
शनिवार, 19 सितंबर 2026
Liveगोपालगंज :बिहार केगोपालगंज में किसान भवन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे के मामले में अब प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया है. फुलवरिया प्रखंड स्थित किसान भवन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन को24घंटे का अल्टीमेटम दिया है. बीस सूत्री की बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और बीस सूत्री के सदस्यों ने किसान भवन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायत प्रभारी मंत्री के सामने रखी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया और जिला पदाधिकारी को किसान भवन को24घंटे के भीतर कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया.गोपालगंज समाहरणालय सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम की बैठक के दौरान फुलवरिया प्रखंड के किसान भवन पर अवैध कब्जे का मामला प्रमुखता से उठाया गया.बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और बीस सूत्री के सदस्यों ने प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा को बताया कि फुलवरिया प्रखंड में स्थित किसान भवन पर लंबे समय से अवैध कब्जा है. किसान भवन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन के इस तरह इस्तेमाल किए जाने को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं.मामला सामने आते ही प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे गंभीरता से लिया. उन्होंने मौके से ही जिला प्रशासन को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.प्रभारी मंत्री ने जिला पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि फुलवरिया के किसान भवन को24घंटे के अंदर अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए.इसके साथ ही उन्होंने किसान भवन को खाली कराने के बाद मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.प्रभारी मंत्री के इस निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी. लंबे समय से किसान भवन पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी.बीस सूत्री की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर प्रभारी मंत्री की तत्काल कार्रवाई से साफ है कि सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर अवैध कब्जे के मामलों को लेकर जिला प्रशासन को अब सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.फिलहाल, प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद फुलवरिया किसान भवन को24 घंटे के भीतर कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है. अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस निर्देश को किस तरह अमलीजामा पहनाता है.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज: बिहार के लिए आज गौरव का दिन है. राज्य के गोपालगंज जिले के महिला शिक्षिका पुष्पा प्रसाद को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026से सम्मानित किया गया है. नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिहार की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और खुशबू कुमारी को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से नवाजा.पुष्पा प्रसाद ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने बेहतर काम और समर्पण से अलग पहचान बनाई है. लेकिन आज हम आपको खास तौर पर गोपालगंज की उस शिक्षिका की कहानी दिखाएंगे, जिन्होंने बच्चों को सिर्फ किताबों के जरिए नहीं, बल्कि नवाचार और अलग-अलग प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाई को आसान और रोचक बनाया.गोपालगंज के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद के लिए पढ़ाना सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का मिशन रहा है.कहीं बच्चों को गतिविधियों के जरिए पढ़ाया जा रहा है, तो कहीं आसपास मौजूद चीजों को ही पढ़ाई का माध्यम बनाया गया. कठिन विषयों को आसान भाषा और प्रयोगों के जरिए समझाने की कोशिश की गई.पुष्पा प्रसाद का मानना रहा कि अगर पढ़ाई को बच्चों की रुचि से जोड़ दिया जाए, तो सीखना उनके लिए बोझ नहीं, बल्कि एक आनंद बन जाता है.इसी सोच के साथ उन्होंने कक्षा में कई तरह के नवाचारों को अपनाया. बच्चों को केवल किताब पढ़ने और जवाब लिखने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें सवाल पूछने, गतिविधियों में भाग लेने और खुद करके सीखने के लिए प्रेरित किया.कठिन से कठिन विषयों को भी उदाहरण, मॉडल, गतिविधि और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर समझाया गया, ताकि बच्चों के लिए पढ़ाई आसान हो सके.पुष्पा प्रसाद की कोशिश रहती थी कि कक्षा में हर बच्चा सक्रिय रहे. जो बच्चे किसी विषय को समझने में पीछे रह जाते थे, उनके लिए अलग तरीके से समझाने की कोशिश की जाती थी.पढ़ाई के साथ बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, सवाल पूछने की आदत विकसित करना और अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रेरित करना भी उनके शिक्षण का अहम हिस्सा रहा.नवाचार का असर बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार में भी दिखाई देने लगा. कक्षा में बच्चों की भागीदारी बढ़ी और पढ़ाई को लेकर उनकी दिलचस्पी भी बढ़ी.पुष्पा प्रसाद ने शिक्षा को सिर्फ ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए बच्चों को सीखने के नए अवसर देने की कोशिश की.यही वजह है कि उनके काम को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिली और आखिरकार उनका चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ.नई दिल्ली में आयोजित समारोह में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पुष्पा प्रसाद को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया, तो यह सिर्फ एक शिक्षिका का सम्मान नहीं था, बल्कि गोपालगंज के शिक्षा जगत के लिए भी गौरव का क्षण बन गया.पुष्पा प्रसाद के साथ बिहार की शिक्षिका खुशबू कुमारी को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. दोनों महिला शिक्षिकाओं की यह उपलब्धि बिहार के उन तमाम शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.एक शिक्षक की पहचान सिर्फ इस बात से नहीं होती कि वह कितने बच्चों को पढ़ाता है, बल्कि इस बात से भी होती है कि वह बच्चों के अंदर सीखने की कितनी ललक पैदा करता है.गोपालगंज की पुष्पा प्रसाद ने अपने नवाचार आधारित शिक्षण से यही साबित किया है.कक्षा में नए प्रयोग... बच्चों को समझाने का अलग अंदाज... और शिक्षा को रोचक बनाने की लगातार कोशिश...इन्हीं प्रयासों ने आज उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है.नवाचार से बच्चों को पढ़ाने वाली गोपालगंज की पुष्पा प्रसाद को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित.राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद अब उम्मीद है कि पुष्पा प्रसाद के शिक्षण के इन प्रयोगों से दूसरे शिक्षक भी प्रेरणा लेंगे और कक्षाओं में पढ़ाई को और अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेंगे.गोपालगंज की बेटी और शिक्षिका पुष्पा प्रसाद की यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज में एक शिक्षिका की फर्जी हाजिरी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. मामला थावे प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुकेरी टोला से जुड़ा है. विद्यालय की शिक्षिका सना रेयाज पर विदेश में रहने के दौरान प्रशिक्षण में उपस्थिति दर्ज कराने और स्कूल में भी फर्जी हाजिरी बनाने का आरोप लगा है.जांच रिपोर्ट के अनुसार,शिक्षिका सना रेयाज 21 जनवरी 2017 को सऊदी अरब गई थीं और 30 मार्च 2017 को वापस लौटी थीं. आरोप है कि इस अवधि के दौरान वह विदेश में थीं,लेकिन थावे में चल रहे डीएलएड प्रशिक्षण में उनकी उपस्थिति दर्ज की गई. प्रशिक्षण में 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य थी. जांच में आशंका जताई गई है कि इस अनिवार्य उपस्थिति को पूरा दिखाने के लिए फर्जी तरीके से हाजिरी दर्ज की गई.मामला यहीं नहीं रुका. जांच में यह भी सामने आया कि 2 नवंबर 2017 को शिक्षिका के पुत्र का जन्म हुआ था,लेकिन उसी दिन विद्यालय में उनकी उपस्थिति दर्ज मिली. जांच के दौरान शिक्षिका द्वारा मातृत्व अवकाश लिए जाने का भी कोई साक्ष्य नहीं मिला.इन तथ्यों के सामने आने के बाद शिक्षिका की हाजिरी और प्रशिक्षण से संबंधित रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले की जांच डीडीसी गौरव कुमार ने की है. उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है.अब रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. माना जा रहा है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा. मामले ने शिक्षा विभाग में शिक्षकों की उपस्थिति और प्रशिक्षण रिकॉर्ड की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.संजय कुमार की रिपोर्ट--
गोपालगंज : इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के गोपालगंज से है जहां गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही गांव में शौचालय की सेंटरिंग खोलने के दौरान 4 मजदूरों की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई. घटना के कारणों और मृतकों की पहचान को लेकर पुलिस की जांच जारी है.बताया जाता है कि काम के दौरान सबसे पहले मजदूर टैंक के अंदर उतरे. कुछ ही देर बाद टैंक के अंदर जहरीली गैस के कारण उन्हें घुटन होने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े. पहले मजदूरों को परेशानी में देखकर उन्हें बचाने के लिए दूसरे मजदूर भी टैंक के अंदर उतर गए. लेकिन उन्हें क्या पता था कि अंदर जहरीली गैस का खतरा मौजूद है. बचाने के प्रयास में वे भी गैस की चपेट में आ गए.देखते ही देखते चारों मजदूर टैंक के अंदर बेहोश हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों और अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों की मदद से सभी को किसी तरह सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने चारों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया. हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान सवनहीं गांव निवासी बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और गिदहा गांव निवासी शबे आलम के रूप में हुई है. चार मजदूरों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया. परिजन आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे, जहां अपनों के शव देखकर चीख-पुकार मच गई.वहीं, घटना को लेकर हेडक्वार्टर डीएसपी विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं गांव में हकीक अहमद का मकान निर्माणाधीन था. इसी मकान में शौचालय के लिए बनाए जा रहे सेप्टिक टैंक के अंदर मजदूर शटरिंग खोलने और प्लास्टर का काम कर रहे थे. इसी दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से चारों मजदूरों की मौत हो गई. मृतकों में जावेद आलम, शबे आलम, उमेश यादव और राकेश बैठा शामिल हैं.पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज मॉडल अस्पताल भेज दिया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है.सेप्टिक टैंक के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आकर चार मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज:TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. छात्रों की मांग है कि जिस तरहTRE-1, TRE-2 औरTRE-3 की परीक्षा कराई गई थी,उसी पैटर्न परTRE-4 की परीक्षा भी आयोजित की जाए.अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर परीक्षा मेंPTऔरMAINSका नया प्रयोग करना है तो इसेTRE-5 से लागू किया जाए. वहीं,इस पूरे मामले पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभाग की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट की है.दरअसल,शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी दो दिवसीय गोपालगंज दौरे पर थे. इसी दौरानTRE-4 परीक्षा के पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों की मांग औरPT-MAINSव्यवस्था से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री से सवाल किया गया.अभ्यर्थियों का कहना है किTRE-1, TRE-2 औरTRE-3 की तरह हीTRE-4 की परीक्षा भी आयोजित की जानी चाहिए. छात्रों का तर्क है कि अगरPTऔरMAINSजैसी नई व्यवस्था लागू करनी है या परीक्षा को लेकर किसी तरह का नया प्रयोग करना है,तो उसेTRE-5 से लागू किया जाए.इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि परीक्षा का पैटर्न तय करना शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया में केवल अधियाची विभाग की भूमिका में है.शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से जो अधियाचना भेजी जानी थी,वह भेज दी गई है. अब परीक्षा आयोजित करने और परिणाम जारी होने के बाद शिक्षा विभाग की भूमिका नियुक्ति पत्र जारी करने की होगी.यानीTRE-4 परीक्षा किस पैटर्न पर होगी, PTऔरMAINSहोगा या नहीं,इस फैसले में शिक्षा विभाग की सीधी भूमिका नहीं है. शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि विभाग को जो जिम्मेदारी दी गई है,उसके तहत अधियाचना भेजने का काम पूरा कर दिया गया है और रिजल्ट मिलने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट ---
गोपालगंज: बिहार केगोपालगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को बड़ी सौगात मिली. समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लाभुक परिवारों को पक्के आवास की चाबी और स्वीकृति पत्र सौंपे. इस दौरान लाभुकों के चेहरे पर अपने पक्के घर की खुशी साफ दिखाई दी.प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत गोपालगंज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदर प्रखंड के 7 लाभुक परिवारों को पूर्ण आवास की चाबी अपने हाथों से सौंपी,जबकि 7 लाभुकों को आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र दिया गया.इस दौरान 26 चिह्नित लाभुकों को शुभकामना संदेश भी दिया गया. चाबी मिलते ही लाभुक परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला. उनके लिए यह चाबी सिर्फ मकान की नहीं,बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है.कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना है,जो अब तक कच्चे या असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर थे. पक्का घर मिलने से परिवारों को मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार होगा.वहीं विधायक राम सेवक सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे.गोपालगंज जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत कुल 16 हजार 773 आवास का लक्ष्य रखा गया था,जिसके विरुद्ध अब तक 13 हजार 467 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं. यानी करीब 80.7 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो चुका है.जिला प्रशासन ने शेष आवासों को भी अभियान चलाकर जल्द पूरा करने का दावा किया है.कार्यक्रम में डीएम समीर सौरभ,डीडीसी कुमार गौरव,अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी और योजना के लाभुक मौजूद रहे.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज:कुचायकोट से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। करीब सात साल पुराने जान से मारने की नीयत से फायरिंग के मामले में विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने विधायक समेत तीन आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित कर दिए हैं। अब इस मामले में अदालत के स्तर पर गवाहों और साक्ष्यों की सुनवाई होगी।मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के नयागांव तुलसिया सिंगहा टोला से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2019 में फूलमती कुंवर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे अभिमन्यु तिवारी पर जानलेवा फायरिंग की गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अब विशेष एमपी-एमएलए अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मामले में विधायक पप्पू पांडेय के अलावा उनके बड़े भाई सतीश पांडेय और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और उनके भतीजे मुकेश पांडेय भी आरोपित हैं।अदालत की ओर से आरोप गठित किए जाने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी। इस मामले में अदालत के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।फायरिंग का यह मामला करीब सात वर्ष पुराना है,लेकिन अब आरोप गठन के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, आरोप सिद्ध होना अभी बाकी है और अंतिम फैसला अदालत की आगे की सुनवाई तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। मामले में सभी आरोपितों का पक्ष भी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आएगा।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
गोपालगंज:बड़ी खबर गोपालगंज से है जहां जिले के जादोपुर थाना में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है. पुलिस जांच में निर्दोष लोगों को बिना प्राथमिकी और कानूनी अनुमति के घंटों थाना परिसर में रखने,मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने और केस से नाम हटाने के नाम पर अवैध राशि लेने के आरोप प्रथम दृष्टया सामने आए हैं. मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. थानाध्यक्ष और चौकीदार को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ निलंबित भी कर दिया गया है.पुलिस के अनुसार 16 अगस्त को पुलिस अधीक्षक गोपालगंज को जादोपुर थाना में पद के दुरुपयोग और अवैध राशि की मांग एवं वसूली से संबंधित गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय को मामले की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई.जांच में सामने आया कि कुछ लोगों को बिना प्राथमिकी या सक्षम कानूनी अनुमति के करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में रखा गया. वहीं,मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग और वसूली का आरोप सामने आया.इसके अलावा महिला और उसकी नाबालिग पुत्री को छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये तथा युवक का नाम केस से हटाने के नाम पर 55 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली का मामला भी जांच में सामने आया है.जांच के दौरान गवाहों को प्रभावित करने और डराने-धमकाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई. पुलिस के मुताबिक थाना प्रभारी और कथित दलाल के बीच लगातार मोबाइल संपर्क की पुष्टि भी जांच में हुई है. स्टेशन डायरी में एंट्री नहीं होने और थाने से छोड़े गए लोगों से संबंधित दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं.जांच रिपोर्ट के आधार पर जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026,दिनांक 18 अगस्त को दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई. मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम,कथित दलाल राजू यादव,थाना चालक राकेश कुमार और चौकीदार महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है.पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है. पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पद और दायित्व का दुरुपयोग,रिश्वतखोरी,अवैध वसूली,लोगों को गैर-कानूनी तरीके से निरुद्ध करना या जांच को प्रभावित करने का प्रयास किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट -
गोपालगंज : जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने मंगलवार को मंडल कारा चनावे का निरीक्षण किया. इस दौरान कारा परिसर में बंदी दरबार लगाया गया, जहां डीएम ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और जरूरतें सुनीं. बंदियों ने विभिन्न मांगों और समस्याओं को डीएम के सामने रखा, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए.डीएम ने कहा कि जेल में बंदियों को सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और उनके साथ मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए.जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने मंडल कारा चनावे का निरीक्षण कर कारा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान आयोजित बंदी दरबार में डीएम ने बंदियों से आमने-सामने बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना.बंदियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया. डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को नियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.डीएम ने कहा कि कारा में निरुद्ध बंदियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. साथ ही बंदियों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.इस दौरान मंडल कारा के अधीक्षक समेत कारा प्रशासन के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज:एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने TRE-4 परीक्षा और शिक्षक भर्ती की रिक्तियों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि 32 हजार 388 सीटों के लिए सरकार की ओर से पहले ही अधियाचना भेजी जा चुकी है. कुछ और सीटें बढ़ने की संभावना है. मंत्री ने बताया कि छोटे-छोटे विषयों पर जहां विज्ञापन जारी होना था,लेकिन किसी कारणवश सीटें विज्ञापन में शामिल नहीं हो सकी. उन सभी मामलों की जानकारी शिक्षा विभाग ने मंगा ली है.शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अलग-अलग विषयों में छूटी हुई सीटों को लेकर विभाग ने जानकारी जुटाई है. कई छोटे विषय ऐसे हैं,जिनमें रिक्तियां थीं,लेकिन किसी कारण से उनका विज्ञापन नहीं निकल पाया था.अब उन सभी रिक्तियों को एक साथ लेकर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.मंत्री ने बताया कि इन अतिरिक्त रिक्तियों को लेकर कल अंतिम निर्णय लिया जाएगा.इसके बाद संशोधित अधियाचना तैयार कर बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी को दोबारा भेजी जाएगी. इससे TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा में सीटों की संख्या पहले से और बढ़ने की उम्मीद है.वहीं,TRE-4 परीक्षा में शामिल होने की पात्रता को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि TRE-4 परीक्षा में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं,जिन्होंने निर्धारित पात्रता परीक्षा यानी STET उत्तीर्ण की हो. यह नियम पहले से ही लागू है और इसी के आधार पर अभ्यर्थियों की पात्रता तय की जाएगी.शिक्षा मंत्री ने कहा कि STET परीक्षा को लेकर छात्र और अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे थे कि परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित कराई जाए, ताकि वे TRE-4 परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र हो सके. अभ्यर्थियों की मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसी के तहत STET के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.शिक्षा मंत्री के मुताबिक,सरकार की कोशिश है कि STET की परीक्षा और रिजल्ट की प्रक्रिया समय पर पूरी हो,ताकि योग्य अभ्यर्थियों को TRE-4 में शामिल होने का अवसर मिल सके.उन्होंने कहा कि छात्रों और नौजवानों के हित को ध्यान में रखते हुए विभाग लगातार काम कर रहा है.कुल मिलाकर TRE-4 शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ा अपडेट है. 32 हजार 388 सीटों की अधियाचना पहले ही भेजी जा चुकी है, जबकि छोटे विषयों में छूटी हुई रिक्तियों को जोड़ने के बाद सीटों की संख्या और बढ़ सकती है. अब सभी की नजर कल होने वाले अंतिम निर्णय और उसके बाद बीपीएससी को भेजी जाने वाली संशोधित अधियाचना पर है.
गोपालगंज: मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सम्राट चौधरी बुधवार को गोपालगंज पहुंचे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिले में भव्य स्वागत किया गया. गोपालगंज पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर पहुंचे,जहां उन्होंने मां थावे भवानी के दरबार में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया.मंदिर में पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने माता की पूजा की. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे.पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थावे प्रखंड के चनावे पहुंचे. यहां जेल के समीप प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित जमीन का उन्होंने निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मेडिकल कॉलेज की जमीन,प्रस्तावित परियोजना और निर्माण को लेकर तैयारियों की जानकारी ली.मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मां थावे भवानी करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सनातन और धार्मिक आस्था गहरी है और उनके थावे पहुंचने से जिलेवासियों में खुशी है. शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि थावे मंदिर के विकास और पर्यटन सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे.मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए मुख्यमंत्री स्वयं स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और निरीक्षण के बाद इसके आगे की प्रक्रिया को लेकर सरकार की ओर से निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज गोपालगंज के लिए बड़ी सौगात साबित होगा.वहीं,बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जनक राम ने मुख्यमंत्री के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह गोपालगंज का पहला दौरा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से जिले के लोगों में उत्साह है और लंबे समय से की जा रही मेडिकल कॉलेज की मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ रही है.जनक राम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मां भवानी के दर्शन के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया है. उनके निरीक्षण के बाद मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है.मुख्यमंत्री के गोपालगंज दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा से लेकर तमाम व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए. मुख्यमंत्री के दौरे से जिलेवासियों को मेडिकल कॉलेज और थावे मंदिर के विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट –
गोपालगंज : बड़ी खबर गोपालगंज के कटेया से सामने आ रही है जहां पत्नी की विदाई की मांग को लेकर एक युवक ने मोबाइल टावर पर चढ़ गया. युवक को टावर पर चढ़ता देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई. काफी देर तक युवक टावर पर ही मौजूद रहा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुट गई.दरअसल,पूरा मामला कटेया थाना क्षेत्र के कटेया नगर पंचायत स्थित वैष्णो मठ के समीप का है जहां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खुखुन्दू गांव निवासी अनीस माझी मोबाइल नेटवर्क कंपनी के टावर पर चढ़ गया.बताया जा रहा है कि अनीस माझी की शादी कटेया थाना क्षेत्र के कुकुरभुक्का गांव में हुई. युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी करीब चार साल से मायके में रह रही है. पत्नी की विदाई नहीं होने से नाराज युवक ने टावर पर चढ़कर अपनी मांग पूरी कराने की कोशिश की.युवक को टावर पर चढ़ता देख आसपास के लोगों की काफी भीड़ मौके पर जमा हो गई. लोग लगातार युवक से नीचे उतरने की अपील करते रहे. लेकिन युवक काफी देर तक टावर पर ही मौजूद रहा.घटना की जानकारी मिलते ही कटेया थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को समझाने की कोशिश शुरू की. साथ ही उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया गया.फिलहाल युवक के टावर पर चढ़ने से इलाके में घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. वहीं,किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
पटना: बिहार की जीविका दीदियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। छपरा, सीवान, और गोपालगंज में यह पहल देखने को मिल रही है। गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड स्थित साथी गांव में संचालित जीविका सिलाई सेंटर में अब आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक के बाद मध्य विद्यालयों के छात्रों की पोशाक भी तैयार की जाएगी।सिलाई सेंटर में करीब 65 जीविका दीदियां कर रही कामयश इंटरप्राइजेज के बैनर तले चल रहे इस सिलाई सेंटर में करीब 65 जीविका दीदियां प्रतिदिन काम कर रही हैं। सेंटर को जिले के सभी 14 प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 2,23,082 बच्चों की पोशाक सिलने की जिम्मेदारी दी गई थी।जीविका दीदियांप्रतिदिन करीब एक हजार पोशाक कर रही तैयारअब तक 1,62,900 बच्चों की पोशाक के लिए कपड़ा सेंटर को उपलब्ध कराया जा चुका है। इनमें से 1,43,497 पोशाक तैयार कर संबंधित स्थानों पर उपलब्ध भी कराई जा चुकी हैं। यहां जीविका दीदियां प्रतिदिन करीब एक हजार पोशाक तैयार कर रही हैं।आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक सिलाई का काम पूरा होने के बाद इसी सेंटर से जिले के मध्य विद्यालयों के छात्रों की पोशाक तैयार करने का काम शुरू कराया जाएगा। इससे जीविका दीदियों को लगातार काम और आय का अवसर मिलेगा।दीदियों की सुविधाओं पर भीध्यानसिलाई सेंटर पर काम करने वाली दीदियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर शुद्ध पेयजल के लिए आरओ लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा हर महीने स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा, जिसमें सेंटर की कर्मियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी।सिलाई सेंटर का निरीक्षणबीडीओ मनोज कुमार पंडित,जीविका बीपीएम नेहा कुमारी और एरिया कोऑर्डिनेटर पंकज कुमार ने सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दीदियों की समस्याएं भी सुनीं।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
गोपालगंज: जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने सोमवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में "सबका सम्मान,जीवन आसान" अभियान के तहत जनता दरबार का आयोजन किया. इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं से डीएम को अवगत कराया. जिला पदाधिकारी ने एक-एक फरियाद को गंभीरता से सुना,कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए. डीएम ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.समाहरणालय परिसर में आयोजित जनता दरबार में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, अतिक्रमण, बिजली, पेयजल सहित अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा.डीएम समीर सौरभ ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों से तत्काल फोन पर संपर्क कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. साथ ही लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा.जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और फरियादियों को तय समय सीमा के अंदर राहत उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है.यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.जनता दरबार के दौरान डीएम समीर सौरभ लगातार फरियादियों से बातचीत करते नजर आए. उन्होंने कई मामलों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर ना लगाना पड़े. डीएम ने ये भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है,ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके.जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने कहा कि "सबका सम्मान, जीवन आसान" अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से समाधान करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है और हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले,इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता दरबार लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है,जिससे शिकायतों का तेजी से समाधान हो रहा है और आम लोगों का विश्वास प्रशासन पर लगातार मजबूत हो रहा है.जिला प्रशासन का कहना है कि जनता दरबार की इस व्यवस्था के माध्यम से लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कराने और शेष मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
गोपालगंज:बिहार में शिक्षक की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। गोपालगंज पहुंचे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने TRE-4 भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC को भेज दी गई है। अब आयोग से आग्रह किया गया है कि वह जल्द से जल्द परीक्षा का शेड्यूल जारी करे। शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि लाइब्रेरियन के तबादले के लिए भी आवश्यक प्रावधान कर दिए गए हैं और जल्द ही इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा।गोपालगंज दौरे पर पहुंचे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने शिक्षक अभ्यर्थियों को राहत देने वाली जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के चौथे चरण यानी TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी गई है। अब आयोग परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में जुटा हुआ है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। इसी उद्देश्य से बीपीएससी से अनुरोध किया गया है कि जल्द से जल्द परीक्षा का शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो सके और नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ विभागीय व्यवस्थाओं में भी सुधार किए जा रहे हैं, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।शिक्षा मंत्री ने लाइब्रेरियन के स्थानांतरण को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरियन के ट्रांसफर के लिए आवश्यक प्रावधान कर दिए गए हैं। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा, जिसके माध्यम से पात्र लाइब्रेरियन स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि नियुक्ति और स्थानांतरण दोनों प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी हों, जिससे किसी प्रकार की परेशानी या अनियमितता की संभावना न रहे।फिलहाल TRE-4 को लेकर शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों की निगाहें अब बीपीएससी पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आयोग जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम जारी कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
गोपालगंज:बिहार के गोपालगंज में सरकारी स्कूल के अंदर दबंगई का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शिक्षा मंत्री के गृह जिले के थावे प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्यारेपुर में कथित भूमिदाता पर विद्यालय परिसर में घुसकर एक छात्र की पिटाई करने का आरोप लगा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इतना ही नहीं,स्कूल के दो कमरों में ताला लगाए जाने का भी आरोप है,जिससे स्कूल का संचालन प्रभावित हुआ है. मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.मामला थावे प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्यारेपुर का है. जानकारी के अनुसार,कथित भूमिदाता विद्यालय परिसर में पहुंचा और किसी विवाद को लेकर एक छात्र के साथ मारपीट कर दी. इस दौरान मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया,जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है तथा स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.आरोप यह भी है कि घटना के बाद विद्यालय के दो कमरों में ताला लगा दिया गया,जिससे पठन-पाठन बाधित हुआ. सूचना मिलने पर विद्यालय प्रशासन ने तत्काल डायल-112पुलिस को घटना की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पुलिस के साथ-साथ शिक्षा विभाग भी अपने स्तर से तथ्य जुटाने में लगा है.इस मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है. उन्होंने संबंधित प्रधानाध्यापक को कथित आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है. डीईओ ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने डायल-112पुलिस को सूचना दी थी,जिसके बाद पुलिस विद्यालय पहुंची थी. वहीं विद्यालय के दो कमरों में ताला लगाए जाने की घटना की जांच के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच प्रतिवेदन शीघ्र प्राप्त होने की उम्मीद है और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.सरकारी विद्यालय में छात्र की कथित पिटाई और विद्यालय के कमरों में ताला लगाए जाने की घटना ने शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ होगी और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट--
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज में छात्र धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय कुमार तिवारी ने खुद मोर्चा संभालते हुए पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च किया. अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.शनिवार को डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय कुमार तिवारी के नेतृत्व में निकला फ्लैग मार्च बंजारी,पोस्ट ऑफिस चौक,अंबेडकर चौक,मोनिया चौक समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा. इस दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया.अधिकारियों ने संवेदनशील स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. साथ ही पूरे शहर में सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए.जिला प्रशासन ने आम लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने,किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज : जिले में नीट छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है. कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गुरुवार को सदर एसडीपीओ चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा बलों ने जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला. फ्लैग मार्च के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई. पुलिस का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.प्रस्तावित नीट छात्र आंदोलन को देखते हुए जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है. सदर एसडीपीओ चंदन कुमार के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च में नगर इंस्पेक्टर प्रवीण प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे. फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा. इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देना था कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के कोई भी पोस्ट, फोटो या वीडियो साझा न करें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. यदि कोई व्यक्ति भ्रामक सूचना फैलाने, लोगों को उकसाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी.प्रशासन का कहना है कि आंदोलन के दौरान आम लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है. सभी पुलिस पदाधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा. जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट-
गोपालगंज: वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल का मुद्दा बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में जोरदार तरीके से गूंजा. बरौली के जेडीयू विधायक मंजीत सिंह ने सरकार से चीनी मिल को स्क्रैप में बेचने के बजाय दोबारा चालू कराने की मांग उठाई। उन्होंने किसानों और कर्मचारियों के बकाया भुगतान का भी मुद्दा सदन में रखा।विधानसभा में विधायक मंजीत सिंह ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल पर किसानों का करीब 43 करोड़ रुपये और कर्मचारियों का 9 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं विभिन्न बैंकों का लगभग 68 करोड़ रुपये का मामला न्यायालय में लंबित है। उन्होंने कहा कि मिल की नीलामी कर उसे स्क्रैप में काटने की प्रक्रिया शुरू होने से किसानों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।विधायक ने सरकार से मांग की कि चीनी मिल को स्क्रैप में बेचने के बजाय पुनः संचालित किया जाए। उन्होंने बताया कि एक निवेशक बैंकों का बकाया चुकाने के लिए तैयार है और इसी वर्ष पेराई सत्र से मिल चालू करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। उनका कहना है कि सरकार की पहल से हजारों किसानों, मजदूरों और स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक राहत मिल सकती है।