यात्रा भी जांच के दायरे मेंबिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक योगेश कुमार सागर की जून2024में ऑस्ट्रिया यात्रा को लेकर भी आरोप सामने आए हैं।दिए गए विवरण के अनुसार,यात्रा में परिवार के छह सदस्यों के शामिल होने और कुल21.92लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। आरोप है कि इसमें से17.65लाख रुपये रिशु श्री के कर्मचारी साहिल सिन्हा और मेसर्स जेम्स इंजीनियरिंग की ओर से नकद चुकाए गए। जांच एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी है कि यात्रा के खर्च और सरकारी ठेकों के बीच कोई संबंध था या नहीं।इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और संबंधित दस्तावेजों से ही हो सकेगी।धर्मेंद्र कुमार पर अस्पताल निर्माण और खरीद से जुड़े आरोपधर्मेंद्र कुमार बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL)के पूर्व प्रबंध निदेशक और सासाराम के तत्कालीन नगर आयुक्त रह चुके हैं।उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ ठेकों में रिशु श्री के कथित सिंडिकेट को फायदा पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही है। इनमें अस्पताल भवनों के निर्माण,बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और स्वच्छता उपकरणों की खरीद से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।EDयह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और संबंधित कंपनियों को किसी तरह का अनुचित लाभ मिला था या नहीं।संतोष कुमार मल्ल पर कमीशन और बिल भुगतान में अनियमितता के आरोपनगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन सचिव संतोष कुमार मल्ल की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट,ड्रेनेज और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी परियोजनाओं में पांच से सात प्रतिशत कमीशन का कथित सिंडिकेट सक्रिय था।इसके अलावा,बिल पास कराने के बदले रिश्वत के लेनदेन और नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।सुनील यादव पर खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपतत्कालीन नगर आयुक्त एवं विभागीय अधिकारी सुनील यादव से नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में खरीद प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पूछताछ की गई है। आरोपों में कूड़ेदान,ई-गवर्नेंस वाहनों और सफाई उपकरणों की खरीद के दौरान सरकारीGeMपोर्टल के नियमों के उल्लंघन तथा कथित तौर पर पसंदीदा कंपनियों को ठेके दिलाने की बात शामिल है।जांच में कथित डिजिटल लेजर और वित्तीय लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि रिशु श्री से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड में अधिकारियों को रिश्वत या उपहार देने से संबंधित प्रविष्टियां थीं। इन रिकॉर्डों की प्रामाणिकता और उनमें दर्ज लेनदेन का वास्तविक स्वरूप जांच का विषय है।अब27नवंबर की सुनवाई पर नजरबिहार के इस कथित टेंडर घोटाले में अबEDकी पूछताछ औरSVUकी जांच अहम मानी जा रही है। पटना हाईकोर्ट ने अपने आदेश में जांच एजेंसियों से वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आने के बावजूद की गई कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा है।27नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई मेंSVUके जवाब और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी। वहीं,EDकी पूछताछ से सरकारी टेंडरों,कथित कमीशन नेटवर्क और अधिकारियों के साथ ठेकेदार के संबंधों को लेकर कौन-से तथ्य सामने आते हैं,यह आगे की जांच से स्पष्ट होगा।पटना से विवेक कुमार की रिपोर्ट
पटना : बिहार में आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अवमानक दवाओं के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी एवं शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. उन्होंने इस दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने और आम नागरिकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया है.अवमानक दवाओं की शिकायत के लिए ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारीस्वास्थ्य विभाग द्वारा अवमानक एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली दवाओं से संबंधित शिकायतों के लिए विशेष ई-मेल आईडीdrugcomplaintbihar@gmail.comतथा फोन नंबर 0612-4619634 जारी किए गए हैं. आम नागरिक ई-मेल के माध्यम से किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं,जबकि फोन नंबर पर सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच शिकायत की जा सकेगी.आम नागरिक इन माध्यमों से एनएसक्यू (NSQ—Not of Standard Quality)अर्थात निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाने वाली दवाओं तथा सब-स्टैंडर्ड दवाओं से संबंधित जानकारी एवं शिकायत विभाग तक पहुंचा सकते हैं. प्राप्त शिकायतों के आधार पर आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी,ताकि लोग बिना किसी संकोच के दवाओं की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे सकें.निगरानी और जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोरस्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दवाओं की वैज्ञानिक जांच,गुणवत्ता मानकों के अनुपालन,नियमित निरीक्षण तथा नकली एवं अवमानक दवाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. साथ ही,आम नागरिकों के बीच गुणवत्तापूर्ण दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य पारदर्शी निगरानी व्यवस्था,समयबद्ध जांच और जनभागीदारी के माध्यम से दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है. शिकायत के लिए विशेष ई-मेल आईडी और निर्धारित समय पर उपलब्ध फोन सुविधा से नागरिकों को दवाओं की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं की जानकारी विभाग तक पहुंचाने में सुविधा होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच बैठकें होंगी.शीतकालीन सत्र को राज्य की नई सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दौरान सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी. साथ ही, सदन में विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को प्रस्तुत किया जा सकता है. हालांकि, सत्र के दौरान किन मुद्दों पर विशेष चर्चा होगी और सरकार कौन-कौन से विधेयक लाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.सरकार की प्राथमिकताओं पर रहेगी नजरसत्र के दौरान राज्य सरकार की विकास योजनाओं, जनहित से जुड़े मुद्दों और विभिन्न विभागों के कामकाज पर चर्चा होने की संभावना है. विपक्ष को भी सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाने का अवसर मिलेगा. ऐसे में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है.विधान परिषद की सीटों पर हाल में संपन्न हुए चुनावों के बाद सदन में नए चेहरे भी नजर आ सकते हैं. इससे विधान परिषद की कार्यवाही में नए सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.मानसून सत्र के बाद दूसरा सत्रइससे पहले बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र20से24जुलाई तक आयोजित किया गया था. उस दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी.अब30 नवंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र सम्राट चौधरी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा. इस दौरान सरकार को अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : राजधानी पटना में बुधवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया. सचिवालय हॉल्ट के पास यारपुर ब्रिज पर लटक रही केबल में अचानक आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि जलते हुए तार रेलवे ट्रैक और ओवरहेड वायर की ओर गिरने लगे. इस दौरान आग की चिंगारियां और जलते हुए टुकड़े नीचे गिर रहे थे. घटना के समय उसी रास्ते से एक ट्रेन गुजर रही थी. गनीमत रही कि ट्रेन आग की चपेट में नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया.दोनों रेल लाइनों पर रोका गया परिचालनघटना बुधवार शाम करीब7:30बजे की है. रेलवे ट्रैक के ऊपर जलते तार गिरने की सूचना के बाद एहतियातन अप और डाउन, दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया. इससे पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल से गुजरने वाली कई ट्रेनों पर असर पड़ा. यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.संपूर्ण क्रांति और तेजस राजधानी भी प्रभावितकेबल में आग लगने के कारण संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक पटना जंक्शन पर खड़ी रही. यह ट्रेन रात7:52बजे पहुंची और रात8:51बजे रवाना हुई. वहीं, तेजस राजधानी एक्सप्रेस को करीब71मिनट तक रोकना पड़ा.राजेंद्र नगर टर्मिनल से दिल्ली जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से66मिनट की देरी से रात8:56बजे रवाना हुई. इसके अलावा आधा दर्जन अन्य ट्रेनों को भी अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा.तकनीकी टीम ने बुझाई आगघटना की जानकारी मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची. टीम ने पहले केबल में लगी आग बुझाई और फिर ट्रैक तथा ओवरहेड वायर के आसपास लटक रहे तारों को हटाया. सुरक्षा जांच और जरूरी कार्रवाई पूरी होने के बाद रेल परिचालन बहाल कर दिया गया.समय रहते रेलवे की ओर से की गई कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया. हालांकि, केबल में आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना सिटी: नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH),पटना में एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. वर्ष 2026 में नामांकित विद्यार्थियों के साथ रैगिंग किए जाने के आरोप में वर्ष 2025 बैच के छात्रों को तीन महीने के लिए कक्षा से निलंबित कर दिया गया है. आरोपों के घेरे में आए विद्यार्थियों को 24 घंटे के भीतर छात्रावास खाली करने का आदेश भी दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद कॉलेज परिसर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है.मामले को लेकर कथित‘रूलबुक-2026’की पीडीएफ चर्चा में है. इसमें सीनियर छात्र-छात्राओं को‘बॉस-मैम’कहकर संबोधित करने,उनके सामने विशेष मुद्रा में खड़े रहने और उनकी आंखों में सीधे नहीं देखने जैसे निर्देश शामिल होने का दावा किया गया है. इसके अलावा सीनियर और शिक्षकों से बहस नहीं करने तथा अपना परिचय देने का निर्धारित प्रारूप भी कथित दस्तावेज में शामिल है.यह मामला राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC),ऑल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी और बिहार ग्रीवांस सेल तक पहुंच गया है. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने कॉलेज प्रशासन से वायरल पीडीएफ की जांच कराने और इसके निर्माण तथा प्रसार के स्रोत का पता लगाने को कहा है. आयोग ने रैगिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों,एंटी रैगिंग स्क्वाड,शिकायत निवारण व्यवस्था और अब तक मिली शिकायतों पर की गई कार्रवाई का भी ब्योरा मांगा है.कॉलेज प्रशासन सभी पक्षों को सुनेगाकॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. उषा कुमारी के अनुसार,गुरुवार को छात्रावास में रहने वाली वर्ष 2023,2024 और 2025 बैच की छात्राओं को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है. शुक्रवार को आरोपित 2025 बैच के छात्रों की बात सुनी जाएगी.प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को सुनने और शिकायतों की सत्यता की जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही,किसी निर्दोष विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने देने और शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने पर भी जोर दिया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई है. मंडी में बनी कई दुकानें जलकर खाक हो गई. अगलगी से काफी अफरा-तफरी मची है. अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर आग बुझाने में लगी है. बताया जा रहा है कि सब्जी मंडी में100से अधिक दुकानों में आग लगी है. दुकानदारों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला. फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. दमकल की टीमआग बुझाने में जुटी है. आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है.पटना से अंकिता सिंह की रिपोर्ट-
पटना:बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली और मिलावटी मसालों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पटना सिटी के मरचा-मरची रोड स्थित शकीरा फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान करीब24लाख रुपये मूल्य के कथित मिलावटी मसाले जब्त किए गए। छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।हल्दी में चोकर और पिसे चावल मिलाने का आरोपप्रारंभिक जांच के दौरान हल्दी में चोकर,पिसे हुए चावल और संदिग्ध रंग मिलाए जाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा मिर्च,गोल मिर्च और धनिया जैसे मसालों में भी मिलावट की आशंका सामने आई है। फैक्ट्री में गंदगी और संदिग्ध सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।मसालों को आकर्षक रंग देने के लिए औद्योगिक रंग के इस्तेमाल की आशंकाजांच के दौरान मसालों को अधिक आकर्षक रंग देने के लिए औद्योगिक रंगों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। हालांकि,मसालों में मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी।शकीरा मसाला ब्रांड के उत्पादों की होगी जांचखाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री से विभिन्न मसालों के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा,ताकि मसालों की गुणवत्ता और उनमें मिलाए गए पदार्थों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। शकीरा मसाला ब्रांड के उत्पादों की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाईखाद्य सुरक्षा विभाग फिलहाल प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले मसालों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री में तैयार मसालों में किस स्तर तक मिलावट की गई थी और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
सम्राट कैबिनेट के बड़े फैसले,बिहार में उद्योग,बिजली,सड़क और विमानन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा,एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्यपटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में28अक्टूबर2026को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास,बुनियादी सुविधाओं के विस्तार,रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में नई एमएसएमई नीति,बिजली वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण,तीन सड़क परियोजनाओं,सहरसा में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना और मोतीपुर में औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्यसम्राट कैबिनेट ने नई एमएसएमई नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और राज्य में एक करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बिहार के सभी38जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित करने और प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता,बाजार,तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए11,096करोड़ रुपयेराज्य में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए अगले तीन वर्षों में वितरण व्यवस्था मजबूत करने के लिए11,096.55करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को6,066करोड़ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को5,030.55करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ट्रांसफॉर्मर,एलटी केबल और वितरण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।तीन सड़क परियोजनाओं को मंजूरीकैबिनेट ने विश्वामित्र पथ,गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ के निर्माण के लिए371करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने और आवागमन आसान होने की उम्मीद है।सहरसा में पायलट प्रशिक्षण की सुविधासहरसा हवाई पट्टी पर उड़ान प्रशिक्षण संगठन स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए मेसर्स जी.आर.डी. एयर एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड को30वर्षों के लिए1,000वर्ग मीटर जमीन पट्टे पर दी जाएगी। इससे बिहार में विमानन प्रशिक्षण की सुविधाओं का विस्तार होगा।मोतीपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावामुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बिहार राज्य चीनी निगम की लगभग151.58एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।इसके अतिरिक्त, बांधों की सुरक्षा और मरम्मत के लिए आठ महीने में कार्ययोजना तैयार करने, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रतिबंध हटाने तथा पशु आहार निर्माण के लिए छोआ और औद्योगिक उपयोग के लिए मेथनॉल के आयात की अनुमति देने से जुड़े फैसले भी लिए गए हैं।सम्राट कैबिनेट के इन फैसलों का व्यापक उद्देश्य बिहार में उद्योगों का विस्तार,आधारभूत संरचना का विकास,निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कर्तव्यपरायण सरकारी अधिकारियों को एक बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है।कोर्ट ने कहा है कि आधिकारिक ड्यूटी के दौरान किए गए काम के लिए किसी अधिकारी को बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के आपराधिक मुकदमे में नहीं घसीटा जा सकता।जस्टिस राणा विक्रम सिंह की एकलपीठ ने हरेन्द्र नाथ दुबे की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।कोर्ट ने शेरघाटी के एसडीजेएम के संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया।शिकायतकर्ता दीपक कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि उस के भाई धीरेन्द्र कुमार सिंह कुमार राइस मिल चलाते हैं। 9 दिसम्बर, 2013 को खाद्य निगम के तत्कालीन जिला प्रबंधक हरेन्द्र नाथ दुबे और अन्य अधिकादरियों ने राइस मिल में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट की और करीब 20 हजार क्विंटल चावल, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये थी,उसे उठा कर ले गए।इस शिकायत पर आईपीसी की विभिन्न धाराओ के तहत संज्ञान लिया गया।कोर्ट को बताया गया कि यह शिकायत बदले की भावना से दायर की गई हैं।दरअसल ,मिल मालिक ने बिहार राज्य खाद्य निगम के साथ 12 अप्रैल,2013 को धान कुटाई का समझौता किया गया था।7 करोड़ 15 लाख रुपए की बैंक गारंटी पर 60 हजार क्विंटल धान दिया गया। लेकिन चावल वापस नहीं किया गया। जिसको लेकर 22 नवम्बर, 2013 को मिल मालिक के खिलाफ 3 करोड़ 48 लाख गबन किये जाने को लेकर अमस थाना कांड संख्या 155/2013 दर्ज किया गया।कोर्ट को बताया गया कि आवेदक सक्षम प्राधिकार के निर्देश पर गठित आधिकारिक टीम के सदस्य थे, जिसने मिल का निरीक्षण, इन्वेंट्री, जब्ती और वीडियोग्राफी की थी। इस पर गया के अपर समाहर्ता ने 23 दिसम्बर, 2013 को अपने रिपोर्ट में आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया था।कोर्ट ने शिकायत में आवेदक के खिलाफ कोई ठोस आरोप नहीं पाते हुये कहा कि सभी आरोप सामान्य और अस्पष्ट हैं।कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता के धारा 197 का हवाला देते हुए कहा कि ईमानदार अधिकारियों को दुर्भावनापूर्ण मुकदमों से बचाना जाना चाहिए।कोर्ट ने संज्ञान आदेश की प्रक्रिया पर भी सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि संज्ञान आदेश किसी क्लर्क के लिखे प्रोफार्मा पर खाली जगह में सिर्फ 'संज्ञान' शब्द भरकर नहीं लिया जा सकता। संज्ञान लेते समय न्यायिक विवेकपूर्ण का प्रयोग दिखाना चाहिए।कोर्ट ने संज्ञान आदेश और उसके बाद की पूरी आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया।पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट
पटना: पटना हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की हृदय गति रुकने से मौत होने पर भी उसके परिजनों को अनुग्रह अनुदान राशि दी जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए,न कि सरकारी संकल्प की तकनीकी व्याख्या के आधार पर सहायता देने से इनकार करना चाहिए।बुधवार को जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा बिक्रम सिंह की खंडपीठ ने जस्टिस संदीप कुमार की एकलपीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। अदालत ने अनुग्रह राशि का भुगतान9प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ करने और याचिकाकर्ता को मुकदमे के खर्च के रूप में25हजार रुपये देने के आदेश को भी बरकरार रखा।क्या है पूरा मामला?मामला पुलिस निरीक्षक जयप्रकाश की ड्यूटी के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। जयप्रकाश गोपालगंज के सदर अंचल में पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात थे। सरस्वती पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें हथुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ तैनात किया गया था।ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें सरकारी वाहन से चिकित्सक के पास ले जाया गया,जहां हृदय गति रुकने के कारण उनकी मृत्यु होने की बात कही गई।मृतक पुलिस निरीक्षक की पत्नी मधु भारती ने अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।सरकार ने क्यों किया था भुगतान का विरोध?राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई थी कि सरकारी प्रावधानों के तहत अनुग्रह राशि का भुगतान उग्रवादी या अन्य हिंसक गतिविधियों में हुई मौत के मामलों में किया जाता है।सरकार का कहना था कि जयप्रकाश की मृत्यु कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनाती के दौरान हृदय गति रुकने से हुई थी। इसलिए इस मामले में अनुग्रह राशि देने का प्रावधान लागू नहीं होता।एकलपीठ ने माना था अनुग्रह राशि का हकदारमामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप कुमार की एकलपीठ ने उपलब्ध तथ्यों और न्यायिक फैसलों के आधार पर मधु भारती को अनुग्रह राशि का हकदार माना था। अदालत ने राशि का भुगतान मृत्यु की तारीख से9प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ करने का निर्देश दिया था।इसके अलावा,याचिकाकर्ता को अनावश्यक रूप से मुकदमा लड़ने के लिए बाध्य किए जाने के मद्देनजर25हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया गया था।राज्य सरकार ने एकलपीठ के इस फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी थी।चार सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देशखंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए एकलपीठ के फैसले को बरकरार रखा और चार सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया।पुलिसकर्मियों के मनोबल पर अदालत की टिप्पणीहाईकोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु होने पर उनके परिजनों को आर्थिक सहायता देने के मामलों में सरकार को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने के लिए मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को नियमानुसार सहायता मिलनी चाहिए।इस फैसले से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण कानूनी संदेश गया है। हालांकि,प्रत्येक मामले में सहायता की पात्रता संबंधित नियमों और परिस्थितियों के आधार पर तय होगी।पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट
पटना:मोकामा से विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जदयू की ओर से सौंपे गए सभी साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही नियमों के तहत आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष से की शिकायतजानकारी के अनुसार, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने विधायक अनंत सिंह के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में अनंत सिंह पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।जदयू ने इन आरोपों के आधार पर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।वीडियो फुटेज और दस्तावेज सौंपे गएशिकायत के साथ जदयू की ओर से वीडियो फुटेज, अखबारों की कटिंग और अन्य दस्तावेज भी विधानसभा अध्यक्ष को उपलब्ध कराए गए हैं। पार्टी ने इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की मांग की है।जांच के बाद होगा आगे का फैसलाविधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। मामले में विधानसभा अध्यक्ष की जांच और आगामी फैसले पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचलजदयू की शिकायत के बाद इस मामले ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की समीक्षा के बाद विधानसभा अध्यक्ष क्या निर्णय लेते हैं।हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर ही सदस्यता समाप्त नहीं होती। इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और जांच के निष्कर्षों के अनुसार लिया जाएगा।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
Patna : पटना हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में मनमानी पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए ठेकेदार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ मामूली तकनीकी बहाने लगा कर एल-1ठेकेदार को बाहर करना पूरी तरह मनमाना और गैरकानूनी है. साथ ही एकलपीठ के फैसले पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है. वहीं पांच लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया.जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा और जस्टिस विकास कुमार की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की. ये मामला ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा टेंडर जारी करने से सम्बन्धित था.30जनवरी, 2017को टेंडर कमेटी ने आवेदक सहित5बोलीदाताओं को तकनीकी रूप से योग्य पाया.3फरवरी, 2017को वित्तीय बिड खुलने पर आवेदक को एल-1घोषित किया गया.लेकिन विधायक के शिकायत पर जांच हुई. टेंडर कमेटी ने एल-1और एल-2को स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट (एसबीडी) की धारा4.5बी (बी) का पालन नहीं करने का आरोप लगा दोनों को अयोग्य घोषित कर टेंडर रद्द कर दिया और नया टेंडर जारी कर दिया. दूसरे टेंडर में मेसर्स लक्ष्मण कुमार को एल-1घोषित कर काम दे दिया गया जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई.एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि ठेकेदार को बाहर करने का आधार टिकने लायक नहीं है. तब तक काम80%पूरा हो चुका था. एकलपीठ ने काम वापस दिलाने के बजाय ठेकेदार को5लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश राज्य सरकार को दिया. राज्य सरकार ने एकलपीठ के आदेश को अपील दायर कर चुनौती दी.राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि एल-1 घोषित होने से कोई कंकलुडेड कॉन्ट्रैक्ट नहीं बनता, ठेकेदार ने नया टेंडर में हिस्सा भी नहीं लिया, और नुकसान का कोई दावा नहीं किया. एकलपीठ के5 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश को गलत बताया. कोर्ट ने सरकार के दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब स्टांप पेपर शपथकर्ता के नाम से होने का कोई शर्त नहीं रखी गई थी,तो फिर उस आधार पर किसी को अयोग्य ठहराना मनमानी है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना के स्ट्रैंड रोड स्थित पार्टी के आईटी सेल कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईटी सेल के कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने पार्टी के विचारों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।आईटी सेल के कार्यों की समीक्षानिरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार ने आईटी सेल के सदस्यों से उनके कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी के विचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए,ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।आईटी सेल के सदस्यों की सराहनानीतीश कुमार ने आईटी सेल के सदस्यों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने सदस्यों से तत्परता,निष्ठा और समर्पण के साथ काम करते रहने की अपील की। उनके निरीक्षण को लेकर कार्यालय में मौजूद आईटी सेल के सदस्यों में उत्साह देखने को मिला।कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूदइस मौके पर विधान पार्षद ललन सर्राफ भी मौजूद रहे। इसके अलावा जदयू के प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी (आईटी) मनीष कुमार सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचने पर जोरनीतीश कुमार के इस दौरे के दौरान पार्टी के डिजिटल नेटवर्क को मजबूत बनाने और सोशल मीडिया के जरिए जनता से संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आईटी सेल को पार्टी के विचारों और सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया गया।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 से 31 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।कई जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावनामौसम के संभावित बदलाव के कारण बिहार के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं,कुछ इलाकों में तेज बारिश और आंधी चलने की आशंका है। खराब मौसम के कारण निचले इलाकों में जलभराव होने और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है।किसानों की बढ़ सकती है परेशानीतेज हवा और बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासकर केले,पपीते,आम और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवा के कारण फसलें गिर सकती हैं,जबकि बारिश से खेतों में पानी जमा होने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।आंधी-बारिश के दौरान बरतें सावधानीसंभावित खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। तेज हवा के दौरान पेड़ों,बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचें। जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।31अक्टूबर तक मौसम पर रहेगी नजरबिहार में28से31अक्टूबर के बीच मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना है। ऐसे में लोगों के साथ-साथ किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश और तेज हवा की वास्तविक स्थिति जिलेवार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में जातीय समीकरण और दलों के प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में हुए इस चुनाव में भूमिहार समाज से आने वाले प्रत्याशियों ने सबसे अधिक सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, यादव, राजपूत और मल्लाह समाज के उम्मीदवारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.भूमिहार समाज के पांच प्रत्याशियों को मिली जीतचुनाव परिणामों के मुताबिक, आठ सीटों में पांच पर भूमिहार समाज के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की. इनमें तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह, पटना शिक्षक सीट से राजद के संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक सीट से जदयू के नीरज कुमार, दरभंगा शिक्षक सीट से जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय और दरभंगा स्नातक सीट से भाजपा के सर्वेश कुमार शामिल हैं.कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. एनके यादव ने जीत दर्ज की. वे यादव समाज से आते हैं. सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने सफलता हासिल की, जबकि तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी विजयी रहे, जो मल्लाह समाज से आते हैं.भाजपा तीन सीटों के साथ सबसे आगेपार्टीवार परिणामों में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की. जदयू, राजद और जन सुराज को एक-एक सीट मिली, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की. सारण शिक्षक सीट से जीते राहुल राज को भाजपा का बागी बताया गया है.कई सीटों पर बदले राजनीतिक समीकरणपटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के नवल किशोर यादव को हराया. दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय की जीत से पार्टी का बिहार विधान परिषद में खाता खुला. कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने राजद प्रत्याशी को लगभग10हजार मतों से पराजित किया.इन नतीजों ने बिहार की राजनीति में जातीय प्रतिनिधित्व, स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ को लेकर नई बहस छेड़ दी है. हालांकि, इन आठ सीटों के परिणामों के आधार पर पूरे बिहार के मतदाताओं की राजनीतिक पसंद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद मोकामा के निष्कासित जदयू विधायक अनंत सिंह के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं. तीन दिन पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले अनंत सिंह ने बुधवार को पार्टी को लेकर नरम रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि पार्टी मालिक है और उन्होंने कभी जदयू का विरोध नहीं किया है.पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह की हार के बाद अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका विरोध जदयू से नहीं, बल्कि पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार से है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नीरज कुमार यदि उनके खिलाफ बोलना बंद कर दें तो वह भी उनके बारे में कुछ नहीं बोलेंगे. अनंत सिंह के मुताबिक, विरोध की शुरुआत नीरज कुमार की ओर से हुई थी.नीरज कुमार से नाराजगी बरकरारअनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक तल्खी की एक बड़ी वजह दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़ा मामला भी माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, नीरज कुमार इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जिसके बाद अनंत सिंह की नाराजगी बढ़ गई.हालांकि, चुनाव परिणाम पर अनंत सिंह ने सहजता से अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जनता ने जिसे वोट दिया, उसकी जीत हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नीरज कुमार को जीत की बधाई देंगे, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया. इससे स्पष्ट है कि जदयू को लेकर नरमी के बावजूद नीरज कुमार के प्रति उनकी नाराजगी बरकरार है.नीतीश कुमार के प्रति प्रतिबद्धता दोहराईअनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई. वहीं, विधानसभा की सदस्यता जाने की संभावना को लेकर उन्होंने बेफिक्र अंदाज दिखाया.इस बीच, सरकार ने उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटा दिया है. उन्हें सरकारी आवास खाली करने के लिए25नवंबर तक का समय दिया गया है.राजनीतिक संकेत: चुनाव परिणाम के बाद अनंत सिंह के बदले बयान और जदयू के प्रति नरम रुख ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है. हालांकि, नीरज कुमार के साथ उनका विवाद फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना के मिलर हाई स्कूल परिसर स्थित ऐतिहासिक पानी टंकी के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं कैफेटेरिया निर्माण कार्य का शिलान्यास किया. यह पहल राजधानी पटना की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, शहरी सौंदर्यीकरण तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.परियोजना के तहत ऐतिहासिक पानी टंकी के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए उसका जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण किया जाएगा. इसका उद्देश्य ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ परिसर को अधिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाना है. इस परियोजना के अंतर्गत पानी टंकी के चारों ओर गोलाकार पाथ-वे का निर्माण, लैंडस्केपिंग तथा आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके अतिरिक्त, पर्यटकों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा के लिए परिसर में एक आधुनिक कैफेटेरिया भवन का निर्माण भी किया जाएगा.नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पटना नगर निगम के अंतर्गत क्रियान्वित होनेवाली यह परियोजना ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और राजधानी की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पानी टंकी के जीर्णोद्धार, सौंदर्गीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि न्यूनतम हस्तक्षेप एवं मूल स्थापत्य स्वरूप के अधिकतम संरक्षण के सिद्धांत के अनुरूप पारंपरिक, टिकाऊ एवं संरचना अनुकूल सामग्रियों से जीर्णोद्धार कार्य किया जायेगा. जीर्णोद्धार, सौंदर्गीकरण कार्य से संबंधित एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत किया गया.मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक पानी टंकी परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी आधारभूत संरचना के विकास, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. मिलर हाई स्कूल परिसर स्थित ऐतिहासिक पानी टंकी के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्गीकरण की यह पहल इसी संकल्प को आगे बढ़ाती है. पटना की महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करते हुए मिलर हाई स्कूल परिसर को एक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक विरसत स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा.इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुमार, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, उप महापौर रेशमी चन्द्रवंशी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर० पुडुकलकट्टी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:राष्ट्रीय एकता दिवस2026 के अवसर पर बिहार से1100 यात्रियों का जत्था गुजरात के एकता नगर के लिए रवाना हुआ। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पहुंचकर विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा में बिहार के22 नक्सल-मुक्त जिलों के यात्री शामिल हैं, जो गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे हैं।22नक्सल-मुक्त जिलों के यात्री शामिलराष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर आयोजित इस विशेष यात्रा के लिए रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई। इसके जरिए बिहार के विभिन्न जिलों से आए कुल1100 यात्रियों को गुजरात के एकता नगर भेजा गया है। यात्रा में राज्य के22 नक्सल-मुक्त जिलों के प्रतिभागी शामिल हैं।CMसम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडीमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे और यात्रियों से जुड़ी इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यात्रियों की गुजरात यात्रा की शुरुआत हुई।राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में लेंगे हिस्सागुजरात का एकता नगर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय एकता दिवस देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।बिहार से रवाना हुए1100 यात्री भी इसी अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस विशेष यात्रा के जरिए राज्य के विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलेगा।पटना से विवेक की रिपोर्ट
पटना :बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम में एनडीए और विपक्षी दलों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला. बुधवार को छह सीटों के परिणाम सामने आए,जबकि दरभंगा स्नातक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी रही. चुनाव परिणामों में भाजपा,राजद,जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चार सीटों में भाजपा,राजद,जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की. तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा समर्थित नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी हुए. दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज समर्थित सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज की. वहीं,पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराकर बड़ा उलटफेर किया. इस जीत के साथ नवल किशोर यादव के लगभग तीन दशक पुराने चुनावी वर्चस्व का अंत हो गया. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज की.स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी सीट से भाजपा के डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की. उन्होंने राजद प्रत्याशी नितेश यादव को नौ हजार से अधिक मतों से पराजित किया. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने चौथी बार इस सीट पर सफलता हासिल की.दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित सर्वेश कुमार मतगणना के सातवें दौर के बाद 11,910 मतों के साथ आगे चल रहे थे. राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा को 10,491 मत मिले थे.वहीं,तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर ब्रजवासी ने बढ़त बना रखी थी. दूसरी वरीयता के मतों की गिनती से परिणाम तय होने की प्रक्रिया जारी थी.चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत और हार की समीक्षा शुरू कर दी है. इन नतीजों को आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-