

रविवार, 25 अक्टूबर 2026
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बापू टावर,बिहार विधान मंडल और सचिवालय समेत पांच भवनों को किया गया रोशन,समावेशी शिक्षा और बच्चों को समान अवसर देने का संदेशपटना:डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने रविवार शाम पटना के प्रमुख सरकारी भवनों को लाल रोशनी से रोशन किया। इस पहल के तहत बापू टावर,बिहार विधान मंडल,पुराना सचिवालय,विकास भवन और विश्वेश्वरैया भवन को शाम7बजे से8बजे तक लाल रोशनी से जगमगाया गया।भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के अवसर पर यह पहल की गई है। इसका उद्देश्य डिस्लेक्सिया और अन्य विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (SLD)के प्रति लोगों में समझ विकसित करना,गलत धारणाओं को दूर करना और समावेशी समाज के निर्माण को बढ़ावा देना है।डिस्लेक्सिया का बुद्धिमत्ता से नहीं है संबंधडिस्लेक्सिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है,जिसमें व्यक्ति को पढ़ने,लिखने या वर्तनी समझने में कठिनाई हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति में बुद्धिमत्ता,प्रतिभा या क्षमता की कमी है। समय पर पहचान,उचित शैक्षणिक सहयोग और अनुकूल वातावरण मिलने पर डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चे अपनी क्षमताओं का बेहतर विकास कर सकते हैं।हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का समान अवसरभवन निर्माण विभाग की इस पहल के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सीखने के अलग-अलग तरीकों को समझना और स्वीकार करना जरूरी है। बच्चों को उनकी सीखने की कठिनाइयों के आधार पर किसी तरह का नकारात्मक लेबल नहीं दिया जाना चाहिए।विभाग का मानना है कि जागरूकता और सहयोग के जरिए ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है,जहां हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित अमर्यादित टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक विरोध में मर्यादाओं की सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।गृहमंत्री नेXपर पोस्ट कर साधा निशानाअमित शाह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के बारे में अमर्यादित टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए जाते रहे हैं।अमित शाह ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह पहली बार नहीं है,जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार को निशाना बनाया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री की माता के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उन्हें चायवाला कहकर उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया गया। शाह ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए।लगातार हार से हताश है कांग्रेसकेंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार से पार्टी में हताशा और निराशा बढ़ी है। उनके मुताबिक,कांग्रेस के पास अब न कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा,बल्कि पार्टी गाली-गलौज की राजनीति कर रही है।अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस जनता के बीच अपना जनाधार खो रही है और अब उसके कार्यकर्ताओं में भी विश्वास की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं,तब-तब जनता ने उसे जवाब दिया है।अमित शाह की इस प्रतिक्रिया से राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि, खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और पूरे बयान का संदर्भ भी इस विवाद में महत्वपूर्ण रहेगा।संजय कुमार की रिपोर्ट
खरगे की टिप्पणी कांग्रेस की हताशा और संस्कारहीन राजनीतिक संस्कृति का परिचायक-संजय सरावगीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण-संजय सरावगीगांधी परिवार की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, PMका अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत-संजय सरावगीकांग्रेस की वोट चोरी के आरोप बेबुनियाद,बिहार में राजद ने चुराया कांग्रेस का वोट-संजय सरावगीपटनाः बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर की गई टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बारे में इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक सोच और उसकी हताशा को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है। कांग्रेस अध्यक्ष का बयान पार्टी की हताशा और संस्कारहीन राजनीतिक संस्कृति का परिचायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल देश की जनता के जनादेश का अपमान है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री पद की अपनी गरिमा होती है।गांधी परिवार की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हैं कांग्रेस अध्यक्षसंजय सरावगी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के एक-एक शब्द राहुल गांधी,सोनिया गांधी और पूरे गांधी परिवार की लिखी हुई स्क्रिप्ट का हिस्सा हैं। गांधी परिवार लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,उनके माता-पिता और परिवार को अपमानित करने का काम करता रहा है। आज मल्लिकार्जुन खरगे भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। राहुल गांधी के साथ पार्टी चलाने का परिणाम है कि कांग्रेस अध्यक्ष भी गांधी परिवार की भाषा बोलने लगे हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लगातार प्रधानमंत्री का अपमान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 140 करोड़ लोगों की लोकतांत्रिक ताकत और जनादेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। गाली-गलौज से न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद छोटा होगा और न ही जनता का उनके प्रति समर्थन कम होगा। कांग्रेस जितना राजनीतिक स्तर गिराएगी,जनता उसे उतना ही जवाब देगी।कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरतप्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद,आधारहीन और निरर्थक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक पतन के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल,पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के राजनीतिक आधार को नुकसान पहुंचाया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करे। देश की जनता ने बार-बार कांग्रेस को नकारा है और अब जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
• मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर केंद्र प्रायोजित लंबित योजनाओं पर तेजी से पूर्ण हो रहे कार्य• अक्टूबर में अब तक कुल 1627 योजनाएं पूर्ण,3312 योजनाओं का कार्य प्रगति पर,अब तक 45 करोड़ रुपये का हुआ भुगतान• क्लास रूम,शौचालय,प्रयोगशाला और पुस्तकालय निर्माण से राज्य के शैक्षणिक वातावरण में आया गुणात्मक बदलापटनाः बिहार में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्र प्रायोजित समग्र शिक्षा अभियान एवं पीएमश्री के तहत राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन का आदेश जारी किया था। अक्टूबर में अब तक कुल 1,627 योजनाएं का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 3,312 लंबित योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। बीते एक महीने में कुल 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और पठन-पाठन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सबसे अधिक 221 अतिरिक्त कमरों का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जिसके एवज में 9 करोड़ 73 लाख 44 हजार 61 रुपये की राशि का भुगतान किया गया। राज्य के सरकारी स्कूलों में विज्ञान एवं प्रायोगिक सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए 2 प्रयोगशालाओं के निर्माण हेतु कुल 9 लाख 58 हजार 347 रुपये तथा 2 संयुक्त अतिरिक्त वर्ग कक्ष एवं लैब के लिए 18 लाख 93 हजार 544 रुपये का भुगतान किया गया है।छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए 2 लाइब्रेरी रूम तैयार किए गए हैं, जिसके लिए 9 लाख 55 हजार 57 रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश के सरकारी स्कुलों में तकनीकी और रचनात्मक कौशल विकास हेतु 2 आर्ट, क्राफ्ट एवं कंप्यूटर कक्ष के निर्माण पर कुल 11 लाख16 हजार 489 रुपये खर्च किए गए हैं। सरकारी स्कूलों के मरम्मत एवं नवीनीकरण तथा पुराने भवनों के रख-रखाव और जीर्णोद्धार के तहत 2 कार्यों के लिए 9 लाख 34 हजार 579 रुपये का अंतिम भुगतान किया गया।जबकि, छात्र-छात्राओं की स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बालक एवं बालिकाओं के लिए संयुक्त रुप से निर्मित 54 शौचालय के लिए 1 करोड़ 28 लाख 05 हजार 231 रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं, नवनिर्मित 12 बालिका शौचालय के मद में 47 लाख 33 हजार 770 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि 7 नवनिर्मित बालक शौचालयों के लिए 28 लाख 56 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गय है। इसके साथ ही 39 अन्य निर्मित शौचालयों के लिए 1 करोड़ 15 लाख 43 हजार 384 रुपये की राशि चुकता की गई है। विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्बाध रखने और समय सीमा के भीतर पूरा कराने के उद्देश्य से विभाग ने सक्रियता दिखाई है।शैक्षणिक सुधार में मील का पत्थर साबित होंगी योजनाएंसमग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों से राज्य के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में बैठने की जगह की कमी दूर होगी, विशेषकर छात्राओं के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था से नामांकन दर में वृद्धि और ड्रॉप आउट दर में कमी आएगी। वहीं प्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष और पुस्तकालयों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक शिक्षा का सीधा लाभ मिलेगा।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित बिहार म्यूजियम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष2026में दुनिया के100बेहतरीन संग्रहालयों की सूची में बिहार म्यूजियम को नौवां स्थान मिला है। वहीं,एशिया में इसे पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह बिहार के गौरवशाली इतिहास,समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए बिहार म्यूजियम की सराहना की। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में प्राचीन सभ्यता,ऐतिहासिक मूर्तियों,सिक्कों,पांडुलिपियों और लोककला से जुड़ी अनमोल धरोहरों का संग्रह है। यह संग्रहालय बिहार के गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है बिहार म्यूजियमपटना स्थित बिहार म्यूजियम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परिकल्पना का परिणाम है। बिहार की प्राचीन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से इस संग्रहालय की योजना तैयार की गई थी। जुलाई2011में इसके निर्माण के लिए कनाडा की कंसल्टेंसी लॉर्ड कल्चरल रिसोर्स के साथ समझौता हुआ था। जून2013में इसका शिलान्यास किया गया और जुलाई में निर्माण कार्य शुरू हुआ।वर्ष2015में संग्रहालय के एक हिस्से का उद्घाटन हुआ,जबकि2017में इसे पूरी तरह राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया।पटना म्यूजियम से जोड़ने की योजनाबिहार म्यूजियम को पटना म्यूजियम से जोड़ने के लिए लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाने की परियोजना भी शुरू की गई है। तीन मार्च2026को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था।बिहार म्यूजियम की वैश्विक रैंकिंग से राज्य के पर्यटन,कला और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान उस समय हंगामा हो गया,जब एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके बाद खरगे और युवक के बीच बहस होने की बात सामने आई। घटना के दौरान कुछ लोगों पर युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है।मोदी को लेकर युवक की टिप्पणी से बढ़ा विवादमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में युवक ने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं जाने वाले। बताया जा रहा है कि युवक छपरा का रहने वाला है। युवक की टिप्पणी पर खरगे ने मंच से जवाब दिया। इसके बाद कार्यक्रम में विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने युवक को पकड़कर उसके साथ हाथापाई की। हालांकि,घटना की पूरी परिस्थितियों और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।बीजेपी और जेडीयू ने साधा निशानाखरगे की टिप्पणी को लेकर बीजेपी और जेडीयू की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों दलों ने उनके बयान की आलोचना करते हुए इसे मानसिक दिवालियेपन का परिणाम बताया है। इस घटनाक्रम के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भी बोला हमलाअपने संबोधन में खरगे ने बीजेपी,केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए। उन्होंने बिहार सरकार की नीतियों की भी आलोचना की और आरक्षण तथा परिसीमन का मुद्दा उठाया।गौरतलब है कि खरगे पटना के बापू सभागार में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। समारोह में बिहार कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की विरासत के सहारे अगड़े वोट बैंक को साधने में जुटी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को पटना पहुंच गए। वे गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में आयोजित श्रीबाबू की जयंती समारोह में शामिल होंगे। उनके पटना पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के सामने बिहार में संगठन को मजबूत करने और अपने जनाधार का विस्तार करने की चुनौती है। ऐसे में श्रीबाबू की जयंती पर आयोजित समारोह को पार्टी की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए सवर्ण मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने और पुराने राजनीतिक संबंधों को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रही है।श्रीबाबू की विरासत पर कांग्रेस की नजरडॉ. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। भूमिहार समाज से आने वाले श्रीबाबू की राजनीतिक विरासत आज भी बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखती है। कांग्रेस उनकी जयंती के बहाने उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करने के साथ सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।दिग्गज नेताओं की मौजूदगीबापू सभागार में आयोजित समारोह में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। खरगे की मौजूदगी से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक महत्व मिला है।संगठन को मजबूत करने की चुनौतीबिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने के लिए कांग्रेस को नए सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनानी होगी। ऐसे में यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पार्टी की भावी राजनीतिक रणनीति और सवर्ण मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
वोट चोरी के विरोध,एसआईआर रद्द करने,मतदाता सूची में छूटे नाम जोड़ने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर1नवंबर को दिल्ली में होगी इंडिया गठबंधन की रैलीपटनाःइंडिया गठबंधन द्वारा1नवंबर को दिल्ली में आयोजित रैली में बिहार से हजारों की संख्या में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे। रैली की तैयारियों को लेकर सीपीआई(एम) बिहार राज्य कमिटी की बैठक आयोजित की गई,जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।रैली में कथित वोट चोरी के विरोध,विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने,मतदाता सूची से छूटे हुए नागरिकों के नाम जोड़ने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने सहित अन्य मांगें उठाई जाएंगी।बैठक को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) बिहार राज्य सचिव ललन चौधरी ने किसानों और मजदूरों से लोकतंत्र,संविधान तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नागरिकों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव के लिए गंभीर चिंता का विषय है।ललन चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची से वंचित किए गए नागरिकों के अधिकार बहाल करना तथा निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करना केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लोकतंत्र की बुनियादी शर्त बताते हुए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति में प्रधानमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने के लिए वर्ष2023के संबंधित कानून में संशोधन की मांग की।पुलिस दमन और प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न की निंदाबैठक में आंदोलनरत छात्रों,युवाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों के निर्धारित स्थल के रूप में अधिसूचित व्यवस्था से बाहर करने के आदेश को वापस लेने की मांग की गई।बैठक में प्रदर्शनकारियों,महिला छात्राओं और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने,दोषियों को गिरफ्तार करने तथा जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई।दिल्ली रैली में व्यापक भागीदारी का निर्णयसीपीआई(एम) बिहार राज्य कमिटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि1नवंबर को दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में बिहार से हजारों पार्टी कार्यकर्ता भाग लेंगे। पार्टी नेतृत्व ने रैली की तैयारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।पार्टी के अनुसार, रैली के माध्यम से मताधिकार की रक्षा, मतदाता सूची में छूटे नागरिकों के नाम शामिल करने, निर्वाचन आयोग की जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।पटना से अंकिता की रिपोर्ट
बिहार के मखाना को राष्ट्रीय पटल पर स्थान मिलना बिहार के मेहनतकश किसानों और उद्यमियों का सम्मान है।बिहार का मखाना विदेशों में निर्यात किया जा रहा है।'वोकल फॉर लोकल'के तहत स्वदेशी उत्पादों,बेहतर पैकेजिंग और स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर प्रधानमंत्री का जोर।पटनाःमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के'मन की बात'कार्यक्रम के139वें एपिसोड का लोक सेवक आवास में श्रवण किया।'मन की बात'कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिहार के पूर्णिया के मखाना की विदेशों में निर्यात की चर्चा किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने'मन की बात'के माध्यम से निरंतर जमीनी हुनर और स्थानीय उत्पादों को संबल दिया है। पूर्णिया के मखाना का राष्ट्रीय मंच से उल्लेख किए जाने से सीमांचल सहित पूरे बिहार के मखाना किसानों,प्रसंस्करणकर्ताओं और ग्रामीण उद्यमियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह संबोधन बिहार की ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।PMके संबोधन से मखाना की ब्रांडिंग हुईमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का'वोकल फॉर लोकल'का संदेश स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने,उनकी बेहतर पैकेजिंग एवं विपणन तथा स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।CMनेPMका जताया आभारमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा'मन की बात'कार्यक्रम में अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता,ई-संजीवनी,विज्ञान एवं अनुसंधान,ब्रेन रिसर्च,नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से जुड़े विषयों के महत्व पर चर्चा की गई। इससे देश को ज्ञान,अनुसंधान और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।पटना सं संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना/नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में बिहार के मखाना की बढ़ती वैश्विक पहचान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के स्थानीय उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं और इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बिहार के पूर्णिया के मखाना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अब ग्रीस तक पहुंच रहा है।भारत के उत्पादों की मांग अब विदेशों में बढ़ीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में देश में स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना भारतीय उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत के किसान अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं,बल्कि उनके उत्पादों की मांग विदेशों में भी बढ़ रही है।पीएम मोदी ने बिहार के मखाना के साथ कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल का भी उदाहरण दिया,जो मालदीव पहुंच रही है। उन्होंने इसे भारतीय किसानों के लिए नए वैश्विक बाजार खुलने का संकेत बताया।त्योहारों में स्वदेशी उत्पादों को खरीदने की अपीलप्रधानमंत्री ने देशवासियों से आगामी त्योहारों पर खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों का उत्साह बढ़ता है और उनकी मेहनत को उचित पहचान मिलती है। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती मिलती है।बिहार का मखाना का ग्रीस तक पहुंचाबिहार के मखाना का ग्रीस तक पहुंचना राज्य के कृषि उत्पादों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। इससे मखाना उत्पादन और कारोबार से जुड़े लोगों को नए बाजारों से जुड़ने की संभावनाएं मिल सकती हैं। प्रधानमंत्री के इस उल्लेख से बिहार के मखाना को राष्ट्रीय स्तर पर भी नई चर्चा मिली है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
- बीएसआरटीसी का वेयर इज माई बस ऐप जल्द होगा लॉन्च,बसों की लाइव लोकेशन भी मिलेगी- घर बैठे सीट चुनकर कर सकेंगे बुकिंग,कैंसिलेशन पर मिलेगा रिफंडपटनाः बिहार से दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब दूसरे राज्यों के लिए सरकारी बस का टिकट भी मोबाइल ऐप से बुक हो सकेगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) जल्द ही वेयर इज माई बस ऐप लॉन्च करने जा रहा है,जिस पर नगर सेवा,अंतरजिला और अंतरराज्यीय सभी बसों की जानकारी और टिकट बुकिंग की सुविधा एक ही जगह मिलेगी। पटना से दिल्ली,उत्तर प्रदेश,झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख राज्यों के लिए चलने वाली बसों की बुकिंग को ऐप से जोड़ा जाएगा। यात्री घर बैठे सीट पसंद कर टिकट बुक कर सकेंगे और ऑनलाइन पेमेंट भी कर पाएंगे। ऐप में टिकट कैंसिलेशन और रिफंड की सुविधा भी होगी।ट्रेन की तरह दिखेगी बस की लाइव लोकेशनइस ऐप की सबसे बड़ी खासियत लाइव ट्रैकिंग होगी। यात्रियों को सरकारी बसों की लोकेशन ट्रेनों की तरह लाइव दिखेगी। बस कहां है और बस स्टैंड पहुंचने में कितना समय लगेगा,इसकी सटीक जानकारी मोबाइल पर ही मिल जाएगी। इससे यात्रियों को स्टॉप पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा बसों में लगे जीपीएस के जरिए संभव होगी। साथ ही रूट और किराए की जानकारी भी एक क्लिक में मिलेगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार में अब घटनास्थल किस थाने के क्षेत्र में आता है,इसकी पहचान करना आसान होगा। बिहार पुलिस ने राज्य के सभी थानों की सीमाओं को डिजिटल मैप पर चिह्नित करने के लिएGISआधारित थाना क्षेत्राधिकार मैपिंग पोर्टल और ऐप तैयार किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य क्षेत्राधिकार को लेकर होने वाली असमंजस और कार्रवाई में देरी को कम करना है।इस डिजिटल सिस्टम की मदद से घटनास्थल की लोकेशन के आधार पर संबंधित थाने की पहचान की जा सकेगी। इससे पुलिस को शिकायत पर कार्रवाई करने और सही थाने तक सूचना पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को आवश्यक निर्देश दिए जाने की जानकारी है।पेट्रोलिंग और अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मददGISमैपिंग सिस्टम से केवल थाने की सीमा पहचानने में ही नहीं,बल्कि पुलिस पेट्रोलिंग की योजना बनाने और अपराध के भौगोलिक विश्लेषण में भी मदद मिल सकती है। इससे संवेदनशील इलाकों की पहचान और पुलिस संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सुविधा होगी।बिहार पुलिस पहले से हीCCTNSऔरICJSजैसी डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल कर रही है। अबGISमैपिंग से पुलिस की तकनीकी व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।इस पहल से आम लोगों को भी फायदा हो सकता है। थाने के क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम कम होने से शिकायत दर्ज कराने और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में होने वाली देरी घट सकती है। हालांकि,इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई व्यवस्था का इस्तेमाल जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
अनंत सिंह के निष्कासन पर RJD विधायक की प्रतिक्रिया, बोले- ताकतवर नेता हैं मोकामा विधायक; जन सुराज में शामिल होने की भी जताई संभावनापटना: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से मोकामा विधायक अनंत सिंह के निष्कासन के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक सुधाकर सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनंत सिंह का कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू का राजनीतिक भविष्य संकट में है और आने वाले एक-दो साल में पार्टी खत्म हो सकती है।सुधाकर सिंह के इस बयान ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने अनंत सिंह को ताकतवर नेता बताते हुए कहा कि जनता का समर्थन किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होता है। उनके मुताबिक, अनंत सिंह के जेडीयू से बाहर होने का राजनीतिक असर जरूर पड़ सकता है, लेकिन इससे उनके व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।'अनंत सिंह का कुछ नहीं बिगड़ेगा'अनंत सिंह के निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि अनंत सिंह मजबूत जनाधार वाले नेता हैं। उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधियों को जनता से ताकत मिलती है। सुधाकर सिंह के अनुसार, अनंत सिंह के जेडीयू से बाहर होने से बिहार की राजनीति में कुछ बदलाव जरूर देखने को मिल सकता है, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य पर इसका कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।क्या राजद में शामिल होंगे अनंत सिंह?अनंत सिंह के राजद में शामिल होने की अटकलों पर सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह राजद के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह के पास कई विकल्प मौजूद हैं और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र फैसला ले सकते हैं। सुधाकर सिंह ने यह भी दावा किया कि अनंत सिंह जन सुराज के नेताओं के साथ घूम रहे हैं और उनके बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने संभावना जताई कि अनंत सिंह जन सुराज का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, जन सुराज में उनके शामिल होने को लेकर कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक घोषणा सामने आने की पुष्टि जरूरी है।'जेडीयू का अब कोई भविष्य नहीं'जेडीयू के भविष्य को लेकर सुधाकर सिंह ने पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अनंत सिंह के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें मोकामा विधायक ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाए थे।सुधाकर सिंह ने दावा किया कि आने वाले एक-दो साल में जेडीयू समाप्त हो जाएगी। उन्होंने पार्टी के भीतर कथित अव्यवस्था और नेताओं की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि पार्टी के निचले स्तर के नेता बंदरबांट में लगे हुए हैं।नीतीश कुमार को लेकर भी की टिप्पणीसुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने नीतीश कुमार को मानसिक रूप से बीमार बताया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई चिकित्सकीय प्रमाण पेश किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस टिप्पणी को सुधाकर सिंह का आरोप और राजनीतिक बयान मानकर ही देखा जाना चाहिए, न कि नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के बारे में प्रमाणित तथ्य के रूप में।अनंत सिंह के अगले कदम पर टिकी नजरेंजेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने अपनी पार्टी बनाने की बात कही है और नीतीश कुमार के साथ व्यक्तिगत संबंध बरकरार रहने का दावा किया है। दूसरी ओर, सुधाकर सिंह ने उनके जन सुराज में जाने की संभावना जताई है।अब बिहार की राजनीति में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनंत सिंह अपनी अलग पार्टी बनाते हैं, किसी दूसरे राजनीतिक दल से जुड़ते हैं या स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनते हैं। वहीं, जेडीयू के भविष्य को लेकर सुधाकर सिंह की भविष्यवाणी कितनी सही साबित होती है, इसका जवाब आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावों से ही मिलेगा।
मोकामा विधायक ने कहा- निष्कासन का कोई गम नहीं,जनता करेगी फैसला;नीतीश कुमार से रिश्ते बरकरार,उनकी कभी बुराई नहीं करूंगापटना: जनता दल यूनाइटेड (JDU)से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई गम नहीं है और न ही इससे उन्हें कोई परेशानी है। अनंत सिंह ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीतीश कुमार ही पार्टी थे और जब नीतीश कुमार ही खत्म हो गए,तो पार्टी भी खत्म हो गई। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू का भविष्य अब खत्म है और इसका जवाब चुनाव में मिल जाएगा।'अब अपनी पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह'जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी पार्टी बनाएंगे और उन्हें जेडीयू से कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक,पार्टी से निष्कासन का फैसला जिम्मेदार नेताओं ने लिया होगा। उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है।अनंत सिंह के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि,उनकी नई पार्टी के गठन,नाम और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।नीतीश कुमार से रिश्तों पर क्या बोले अनंत सिंह?जेडीयू से बाहर किए जाने के बावजूद अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों को लेकर स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से उनकी कोई दूरी नहीं है और वह उनसे मुलाकात भी करेंगे।अनंत सिंह ने यह भी कहा कि वह नीतीश कुमार की कभी बुराई नहीं करेंगे,चाहे वह किसी भी पार्टी में रहें। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी से निष्कासन के बावजूद नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत रुख पहले जैसा बना हुआ है।जेडीयू के नेताओं पर भी उठाए सवालअनंत सिंह ने जेडीयू के नेताओं को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पार्टी में ऐसा कौन-सा नेता है,जो उनसे बात करेगा। अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी किया,मजबूती से किया और कोई गलती नहीं की।उन्होंने निष्कासन के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए भी कहा कि अंतिम फैसला जनता करेगी।'जनता भगवान है,वही जवाब देगी'अपने बयान में अनंत सिंह ने जनता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि जनता मालिक है और भगवान है। जो भी फैसला होगा,जनता करेगी।उन्होंने कहा कि अगर वह गलत होंगे,तो जनता उन्हें जवाब देगी और अगर पार्टी गलत होगी,तो जनता पार्टी को जवाब देगी। अनंत सिंह के मुताबिक,जेडीयू के भविष्य की असली तस्वीर चुनाव के नतीजों से सामने आएगी।बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का अपनी पार्टी बनाने का ऐलान बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की संभावना को लेकर चर्चा पैदा करता है। एक ओर उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान बरकरार रखने की बात कही है,वहीं दूसरी ओर जेडीयू के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए हैं।अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अनंत सिंह अपनी नई पार्टी बनाने की दिशा में क्या कदम उठाते हैं और आने वाले चुनावों में उनकी राजनीतिक रणनीति क्या होती है। फिलहाल उन्होंने इतना स्पष्ट कर दिया है कि जेडीयू से निष्कासन के बाद वह पीछे हटने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने की तैयारी में हैं।पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पटना हाईकोर्ट ने जारी की एसओपी;केस डायरी डिजिटल माध्यम से भेजने,मेडिकल रिपोर्ट पांच दिनों में जुटाने और अनावश्यक तारीखों पर रोक लगाने की व्यवस्थापटनाः बिहार की निचली अदालतों से लेकर पटना हाईकोर्ट तक में लंबे समय तक ज़मानत याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई अब ब्रेक लगने वाला है।सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद पटना हाईकोर्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऐतिहासिक और कड़ा एसओपी अपलोड कर दिया है।नए आदेशों के बाद अब पुलिस अफसरों, वकीलों और स्वास्थ्य विभाग की मनमानी रोक लगेगी। अगर 60 दिनों (2 महीने) में बेल अर्जी का निपटारा नहीं हुआ, तो सीधे जज और अफसरों से जवाब मांग लिया जाएगा!एसओपी की 10 सबसे बड़ी महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं।व्हाट्सएप पर केस डायरी भेजी जाएगी।अब केस डायरी के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पडेग का जमाना गया! हर थाने के 'कोर्ट नायाब' को पीपी/एपीपी के साथ व्हाट्सएप और ईमेल पर डिजिटल स्कैन कॉपी भेजनी होगी। डीएसपी लेवल के नोडल अफसर इसकी कमान संभालेंगे।इंजरी रिपोर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट या फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए डॉक्टर या फॉरेंसिक लैब अब देर नहीं कर सकेंगे। 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगी। ऐसा न करने पर कोर्ट तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगी।हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट के सॉफ्टवेयर में बेल अर्जियों पर 'रेड फ्लैग' लगेगा। 30, 60 और 90 दिनों के हिसाब से मामलों की लिस्टिंग होगी। 60 दिन से पुराने मामलों को प्राथमिकता देकर तुरंत निपटाया जाएगा।साथ ही वकीलों के कहने पर अब आसानी से तारीख नहीं मिलेगी। केवल बेहद असाधारण परिस्थितियों में ही जज कारण दर्ज करके तारीख दे सकेंगे।याचिका दाखिल होने के बाद उसमें कमियां निकालने और उन्हें सुधारने के लिए अधिकतम 72 घंटे की समय-सीमा तय कर दी गई है।पीड़ित या शिकायतकर्ता को नोटिस भेजने और तामील कराने की रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर कोर्ट में देनी होगी।निचली अदालत के जजों को हर महीने जिला जज को रिपोर्ट देना होगा कि कितनी जमानत याचिकाऐ आई और कितनी निपटाई गई। 2 महीने से अधिक देरी हुई तो फैसले में ही देरी की वजह बतानी होगी।जिला स्तरीय डीएलएमसी बैठक में उन पुलिसकर्मियों, नायाब और जांच अधिकारियों का नाम सीधा डीएम और एसपी के सामने रखा जाएगा, जिन्होंने रिपोर्ट जमा करने में ढिलाई बरती।अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से तुरंत मेडिकल रिपोर्ट मंगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव से हर जिले में नोडल अफसर तैनात करने को कहा गया है।हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं का बोझ बांटने के लिए रोजाना 5 से दस जमानत याचिकाऐ सभी सिंगल जजों की पीठ के सामने सूचीबद्ध किए जाएंगे, ताकि जल्द से जल्द राहत मिल सके।व्यक्तिगत आजादी से जुड़े मामलों में बिना वजह की देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।सुप्रीम कोर्ट के आदेश (अन्ना वामन भलेराव बनाम महाराष्ट्र सरकार) के अनुपालन में पटना हाईकोर्ट का कड़ा कदम।पटना से आनंद कुमार की रिपोर्ट
पटनाः शहरी विकास,सुशासन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ओडिशा के भुवनेश्वर में24और25अक्टूबर को द्वितीय राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन का आयोजन किया गया। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग और पटना नगर निगम के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।सम्मेलन में बिहार की सहभागिता के जरिए राज्य में शहरी विकास से जुड़े अनुभवों,प्राथमिकताओं और चुनौतियों को राष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिला। इस दौरान शहरी सेवाओं में सुधार,नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।मंत्री नीतीश मिश्रा समेत कई प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सासम्मेलन में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा,विभाग के सचिव अनिमेष कुमार पराशर,पटना की महापौर सीता साहू और नगर आयुक्त यशपाल मीणा शामिल हुए। इनके अलावा पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सदस्य और विभाग के अन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।शहरी सेवाओं की गुणवत्ता और सुशासन पर चर्चादो दिवसीय सम्मेलन के दौरान नगर निकायों की कार्यक्षमता,शहरी सेवाओं की गुणवत्ता,विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिक-केंद्रित नगर प्रबंधन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने शहरी क्षेत्रों में सामने आने वाली चुनौतियों,उनके समाधान और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने पर चर्चा की। सम्मेलन का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में सुधार के लिए अनुभवों का आदान-प्रदान करना रहा।बिहार के शहरी विकास को मिलेगा राष्ट्रीय मंच पर अनुभव साझा करने का अवसरद्वितीय राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन में बिहार के प्रतिनिधियों की भागीदारी राज्य के शहरी विकास से जुड़े मुद्दों और प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर प्रदान करती है। नगर निकायों के कामकाज में सुधार,योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप शहरी सेवाएं विकसित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण विषय हैं।सम्मेलन में हुई चर्चाओं और विभिन्न राज्यों के अनुभवों से शहरी विकास की भावी योजनाओं तथा नगर प्रबंधन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी विचार सामने आने की उम्मीद है।
विभागीय कार्रवाई से शिक्षा विभाग में निर्माण क्षेत्र से जुड़े संवेदकों में हड़कंपपटनाःराज्य में शैक्षणिक भवनों और विद्यालयों के निर्माण कार्यों में लापरवाही तथा लेटलतीफी बरतने वाले संवेदकों पर बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC)ने सख्त रुख अख्तियार किया है। निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा नहीं करने और गुणवत्ता में उदासीनता बरतने वाले कई संवेदकों के अनुबंध रद्द किए जा रहे हैं,जबकि कई अन्य को ब्लैकलिस्ट कर डिबार करने और भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।कई संवेदक डिबार कइयों को नोटिस जारीविभागीय सूत्रों की माने,तो नवादा,नालंदा,किशनगंज,मधेपुरा और गयाजी आदि जिलों में 10+2 स्तर के विद्यालयों तथा छात्रावास भवनों के निर्माण में अत्यधिक शिथिलता पाई गई। कार्यपालक अभियंता औरDMTकी अनुशंसा के आधार पर नवादा के कौवाकोल प्रखंड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास के अधूरे निर्माण के लिए संवेदक राजेश कुमार को डिबार किया गया है। नालंदा के हरनौत में +2 उच्च विद्यालय भवन के अपूर्ण कार्य को लेकर कुमार सरोज तथा अन्य परियोजनाओं में चितरंजन कुमार शर्मा,अविशाक कुमार,अमित कुमार सिंह और अमित रंजन पर डिबार अथवा कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है।पुराने अनुबंधों को रद्द करने की सिफारिशवहीं,अररिया,शेखपुरा,लखीसराय,कटिहार,शिवहर और किशनगंज सहित अन्य जिलों में वर्षों से लटके निर्माण कार्यों के अनुबंध रद्द किए जाने की प्रक्रिया तेजी पर है। इनमें रिद्धि कंस्ट्रक्शन (अररिया),मेसर्स कादंबिनी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (शेखपुरा),विजय कुमार (लखीसराय),गोपाल कुमार (कटिहार),मेसर्स प्रमोद कंस्ट्रक्शन (नवादा) और विनीत झा (किशनगंज शिक्षा भवन कार्य) जैसे संवेदक शामिल हैं,जहां अपूर्ण कार्यों को लेकर अनुबंध विखंडन और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।73 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड और ईएमडी जब्तसमय पर परियोजना पूरी न करने वाले निम्न संवेदकों पर 1% की दर से हर्जाना लगाया गया है:• मेसर्स हरिओम कंस्ट्रक्शन: ₹28.42 लाख• मेसर्स अध्याय इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड: ₹16.30 लाख• मेसर्स अक्षित इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड: ₹15.80 लाख• एम. के. गुप्ता: ₹11.36 लाख• अजय कुमार: ₹1.45 लाखइसके अलावा, गंभीर अनियमितता के चलते शिवांगी कंस्ट्रक्शन का कार्यादेश रद्द करते हुए उसकी जमानत राशि जब्त कर ली गई है।विभाग के इस कड़े कदम से निर्माण क्षेत्र से जुड़े संवेदकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU)से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे जेडीयू का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि इस पर किसी दूसरे व्यक्ति की टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है।चिराग पासवान के मुताबिक,अनंत सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक कारणों से नहीं,बल्कि उनके व्यक्तिगत कर्मों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई के पीछे के कारणों को समझना जरूरी है और इस मामले में दूसरे दलों के नेताओं की टिप्पणी उचित नहीं है।अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी उठ रही मांगअनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठ रही है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। हालांकि, विधानसभा सदस्यता को लेकर आगे क्या निर्णय होता है, यह संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।चिराग पासवान ने बताया जेडीयू का आंतरिक मामलाकेंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई जेडीयू का अपना मामला है। उन्होंने इसे राजनीतिक कार्रवाई मानने से इनकार करते हुए कहा कि कार्रवाई उनके व्यक्तिगत कर्मों के आधार पर हुई है। अनंत सिंह प्रकरण को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा जारी है। अब सबकी नजर इस मामले में आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट
पटना:पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में26अक्टूबर2026,आश्विन पूर्णिमा से संध्या आरती के समय में बदलाव किया जा रहा है। अब मंदिर में प्रतिदिन संध्या आरती शाम8बजे के बजाय7:30बजे से होगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी के अनुसार मंदिर पहुंचने की अपील की है।महावीर मंदिर प्रबंधन के अनुसार,हर साल दुर्गापूजा के बाद आश्विन पूर्णिमा से संध्या आरती के समय में परिवर्तन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी आरती का समय आधा घंटा पहले निर्धारित किया गया है।श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि संध्या आरती के समय में बदलाव के अलावा मंदिर में होने वाली अन्य आरतियों के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। प्रातः और दोपहर की आरती पूर्व निर्धारित समय पर ही संपन्न होंगी।महावीर मंदिर में आरती की नई समय-सारणीआरती का नामनया समयप्रातः आरतीसुबह5:00बजेदोपहर की आरतीपूर्वाह्न11:00बजेसंध्या आरतीशाम7:30बजेश्रद्धालुओं से समय का ध्यान रखने की अपीलमंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संध्या आरती के बदले हुए समय को ध्यान में रखते हुए अपनी पूजा-अर्चना की योजना बनाएं।26अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था के तहत संध्या आरती प्रतिदिन शाम7:30बजे होगी,जबकि सुबह और दोपहर की आरती अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएगी।ऐसे में महावीर मंदिर में संध्या आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब पहले की तुलना में30मिनट पहले मंदिर पहुंचने की योजना बनानी होगी।पटना से अंकिता की रिपोर्ट