

शुक्रवार, 06 नवंबर 2026
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रांचीः राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित पोखरटोली मैदान में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। उनकी निशानदेही पर बिहार से हथियार लाकर सप्लाई करने वाले एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करण गोप, आदित्य कुमार और अभिषेक सिंह उर्फ अभिषेक कुमार उर्फ सुलतान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, करण का संबंध राहुल दुबे गिरोह के एक गुर्गे से है, जबकि आदित्य उसका सहयोगी बताया जा रहा है। वहीं, अभिषेक बिहार से हथियार लाकर उनकी खरीद-बिक्री करता था।पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि करण ने अभिषेक से दो हथियार खरीदे थे। इनमें से एक हथियार राहुल दुबे गिरोह के एक गुर्गे को दिया गया था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।प्रारंभिक जांच में आशंका है कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और हथियार तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांचीःसेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के भौतिकी विभाग में32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC)-2026 के तहत जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में करीब25 स्कूलों के150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।पांच विषयों पर छात्रों ने प्रस्तुत किए शोध और नवाचारइस वर्ष की थीम'सस्टेनेबिलिटी के लिए साइंस और इनोवेशन' रखी गई है। विद्यार्थियों ने अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जल, खाद्य एवं स्वास्थ्य तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर अपने शोध और नवाचार प्रस्तुत किए।मौलिक विचारों और वैज्ञानिक जिज्ञासा पर दिया गया जोरइस अवसर पर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने छात्रों को वैज्ञानिक सोच और मौलिक विचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आसान से लगने वाले सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हो सकती हैं। उन्होंनेAI का उपयोग केवल सहायक उपकरण के रूप में करने और अपने मौलिक विचारों पर काम करने की सलाह दी।विशेषज्ञों की टीम ने किया छात्रों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकनकार्यक्रम में विशेषज्ञों की टीम ने छात्रों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया। चयनित विद्यार्थियों के नाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए भेजे जाएंगे।कार्यक्रम में कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. स्वरत चौधरी, डॉ. फादर अजय अरुण मिंज सहित कई शिक्षाविद और विशेषज्ञ मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित तौर पर वोटरों के नाम काटे जाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी,झारखंड और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दो अलग-अलग पत्र लिखे हैं। पत्रों में मतदाता सूची से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं। प्रदीप यादव ने राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार कर इस मुद्दे पर खुली बहस करने की मांग की है।10लोगों के नाम बताने की चुनौती पर प्रदीप यादव का पलटवारमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को लिखे पत्र में प्रदीप यादव ने मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर दिए गए एक बयान पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को10ऐसे लोगों के नाम बताने की चुनौती दी गई थी,जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।प्रदीप यादव ने कहा कि जब तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित नहीं होती,तब तक नाम कटने या नहीं कटने का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अधूरी प्रक्रिया के आधार पर किसी राजनीतिक दल को गलत साबित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही अभी नाम नहीं कटे हों,लेकिन करीब1करोड़7लाख मतदाता इस आशंका में हैं कि कहीं उनका नाम मतदाता सूची से हटा न दिया जाए।2.64करोड़ मतदाताओं में44लाख से अधिक की स्थिति पर सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में मतदाता सूची के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में करीब2करोड़64लाख मतदाता हैं,जबकि लगभग44लाख मतदाताओं के संबंध में अलग से सूचनाएं या प्रक्रियागत कार्रवाई सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां हो रही हैं। उनके अनुसार,इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य से विरोधी विचारधारा वाले मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश हो सकती है।सरैयाहाट और मुफस्सिल क्षेत्र के उदाहरण देकर उठाए सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में सरैयाहाट और मुफस्सिल क्षेत्र के दो उदाहरणों का उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म गलत तरीके से जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा किSDD की सूची में शामिल नामों को लेकर जो चुनौती दी गई थी, उसमें करीब पांच प्रतिशत लोगों का मामला सामने आया है। उन्होंने पौड़ेयाहाट की सरिता देवी का उदाहरण देते हुए भी मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि पुराने मतदाताओं के सामने फॉर्म-6 भरने जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम और परेशानी की स्थिति पैदा हो रही है।एक साल की सजा के प्रावधान का भी किया जिक्रमतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में गलत जानकारी देने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए प्रदीप यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून और मतदाता पंजीकरण नियमावली का हवाला दिया। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण नियमावली1960 के नियम21 का उल्लेख करते हुए कहा कि अनजाने में छूटे नामों को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रावधान है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और आम मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।अमित शाह को लिखे पत्र में लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवालकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में प्रदीप यादव ने लोकतंत्र की स्थिति और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र बचाने की बात करने वाली भाजपा की सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने ईडी, सीबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। प्रदीप यादव ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार मतदान का अधिकार है और यदि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने की आशंका पैदा होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों में बदलाव पर भी सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने से संबंधित प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को लेकर बनाए गए नए कानूनी प्रावधानों से उसकी जवाबदेही प्रभावित हुई है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और अन्य संवैधानिक पदों की भूमिका में बदलाव तथा चुनाव आयुक्तों को दिए गए संरक्षण का मुद्दा भी उठाया।बंगाल,उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मामलों का दिया हवालाप्रदीप यादव ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़े कुछ मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में करीब48 लाख41 हजार लोगों ने न्यायाधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखा, लेकिन उनके अनुसार एक लाख से भी कम लोगों को राहत मिल पाई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक मामले का जिक्र करते हुए मतदाता सूची में करीब10 हजार नामों में बदलाव और एक एसडीएम के निलंबन का दावा किया।वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद की दो विधानसभा सीटों से जुड़े मामले में उन्होंने चुनावी फुटेज और कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। इन सभी उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार कर खुली बहस करे भाजपा- प्रदीप यादवप्रदीप यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े सवालों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय खुली बहस होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। भाजपा को चुनौती स्वीकार कर तथ्यों के आधार पर बहस करनी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) में OMR शीट से छेड़छाड़ और वित्तीय अनियमितता के मामले में आरोपी मनोज कुमार को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने CID थाना कांड संख्या 16/2026 में उन्हें जमानत दे दी है। इससे पहले निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।OMR शीट से छेड़छाड़ मामले में चल रही CID जांचJPSC 14वीं PT परीक्षा में कथित OMR शीट छेड़छाड़ और वित्तीय गड़बड़ी को लेकर CID जांच कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा में अनुचित तरीके से सफलता दिलाने के नाम पर कथित लेन-देन का मामला सामने आया था।परीक्षा पास कराने के लिए 5 लाख रुपये की डील का आरोपCID की जांच में परीक्षा पास कराने के नाम पर 5 लाख रुपये की कथित डील का खुलासा होने की बात सामने आई है। वहीं, अंतिम चयन कराने के नाम पर 30 लाख से 60 लाख रुपये तक की डील किए जाने का आरोप भी जांच के दायरे में है।निचली अदालत से राहत नहीं मिलने पर पहुंचे थे हाईकोर्टआरोपी मनोज कुमार की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज होने के बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें इस मामले में राहत मिली है।जांच के दायरे में OMR और वित्तीय लेन-देनJPSC 14वीं PT परीक्षा से जुड़े इस मामले में CID OMR शीट से कथित छेड़छाड़, परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपी को जमानत मिलने का मतलब आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है। मामले में जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।रांची से राहुल की रिपोर्ट
रांची: बाबा बागेश्वर के भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। इस मामले को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में नाराजगी के बीच झारखंड की राजधानी रांची में भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया है। गुरुवार को राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता हटिया डीएसपी कार्यालय पहुंचे और बाबा बागेश्वर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर आवेदन दिया। साथ ही उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।हटिया डीएसपी कार्यालय पहुंचकर जताया विरोधगुरुवार को राजद नेता कैलाश यादव समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हटिया डीएसपी कार्यालय पहुंचकर बाबा बागेश्वर के कथित बयान पर नाराजगी जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने मामले में कानूनी कार्रवाई करने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर इस तरह की बयानबाजी से समाज में विवाद और असंतोष की स्थिति पैदा हो सकती है।समाज को बांटने का काम कर रहे बाबा बागेश्वर-कैलाश यादवइस मौके पर राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि बाबा बागेश्वर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर भेदभाव दिखाने की कोशिश की है, जिसे सनातनी समाज किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में बाबा बागेश्वर के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। जब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक विरोध का सिलसिला जारी रखने का संकल्प लिया गया है।गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की चेतावनीसामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में जिम्मेदार लोगों को अपने बयानों में संयम बरतना चाहिए। फिलहाल इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रांची: झारखंड सरकार के कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच वेतन पैकेज संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुआ समझौताइस महत्वपूर्ण अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार (आईएएस), विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह (आईएएस) और वित्त सचिव प्रशांत कुमार (आईएएस) सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से अंचल प्रमुख गुणानंद गामी, उपमहाप्रबंधक रंजीत (ईको सिस्टम हब, पटना), क्षेत्र प्रमुख कुन्दन कुमार सिन्हा, सहायक महाप्रबंधक संदीप रंजन सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।कर्मचारियों को मिलेंगी बेहतर वित्तीय सुविधाएंइस एमओयू के माध्यम से झारखंड सरकार के कर्मचारियों को वेतन पैकेज के तहत बेहतर बैंकिंग सुविधाएं, वित्तीय सुरक्षा और विभिन्न वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने के साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।बैंक ने जताई बेहतर सेवाएं देने की प्रतिबद्धताइस अवसर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख गुणानंद गामी ने कहा कि बैंक झारखंड सरकार के कर्मचारियों को उत्कृष्ट बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने और उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बैंक का प्रयास है कि विकास और समृद्धि के अवसर राज्य सरकार में कार्यरत सभी कर्मचारियों तक पहुंचें। वहीं, क्षेत्र प्रमुख कुन्दन कुमार सिन्हा ने झारखंड सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता बैंक और राज्य सरकार के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और साझेदारी का महत्वपूर्ण प्रतीक है।वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण को मिलेगा बढ़ावायूनियन बैंक ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच हुआ यह समझौता राज्य के कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल है। बैंक ने उम्मीद जताई कि इस साझेदारी से भविष्य में राज्य के विकास, वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी। इस समझौते से राज्य सरकार और बैंक के बीच संस्थागत सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची: झारखंड में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके पुराने सरकारी वाहनों के व्यवस्थित निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी। इसको लेकर परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन, रांची स्थित प्रथम तल सभागार में राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया गया।परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि राज्य में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग एवं निस्तारण की प्रक्रिया भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना जरूरी है।दुर्घटनाग्रस्त और अनुपयोगी वाहनों का होगा निस्तारणसचिव ने कहा कि इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण यह निर्धारित करना है कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाना है। विशेष रूप से पुलिस थानों में दुर्घटनाग्रस्त और लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों के अलावा अन्य विभागों के ऐसे सरकारी वाहन, जो मरम्मत योग्य नहीं हैं या जिनका इस्तेमाल व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, उनका निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण किया जाएगा।सरकारी राजस्व बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोरराजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और सरकारी राजस्व बढ़ाने से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन स्क्रैपिंग से संबंधित वित्तीय एवं राजस्व संबंधी प्रावधानों का लाभ संबंधित विभागों को मिलेगा। वहीं, स्क्रैपिंग के बाद परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि सरकारी राजकोष में जमा होगी।MSTC और GeM पोर्टल से होगी प्रक्रियाबैठक में MSTC एवं RVSF के प्रतिनिधियों ने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी दी। अधिकारियों को MSTC एवं GeM पोर्टल पर पंजीकरण, संबंधित वाहनों का विवरण अपलोड करने, नीलामी की प्रक्रिया और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के माध्यम से वाहनों के निस्तारण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्क्रैपिंग के लिए आवश्यक दस्तावेजों, विभागीय जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रियाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।विभागीय अधिकारियों को समय पर कार्रवाई के निर्देशपरिवहन सचिव ने सभी विभागों के नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से समझें और अपने-अपने विभागों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के किसी भी चरण में तकनीकी समस्या या संदेह होने पर परिवहन विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। बैठक में विभिन्न विभागों के नामित नोडल पदाधिकारियों के अलावा MSTC, GeM और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस पहल से राज्य में पुराने एवं अनुपयोगी सरकारी वाहनों के पारदर्शी निस्तारण के साथ सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और सुशासन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
रांची: रांची स्थित आजसू पार्टी कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने की। इसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, पार्टी का जनाधार बढ़ाने और आगामी दिनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।सभी प्रखंडों में संगठन मजबूत करने की तैयारीबैठक के बाद आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने बताया कि आने वाले दिनों में पार्टी राज्य के सभी प्रखंडों में संगठन को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत महिला और छात्र संगठनों को सशक्त बनाने के साथ प्रत्येक प्रखंड में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा सभी जिलों में संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाया जा सके।ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ेगी पार्टी की सक्रियताप्रवीण प्रभाकर ने बताया कि पार्टी शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार करेगी। इन सभी संगठनात्मक कार्यक्रमों की शुरुआत इसी महीने से की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए पार्टी जनता के बीच अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगी।राज्य सरकार पर आजसू ने साधा निशानाबैठक के दौरान राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए। प्रवीण प्रभाकर ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रही है। उनके मुताबिक, राज्य में विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं और सरकारी विफलताओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी सरकार की नाकामियों को जनता के सामने उजागर करेगी और जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगी।बैठक में संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर आगे की रणनीति तय की गई।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
सरायकेला/रांची: संथाली भाषा, ओलचिकी लिपि और संथाली शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर आदिम डेवलपमेंट सोसायटी ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने सचिव बाबु राम सोरेन के नेतृत्व में रांची स्थित लोक भवन में झारखंड के राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संथाली भाषा और शिक्षा से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों को राज्यपाल के समक्ष रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।संथाली शिक्षकों की रिक्तियों पर नियुक्ति की मांगप्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष पहली मांग रखते हुए कहा कि झारखंड के सरकारी विद्यालयों में संथाली भाषा के शिक्षकों के रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति की जाए। इससे संथाली भाषी विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा और मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।कक्षा 1से12वीं तक ओलचिकी लिपि में पढ़ाई की मांगदूसरी प्रमुख मांग झारखंड के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक संथाली भाषा का पठन-पाठन ओलचिकी लिपि में अनिवार्य रूप से शुरू करने की है। सोसायटी का कहना है कि इससे संथाली भाषा, साहित्य और आदिवासी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों तक भाषा की विरासत पहुंचाने में मदद मिलेगी।संथाली को प्रथम राजभाषा घोषित करने की मांगप्रतिनिधिमंडल ने तीसरी मांग के रूप में संथाली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा घोषित करने की मांग उठाई। सोसायटी का तर्क है कि राज्य में संथाल समुदाय की बड़ी आबादी और संथाली भाषा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता को देखते हुए इसे राज्य में विशेष राजकीय भाषा का दर्जा मिलना चाहिए।राज्यपाल ने दिया उचित पहल का आश्वासनप्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि सभी विषयों को संज्ञान में लिया जाएगा और उचित कार्रवाई के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। साथ ही, इन मुद्दों को झारखंड के मुख्यमंत्री के समक्ष भी भेजने की बात कही गई। इस मुलाकात के दौरान आदिम डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष विदेश चंद्र सोरेन, सचिव बाबु राम सोरेन, बनमाली हांसदा और सुदन टुडू समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।भाषा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण की उम्मीदमुलाकात के बाद आदिम डेवलपमेंट सोसायटी ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार संथाली भाषा के संवैधानिक, शैक्षणिक और भाषाई अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। सोसायटी का मानना है कि संथाली शिक्षकों की नियुक्ति, ओलचिकी लिपि में पढ़ाई और भाषा को राजकीय पहचान मिलने से झारखंड में संथाली भाषा के संरक्षण एवं विकास को नई दिशा मिलेगी।विजय की रिपोर्ट
नई दिल्ली/रांचीः झारखंड की साहित्यिक प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हिंदी साहित्यकार एवं विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. मेघा रानी को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘हिंदी गौरव सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुति और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।विश्व हिंदी परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन’ था। इसमें देश-विदेश के प्रख्यात साहित्यकारों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और हिंदी भाषा के विद्वानों ने भाग लिया।सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. मेघा रानी ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उनके शोध की गंभीरता, विषय की प्रासंगिकता, अकादमिक दृष्टिकोण और प्रभावशाली प्रस्तुति को उपस्थित विद्वानों एवं प्रतिनिधियों ने सराहा। उनके साहित्यिक योगदान और शोध कार्यों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2026 के ‘हिंदी गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया।झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धिडॉ. मेघा रानी की यह उपलब्धि झारखंड की साहित्यिक प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता का राष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण परिचय है। अपनी मेहनत, लगन और साहित्य के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उनका सम्मान राज्य की युवा पीढ़ी, विशेषकर महिला साहित्यकारों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।अनिल अमिताभ पन्ना ने दी बधाईडॉ. मेघा रानी की इस उपलब्धि पर सोशल एक्टिविस्ट एवं ट्राइबल लीडर अनिल अमिताभ पन्ना ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान भवन, नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की बेटी का सम्मानित होना पूरे राज्य के लिए गर्व और सम्मान की बात है।पन्ना ने कहा कि डॉ. मेघा रानी ने अपनी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट शोध के माध्यम से झारखंड का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि से राज्य की नई पीढ़ी को शिक्षा, शोध, साहित्य और रचनात्मक कार्यों के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ ज्ञान, कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में भी समृद्ध है। राज्य की ऐसी प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की पहचान को और मजबूत कर सकें। डॉ. मेघा रानी को मिला ‘हिंदी गौरव सम्मान–2026’ निश्चित रूप से झारखंड के साहित्यिक जगत के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।संदीप यादव की रिपोर्ट
ग्रामीण विकास विभाग की पहल से महिला उद्यमियों को मिल रहा रोजगार और पहचान,किसान उत्पादक संगठनों (FPO/FPC)के माध्यम से बाजार तक पहुंच रहे दीदियों के उत्पाद;अब घर बैठे मंगवा सकेंगे पलाश हनी और देसी ब्राउन अंडेरांची: झारखंड सरकार का ग्रामीण विकास विभाग ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। सरकार की पहल से अब गांवों की महिलाएं पारंपरिक हुनर को रोजगार का माध्यम बना रही हैं। जंगलों से प्राप्त प्राकृतिक शहद के उत्पादन से लेकर देसी ब्राउन अंडों की बिक्री तक,ग्रामीण महिला उद्यमी स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।सरकार इन महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPC)की मदद ले रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार से जोड़ना और उनकी आमदनी के नए रास्ते खोलना है।जंगलों के प्राकृतिक शहद को मिल रही नई पहचानझारखंड के जंगलों से प्राप्त प्राकृतिक शहद अब बाजार में पलाश हनी के नाम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। स्वाद और पौष्टिक गुणों से भरपूर इस शहद के उत्पादन और बिक्री में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी है। ग्रामीण विकास विभाग की पहल से महिला उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बिक्री की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इच्छुक ग्राहक अपने नजदीकी किसान उत्पादक संगठन (FPC)से संपर्क कर पलाश हनी मंगवा सकते हैं।देसी ब्राउन अंडों की बिक्री से बढ़ेगी महिला उद्यमियों की आमदनीग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित देसी ब्राउन अंडों को भी बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। इन अंडों की खासियत इनकी ताजगी और स्थानीय उत्पादन है। सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को सीधे महिला उत्पादकों से उत्पाद खरीदने का अवसर मिले। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और महिलाओं को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।FPCके माध्यम से बाजार से जुड़ रहीं ग्रामीण महिलाएंकिसान उत्पादक संगठन ग्रामीण महिलाओं और बाजार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से महिला उद्यमियों के उत्पादों को स्थानीय बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल से महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।महिला सशक्तिकरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूतीझारखंड की आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान, मेहनत और हुनर को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।प्राकृतिक शहद और देसी अंडों जैसे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल से अब झारखंड की ग्रामीण दीदियों का हुनर केवल गांवों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके उत्पाद शहरों के उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकेंगे।
पाइप बिछाने के बाद सड़क पुनर्निर्माण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई,खराब काम करने वाली एजेंसियों से वसूली जाएगी राशिरांची: आगामी गर्मी में राज्य के शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने राज्य के विभिन्न निकायों में चल रही सभी मदों की पेयजलापूर्ति योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों का पुनर्निर्माण (रोड रिस्टोरेशन) गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी से राशि की वसूली के साथ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।प्रधान सचिव ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में राज्य संपोषित, बाह्य सहायतित और अमृत योजना के तहत संचालित पेयजलापूर्ति परियोजनाओं की निकायवार समीक्षा की गई।धनबाद,रांची और दुमका की योजनाओं की हुई समीक्षाराज्य संपोषित योजनाओं की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से धनबाद पेयजलापूर्ति योजना फेज-2, मधुपुर, मझिआंव, राजमहल, वासुकीनाथ, कोडरमा, रांची फेज-2बी और दुमका पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। प्रधान सचिव ने संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाकर योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के ठीक ढंग से पुनर्निर्माण नहीं किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एजेंसियों को गुणवत्तापूर्ण रोड रिस्टोरेशन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान यथासंभव सड़कों की कटाई से बचने का निर्देश दिया।अन्य विभागों के समन्वय से दूर होंगी बाधाएंप्रधान सचिव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर किया जाए। उन्होंने तकनीकी सेल और जुडको को भी एजेंसियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा तकनीकी कार्यों की जुडको को दोबारा समीक्षा करने को कहा। उन्होंने इंटेक वेल, जलशोधन संयंत्रों के निर्माण और घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि आगामी गर्मी तक लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।एडीबी और विश्व बैंक की योजनाओं की भी समीक्षाबैठक में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक की सहायता से संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई। एडीबी की सहायता से चल रही रांची पेयजलापूर्ति योजना फेज-2ए, हुसैनाबाद, रांची फेज-2सी, मेदिनीनगर और झुमरीतिलैया की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। वहीं, विश्व बैंक की सहायता से कपाली, गुमला और लोहरदगा में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं के कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।अमृत योजना की परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देशअमृत योजना के तहत रामगढ़, सिमडेगा, बड़की सरैया, जामताड़ा, महागामा, धनबाद फेज-1, आदित्यपुर, चास, हजारीबाग, रांची फेज-1, डोमचांच, गढ़वा हाउस सर्विस कनेक्शन, धनवार, छतरपुर, श्री बंशीधर नगर और रेहला-विश्रामपुर में चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई।प्रधान सचिव ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी से पहले पेयजलापूर्ति योजनाओं को पूरा करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि शहरी क्षेत्रों के लोगों को समय पर पेयजल की सुविधा मिल सके।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
ड्राइवरों की सुरक्षा,सम्मान और रोजगार समेत 10सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरेगा महासंघ,आंदोलन को अहिंसक और अनुशासित रखने का दावारांची: झारखंड में ड्राइवरों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर ऑल राइट्स ड्राइवर मजदूर महासंघ एसोसिएशन (ARDMMA) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। महासंघ आगामी 12 नवंबर को पूरे राज्य में 'स्टेयरिंग छोड़ो' अभियान चलाएगा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से ड्राइवरों की समस्याओं और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। अब ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं को लेकर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।10सूत्रीय मांगों को लेकर महासंघ का आंदोलनमहासंघ ने केंद्र और झारखंड सरकार के समक्ष 10 सूत्रीय मांग पत्र रखा है। संगठन की प्रमुख मांगों में ड्राइवर सुरक्षा कानून का निर्माण, ड्यूटी के दौरान चालकों के साथ मारपीट और अवैध वसूली पर सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा झारखंड के स्थानीय ड्राइवरों को कंपनियों, खदानों और फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।हाईवे पर पार्किंग,शौचालय और विश्राम गृह की मांगमहासंघ ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर ड्राइवरों के लिए सुरक्षित पार्किंग, शौचालय और विश्राम गृह की व्यवस्था करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय तक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा, उचित वेतन तथा काम के निश्चित घंटे तय करने की मांग भी की गई है।ड्राइवर कल्याण बोर्ड बनाने की मांगमहासंघ ने ड्राइवरों के सामाजिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अलग ड्राइवर कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक स्तर पर ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।आंदोलन को अहिंसक रखने का निर्देशARDMMA के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 12 नवंबर का 'स्टेयरिंग छोड़ो' अभियान पूरी तरह अहिंसक, लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा। संगठन ने अपने दिशा-निर्देशों में कहा है कि किसी भी चालक के साथ जबरदस्ती नहीं की जाएगी और न ही किसी वाहन की चाबी छीनी जाएगी।एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं रहेंगी चालूमहासंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान एंबुलेंस, अग्निशमन दल, पुलिस और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के वाहनों का परिचालन पूरी तरह सामान्य और निर्बाध रहेगा। अब देखना होगा कि 12 नवंबर को प्रस्तावित इस अभियान को राज्यभर के ड्राइवरों का कितना समर्थन मिलता है और सरकार ड्राइवरों की 10 सूत्रीय मांगों पर क्या रुख अपनाती है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
सुकुरहुटू में73डिसमिल जमीन अधिग्रहण के बदले मिले4.50करोड़ के मुआवजे में आधी रकम हड़पने का आरोप, DCमंजूनाथ भजंत्री नेFIRदर्ज करने का दिया निर्देशरांची: राजधानी रांची में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन मालिकों को मिले करोड़ों रुपये के मुआवजे में से करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये दलालों के माध्यम से वसूल लिए गए। मामले में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारियों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। वहीं, आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।4.50करोड़ के मुआवजे में2.25करोड़ की कथित वसूलीपूरा मामला रांची के सुकुरहुटू में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, यहां दो खातों के माध्यम से कुल 73 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले संबंधित जमीन मालिकों को करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा भुगतान किया गया।हालांकि, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुआवजे की कुल राशि में से करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये कथित तौर पर रिश्वत और वसूली के नाम पर दलालों के माध्यम से लिए गए।जमीन कारोबारी नुरूल होदा का नाम आया सामनेइस मामले में कांके के जमीन कारोबारी और कथित बिचौलिये नुरूल होदा का नाम सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, नुरूल होदा के एसबीआई कांके ब्लॉक शाखा स्थित बैंक खाते में 2 करोड़ 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।अब जांच का विषय यह है कि इतनी बड़ी रकम किस परिस्थिति में और किन लोगों के माध्यम से खाते में पहुंची। इस लेनदेन में किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारियों पर भी लगे आरोपआदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली ने इस पूरे मामले को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से शिकायत की है। शिकायत में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कर्मी नजीर, अमित कुमार गुप्ता, अमीन राज कुमार महतो और लाल साहब पर रुपये लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं में मोतीलाल पाहन, तेतरी देवी, झनकु पाहन और चन्दुर पाहन के नाम शामिल हैं। शिकायत में विशेष रूप से चन्दुर पाहन के दृष्टिबाधित होने का उल्लेख करते हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं।DCनेFIRदर्ज करने का दिया निर्देश,बैंक खाते भी फ्रीजशिकायत मिलने के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच में बैंक खातों के लेनदेन, मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया और कथित बिचौलियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।अब जांच के दायरे में कौन-कौन आएगा?इस पूरे मामले ने जिला भू-अर्जन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की इतनी बड़ी रकम कथित तौर पर बिचौलियों तक कैसे पहुंची? क्या इस पूरे मामले में सिर्फ बिचौलियों की भूमिका थी या सरकारी कार्यालय के भीतर भी कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था? फिलहाल शिकायत के आधार पर प्रशासन ने पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वसूली के इस मामले में कौन-कौन शामिल है और मुआवजे की रकम का वास्तविक लेनदेन कैसे हुआ।रांची से नैयर की रिपोर्ट
व्रतियों की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम,बैरिकेडिंग और रोशनी की होगी व्यवस्था,छठ तक घाटों पर चलेगा विशेष सफाई अभियानरांची: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर रांची नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं और व्रतियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महापौर रोशनी खलखो ने मंगलवार को निगम के अधिकारियों के साथ शहर के छह प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।इन 6प्रमुख छठ घाटों का किया निरीक्षणमहापौर रोशनी खलखो ने बनस तालाब, नायक छठ तालाब, चंबोधा तालाब, स्वर्णरेखा छठ घाट, कमलू तालाब और पावर हाउस छठ तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छठ पूजा समितियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। महापौर ने निगम की ओर से चलाए जा रहे सफाई अभियान पर संतोष जताया और छठ महापर्व तक सभी घाटों पर लगातार विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया।व्रती महिलाओं के लिए बनेंगे चेंजिंग रूमनिरीक्षण के दौरान महापौर ने व्रती महिलाओं की सुविधा और निजता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सभी छठ घाटों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि पूजा के दौरान महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।गहरे पानी वाले क्षेत्रों में होगी बैरिकेडिंगछठ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महापौर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने गहरे पानी वाले स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग और घेराबंदी करने को कहा, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके। इसके अलावा घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।छठ पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाएगा निगममहापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ पूजा समितियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए। समितियों की ओर से मिलने वाली शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी घाटों की नियमित निगरानी होनी चाहिए और सफाई, सुरक्षा तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता- महापौरमहापौर रोशनी खलखो ने कहा कि रांची नगर निगम का प्रयास है कि लोक आस्था के इस महापर्व पर शहर के सभी छठ घाट स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहें। व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निगम की पूरी टीम लगातार काम कर रही है।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत 407श्रमिकों का हुआ निबंधन,वेंडिंग जोन में फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने और अवैध वसूली पर कार्रवाई के निर्देशरांची: रांची नगर निगम में मंगलवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में DAY-NULM (दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना, वेंडिंग जोन, लेबर चौक, लेबर शेड, शेल्टर होम और आगामी त्योहारों को लेकर स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनसुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्रमिक योजना में 407श्रमिकों का निबंधनबैठक में DAY-NULM शाखा की ओर से बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक मुख्यमंत्री श्रमिक योजना (MSY) के तहत 407 श्रमिकों का स्वच्छता कार्यों के लिए निबंधन किया गया है। इन श्रमिकों को नगर निगम की विभिन्न शाखाओं के साथ जोड़कर सफाई कार्यों में लगाया गया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निर्देश दिया कि नगर निगम के नियमित श्रमिकों और मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत निबंधित श्रमिकों के बीच किसी तरह की दोहराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। आगामी छठ महापर्व, सोहराय और गुरुनानक जयंती को देखते हुए अधिक से अधिक MSY श्रमिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा वेंडिंग जोन, नदियों, बड़े नालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई में भी इन श्रमिकों की सेवाएं लेने को कहा गया।लेबर चौक और लेबर शेड की व्यवस्था होगी मजबूतबैठक में बताया गया कि डोरंडा बाजार, स्वर्गीय दुर्गा सोरेन चौक और हज हाउस के समीप लेबर चौक की व्यवस्था तैयार है। वहीं, अन्य पांच स्थानों पर लेबर चौक विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। इस पर नगर आयुक्त ने सामुदायिक संगठनकर्ताओं और MSY श्रमिकों को लेबर चौक की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित क्षेत्रों के श्रमिकों को लेबर शेड का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने और निर्माणाधीन लेबर शेड का काम जल्द पूरा करने को कहा।वेंडिंग जोन में व्यवस्थित होंगे फुटपाथ दुकानदारशहर में फुटपाथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस स्थित वेंडिंग जोन में मोरहाबादी क्षेत्र के साप्ताहिक हाट-बाजार में लगने वाले सब्जी विक्रेताओं को अस्थायी रूप से व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट करने को कहा। इसके अलावा कचहरी चौक से नागा बाबा खटाल तक के ठेला विक्रेताओं को चरणबद्ध तरीके से वेंडिंग जोन के निर्धारित हिस्से में व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया।फुटपाथ दुकानदारों से अवैध वसूली पर होगी कार्रवाईनगर आयुक्त ने सभी नगर अभियान प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फल और सब्जी विक्रेताओं से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए। यदि अवैध वसूली की शिकायत मिलती है या ऐसी गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।ठंड से पहले दुरुस्त होंगे शेल्टर होमआगामी शीतकालीन मौसम को देखते हुए नगर आयुक्त ने शहर में संचालित सभी शेल्टर होम को दुरुस्त करने और वहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तर्ज पर जरूरतमंद और निराश्रित लोगों को ठंड से बचाने के लिए अस्थायी शेल्टर होम भी बनाए जाएंगे। इसके लिए उपयुक्त स्थलों का चयन जल्द पूरा करने को कहा गया, ताकि ठंड बढ़ने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।बैठक में निगम के कई अधिकारी रहे मौजूदसमीक्षा बैठक में सहायक नगर आयुक्त, नगर अभियान प्रबंधक, सहायक अभियंता और DAY-NULM शाखा के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
दोपहर 12से 1बजे तक चलेगा विशेष अभियान, #DownloadECINetहैशटैग के साथ पोस्ट करेंगे विद्यार्थी; 18वर्ष या उससे अधिक उम्र के युवाओं का मतदाता सूची में निबंधन कराने पर जोररांची: झारखंड में युवा मतदाताओं को जागरूक करने और पात्र विद्यार्थियों का मतदाता सूची में निबंधन सुनिश्चित करने के लिए 5 नवंबर को राज्यव्यापी सोशल मीडिया महाअभियान चलाया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत यह अभियान दोपहर 12 बजे से अपराह्न 1 बजे तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी उच्चतर शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संस्थानों के प्राचार्यों और निदेशकों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।#DownloadECINetके साथ सोशल मीडिया पर चलाएंगे अभियानमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपने मोबाइल फोन में ECINET ऐप डाउनलोड करने और उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की है। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता से जुड़ी सेल्फी, वीडियो संदेश और प्रचार सामग्री फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #DownloadECINet हैशटैग के साथ पोस्ट करने को कहा गया है। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं तक मतदाता निबंधन की प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाना है। साथ ही जिन पात्र विद्यार्थियों ने अभी तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं कराया है, उन्हें फॉर्म-6 और घोषणा पत्र जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।18वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं का होगा निबंधनके. रवि कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी उच्चतर शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में निबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने संस्थानों के प्राचार्यों और निदेशकों को अपने अधीनस्थ सभी शैक्षणिक संस्थानों में पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत निबंधन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा।ELCप्रभारियों को भी दी गई जिम्मेदारीमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) प्रभारियों को अभियान की तैयारी और सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।बैठक में कई अधिकारी और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि रहे मौजूदइस ऑनलाइन बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी मुख्यालय धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी लोहरदगा संजय कुमार और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार समेत उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विभिन्न संस्थानों के प्राचार्य और निदेशक शामिल हुए। निर्वाचन विभाग की इस पहल का लक्ष्य झारखंड के अधिक से अधिक युवाओं को मतदाता निबंधन के प्रति जागरूक करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।रांची से राजीव मोहन की रिपोर्ट
दिल्ली के रामलीला मैदान की रैली से लौटे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने INDIAगठबंधन की एकजुटता को बताया बड़ी सफलता,राजेश ठाकुर ने PMमोदी और भाजपा पर साधा निशानारांची: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को लेकर झारखंड कांग्रेस ने बड़ी सफलता का दावा किया है। रैली में शामिल होकर झारखंड लौटे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि यह रैली उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी और सफल रही। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में जितनी भीड़ मौजूद थी, उससे तीन से पांच गुना अधिक लोग आसपास की सड़कों पर दिखाई दे रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष ने रैली में INDIA गठबंधन की एकजुटता और झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी को इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।राहुल गांधी को मंच तक पहुंचने में लगे तीन घंटे-केशव महतोकेशव महतो कमलेश ने कहा कि रामलीला मैदान में रैली को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था। स्थिति ऐसी थी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को रैली स्थल तक पहुंचने में करीब तीन घंटे का समय लग गया। उन्होंने कहा कि मैदान के अलावा आसपास की सड़कों पर भी भारी संख्या में लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि रैली में INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल हुए। झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी काफी उत्साहजनक रही।INDIAगठबंधन की एकजुटता का दिया संदेशप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस रैली की सबसे बड़ी खासियत INDIA गठबंधन की एकजुटता रही। गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग भी रैली में पहुंचे थे। केशव महतो कमलेश के मुताबिक, इस रैली के माध्यम से INDIA गठबंधन ने संकल्प लिया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।राजेश ठाकुर का BJPऔर प्रधानमंत्री मोदी पर हमलावहीं, झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी रामलीला मैदान की रैली को सफल बताते हुए भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस रैली से साफ हो गया है कि देश की जनता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर रही है। राजेश ठाकुर ने दावा किया कि रैली की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा के नेता लगातार इसकी निगरानी कर रहे थे और भीड़ की संख्या तथा अलग-अलग स्थानों पर लोगों की मौजूदगी की जानकारी जुटा रहे थे।भाजपा की पदयात्रा पर भी कसा तंजराजेश ठाकुर ने भाजपा की ओर से निकाली जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने खुद मान लिया है कि देश में अराजकता का माहौल है और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, तभी पार्टी को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब भाजपा भी उन्हीं मुद्दों पर सड़क पर उतर रही है। राजेश ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राहुल गांधी के बताए रास्ते पर चलते नजर आएंगे।चुनाव आयोग को लेकर सियासी टकराव तेजरामलीला मैदान की रैली के बाद झारखंड कांग्रेस के नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान जारी रखने की तैयारी में है। वहीं, भाजपा की पदयात्रा को लेकर भी कांग्रेस ने हमला तेज कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड में भी INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
मोरहाबादी की बापू वाटिका से निकला मार्च,शिक्षण संस्थानों में भाषाओं की पढ़ाई और सरकारी स्तर पर मान्यता देने की उठी मांग;सरकार को सौंपा जाएगा ज्ञापनरांची: झारखंड में बोली जाने वाली जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को उचित सम्मान, संरक्षण और मान्यता दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में पैदल मार्च निकाला गया। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बंधु तिर्की की अगुवाई में मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से निकले इस मार्च में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड में बोली जाने वाली सभी नौ जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को उचित पहचान देने, इनके संरक्षण के लिए अलग आयोग गठित करने और शिक्षण संस्थानों में इनकी पढ़ाई की व्यवस्था करने की मांग की।भाषाओं के साथ सरकार न्याय नहीं कर रही-बंधु तिर्कीपैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड में बोली जाने वाली जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के साथ सरकार न्याय नहीं कर रही है। राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन और पैदल मार्च का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, ताकि भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।भाषाओं के संरक्षण के लिए आयोग बनाने की मांगबंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड की जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को बचाने के लिए अलग आयोग का गठन जरूरी है। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में इन भाषाओं की पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 26 साल बाद भी यहां की जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को वह पहचान और सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वे हकदार हैं।सरकारी नौकरियों और सुविधाओं में भी मिलना चाहिए लाभबंधु तिर्की ने कहा कि भाषाओं को उचित मान्यता और संरक्षण नहीं मिलने का असर यहां के आदिवासी और क्षेत्रीय समाज के लोगों पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि भाषाई पहचान और मान्यता के अभाव में लोगों को सरकारी नौकरियों और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।भाषा और संस्कृति के संरक्षण को लेकर उठी आवाजपैदल मार्च के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने राज्य की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की मांग की। उनका कहना है कि जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान, इतिहास और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए आयोग गठन तथा शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।रांची से राजीव मोहन की रिपोर्ट