ग्रामीण विकास विभाग की पहल से महिला उद्यमियों को मिल रहा रोजगार और पहचान,किसान उत्पादक संगठनों (FPO/FPC)के माध्यम से बाजार तक पहुंच रहे दीदियों के उत्पाद;अब घर बैठे मंगवा सकेंगे पलाश हनी और देसी ब्राउन अंडे

रांची: झारखंड सरकार का ग्रामीण विकास विभाग ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। सरकार की पहल से अब गांवों की महिलाएं पारंपरिक हुनर को रोजगार का माध्यम बना रही हैं। जंगलों से प्राप्त प्राकृतिक शहद के उत्पादन से लेकर देसी ब्राउन अंडों की बिक्री तक,ग्रामीण महिला उद्यमी स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

सरकार इन महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPC)की मदद ले रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार से जोड़ना और उनकी आमदनी के नए रास्ते खोलना है।

जंगलों के प्राकृतिक शहद को मिल रही नई पहचान

झारखंड के जंगलों से प्राप्त प्राकृतिक शहद अब बाजार में पलाश हनी के नाम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। स्वाद और पौष्टिक गुणों से भरपूर इस शहद के उत्पादन और बिक्री में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी है। ग्रामीण विकास विभाग की पहल से महिला उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बिक्री की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इच्छुक ग्राहक अपने नजदीकी किसान उत्पादक संगठन (FPC)से संपर्क कर पलाश हनी मंगवा सकते हैं।

देसी ब्राउन अंडों की बिक्री से बढ़ेगी महिला उद्यमियों की आमदनी

ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित देसी ब्राउन अंडों को भी बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। इन अंडों की खासियत इनकी ताजगी और स्थानीय उत्पादन है। सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को सीधे महिला उत्पादकों से उत्पाद खरीदने का अवसर मिले। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और महिलाओं को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

FPCके माध्यम से बाजार से जुड़ रहीं ग्रामीण महिलाएं

किसान उत्पादक संगठन ग्रामीण महिलाओं और बाजार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से महिला उद्यमियों के उत्पादों को स्थानीय बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल से महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।

महिला सशक्तिकरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

झारखंड की आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान, मेहनत और हुनर को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।प्राकृतिक शहद और देसी अंडों जैसे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल से अब झारखंड की ग्रामीण दीदियों का हुनर केवल गांवों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके उत्पाद शहरों के उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकेंगे।