निदेशक से मांगी प्रगति रिपोर्ट, विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद जल्द भरने का निर्देश
पटनाःबिहार के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIMS) में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए संस्थान के निदेशक से प्रगति रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की खंडपीठ ने विकास कुमार उर्फ गुड्डू बाबा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को होगी।
रिक्त पदों को जल्द भरने का निर्देश
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द भरने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही अदालत ने पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरने की आवश्यकता जताई थी। अब अदालत ने संस्थान के निदेशक से इस दिशा में हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
जनहित याचिका में उठाया गया चिकित्सा सुविधाओं का मुद्दा
यह जनहित याचिका विकास चन्द्र उर्फ गुड्डू बाबा ने दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। ऐसे में पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान राज्य के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है।
याचिका में कहा गया है कि संस्थान में हृदय रोग के उपचार के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहां विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। लेकिन बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली रहने से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
आरटीआई से मिली जानकारी के बाद दायर हुई याचिका
याचिकाकर्ता के अनुसार, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त होने की बात सामने आई थी। इसके बाद इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।
याचिका में मांग की गई है कि संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों के सभी रिक्त स्वीकृत पदों को भरा जाए। साथ ही, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रिक्त पैरामेडिकल पदों पर भी जल्द नियुक्ति की जाए। अब इस मामले में 20 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में संस्थान की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट पर अदालत की नजर रहेगी।
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट

