रांची: झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग की CT-MIC परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नए सिस्टम इंटीग्रेटर के साथ इकरारनामा किया गया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति में विभाग और चॉइस कंसल्टेंसी के बीच यह समझौता हुआ। नई कंपनी को छह महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना के जरिए राजस्व संग्रह की व्यवस्था मजबूत होगी और राज्य की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

छह महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
वाणिज्य कर विभाग की CT-MIC परियोजना के तहत नए सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में चॉइस कंसल्टेंसी को काम सौंपा गया है। इकरारनामा होने के बाद अब कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना से संबंधित कार्यों को पूरा करना होगा।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य कर संग्रह की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। खासकर कारोबार और विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाले राजस्व की निगरानी बेहतर होने से राजस्व संग्रह में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

खनन क्षेत्र से राजस्व बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान खनन क्षेत्र से जुड़े राजस्व के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि झारखंड में खनिज संसाधनों की प्रचुरता है, लेकिन खनन गतिविधियों में चलने वाले वाहनों और उनसे जुड़े परिचालन की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने से राजस्व संग्रह में चुनौतियां आती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि खनन क्षेत्र में चलने वाले वाहनों और संबंधित गतिविधियों की निगरानी को व्यवस्थित किया जाए, तो राज्य के राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
इस दिशा में तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था की भूमिका अहम मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि CT-MIC परियोजना के माध्यम से राजस्व संग्रह की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

केंद्र की आर्थिक नीतियों पर वित्त मंत्री ने उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाली अनुदान राशि में लगातार कटौती हो रही है, जिससे झारखंड को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मनरेगा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि योजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी पहले कुल खर्च का 90 प्रतिशत हुआ करती थी। उन्होंने केंद्र की नीतियों के कारण राज्यों पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

MMDR के प्रावधानों से राज्य के हितों पर चर्चा
कार्यक्रम में खनन क्षेत्र और राज्य के राजस्व से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई। मंत्री ने कहा कि झारखंड की जमीन से खनिजों का दोहन होता है, लेकिन खनन गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने MMDR से जुड़े प्रावधानों के संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य के खनिज संसाधनों से होने वाली आय तथा स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखना जरूरी है।

राजस्व संग्रह में सुधार की उम्मीद
CT-MIC परियोजना के तहत नए सिस्टम इंटीग्रेटर के साथ हुआ इकरारनामा झारखंड में राजस्व संग्रह की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कर संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी बेहतर होने और राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।


रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट