

सोमवार, 14 सितंबर 2026
Liveगिरिडीह :दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में जिले के पीरटांड़ के सिद्धो-कान्हू मध्य विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई.सभा में मंत्री चमरा लिंडा, दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा, पूर्व मंत्री बेबी देवी, पूर्व विधायक केदार हाजरा और झारखंड आंदोलनकारी हीरालाल महतो समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.कार्यक्रम की शुरुआत सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई. वक्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, जनसेवा और क्षेत्र के विकास में योगदान को याद किया. सभी ने उनके निधन को पार्टी, सरकार और जनता के लिए अपूरणीय क्षति बताया. मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. वहीं पूर्व मंत्री बेबी देवी ने दिवंगत नेता को याद करते हुए भावुक हो गईं और मंच पर ही उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. हीरालाल महतो भी भावुक नजर आए. अंत में एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई.
गिरिडीह : जेएसएससी-सीजीएल मामले को लेकर गिरिडीह में शनिवार को भाजपा ने हेमन्त सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. स्टेडियम परिसर में जुटे भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने बैनर-तख्तियों के साथ जुलूस की शक्ल में न्यू समाहरणालय पहुंचे. इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और युवाओं व छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया.प्रदर्शन में राज्य के प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद रवींद्र राय, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. समाहरणालय के समीप नेताओं ने जेएसएससी-सीजीएल मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए.बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की. वहीं, रवींद्र राय ने युवाओं के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही.
बोकारो: झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को गिरिडीह पहुंचीं. यहां पहुंचने के बाद उन्होंने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर पहुंची और उनके तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि दी. डीजीपी ने दिवंगत मंत्री के परिजनों से भी मुलाकात की. इस दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनका हाल जाना और दुख की इस घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया.डीजीपी तदाशा मिश्रा ने दिवंगत मंत्री के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की. उन्होंने परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की बात कही. इस मौके पर पुलिस विभाग के कई वरीय अधिकारी भी डीजीपी के साथ मौजूद रहे. डीजीपी के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त है.
गिरिडीह:जेएमएम जिला कार्यालय में दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. पार्टी जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने सदैव जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. गिरिडीह के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया. उनके निधन से जेएमएम संगठन के साथ-साथ गिरिडीह की जनता को भी अपूरणीय क्षति हुई है.सभा में कार्यकर्ताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया. साथ ही उनके अधूरे जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.
गिरिडीह:भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एवं राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के संयुक्त तत्वावधान में कुलगो-घंघरी टोल प्लाजा परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया. इस दौरान दर्जनों दोपहिया वाहन चालकों के बीच हेलमेट वितरित किए गए और उन्हें यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया.कार्यक्रम मेंNHAI धनबाद परियोजना कार्यान्वयन इकाई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विशाल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार, झामुमो के वरिष्ठ नेता राजकुमार पांडेय, जेएलकेएम विधायक प्रतिनिधि सूरज कुमार एवं सुजीत पटेल की मौजूदगी में बाइक चालकों को हेलमेट दिए गए.इस अवसर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर विशाल कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ हर सड़क उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा, “जल्दी पहुंचने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित घर पहुंचना है. देर हो जाए, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए.”डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने की अपील की.InvIT के टोल मैनेजर विनोद कुमार ने बताया कि अभियान के माध्यम से वाहन चालकों को हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के महत्व की जानकारी दी गई.राजीव मोहन श्रीवास्तव की रिपोर्ट-
गिरिडीह:झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है. वहीं, दो दिवसीय राजकीय शोक का आज दूसरा दिन है.सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हरसिंगरायडीह स्थित उनके आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सह महाराष्ट्र प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद, झारखंड के सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी और मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके बाद नेताओं ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया.इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ.इरफान अंसारी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना सिर्फ एक नेता का निधन नहीं, बल्कि झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि सोनू के साथ उनका रिश्ता भाई जैसा था और सदन में दोनों एक-दूसरे के पूरक की भूमिका निभाते थे. सुदिव्यसोनू के अधूरे सपनों और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी डॉ.सिरिवेल्ला प्रसाद ने सुदिव्य कुमार सोनूको मेहनती, विचारशील और प्रतिबद्ध नेता बताते हुए कहा कि उनका निधन झारखंड के साथ-साथ पूरे गठबंधन और खासकर जेएमएम के लिए अपूरणीय क्षति है. मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
गिरिडीह: झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की अस्थियों का विधि-विधान के साथ सोमवार को बराकर नदी में विसर्जन किया गया. इस दौरान परिजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों की आंखें नम रही.धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच अस्थियों को नदी में प्रवाहित कर सभी ने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है. भारी मन और नम आंखों से लोगों ने अपने प्रिय नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
रांची/गिरिडीह: झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ और सक्रिय नेता और राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से झारखंड की राजनीति और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर भी सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए बड़ी संख्या में शोक संदेश सामने आए। उनके साथ राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए लोगों ने उनके योगदान और सक्रिय राजनीतिक भूमिका को याद किया।राज्य में शोक,राष्ट्रीय स्तर पर चुप्पी की चर्चासुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद जहां झारखंड के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया,वहीं राष्ट्रीय स्तर के कुछ प्रमुख नेताओं की ओर से सार्वजनिक श्रद्धांजलि संदेश सामने नहीं आने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं की ओर से सार्वजनिक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं दिखने की बात चर्चा में है। हालांकि,सोशल मीडिया पर किसी नेता की ओर से पोस्ट नहीं किया जाना उनकी व्यक्तिगत संवेदना या प्रतिक्रिया का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद झारखंड सरकार के एक मंत्री और सक्रिय राजनीतिक चेहरे के निधन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़े नेताओं की सार्वजनिक चुप्पी चर्चा का विषय जरूर बन गई है।निशिकांत दुबे की चुप्पी पर भी सवालइसी बीच गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का नाम भी इस चर्चा में सामने आया है। गिरिडीह, देवघर और गोड्डा झारखंड के संथाल परगना और आसपास के राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर निशिकांत दुबे की ओर से सार्वजनिक श्रद्धांजलि संदेश नहीं आने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, किसी नेता की ओर से सार्वजनिक बयान नहीं दिए जाने के पीछे कई व्यक्तिगत या राजनीतिक कारण हो सकते हैं। ऐसे में इसे सीधे तौर पर संवेदनहीनता से जोड़ना उचित नहीं होगा।क्या राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होती हैं संवेदनाएं?सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झामुमो और झारखंड सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम ने एक व्यापक सवाल भी खड़ा किया है—क्या किसी जनप्रतिनिधि के निधन पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवेदना व्यक्त की जानी चाहिए? क्या राजनीतिक विरोध अपनी जगह और मानवीय संवेदनाएं अपनी जगह होनी चाहिए? सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड में उमड़ी श्रद्धांजलियों के बीच राष्ट्रीय राजनीति के कुछ बड़े चेहरों की सार्वजनिक चुप्पी ने इन सवालों को और चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकारयह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन की सरकार का हिस्सा हैं। ऐसे में राज्य सरकार के एक मंत्री और गठबंधन के प्रमुख घटक दल के सक्रिय नेता सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सार्वजनिक रूप से शोक संदेश सामने नहीं आने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन गठबंधन की राजनीति के बीच एक साथी दल के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार के मंत्री के निधन पर राष्ट्रीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर लोगों की निगाहें स्वाभाविक रूप से टिकी रहती हैं।रांची से संवाददाता राहुल कुमार की रिपोर्ट
गिरिडीह: झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू का हरसिंगरायडीह स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. उनके 10 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि देकर अपने पिता को अंतिम विदाई दी. श्मशान घाट पर सीएम हेमंत सोरेन भावुक नजर आए. इस भावुक पल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो गए. सीएम ने कहा कि मंत्री सोनू का निधन एक राजनीतिक युग का अंत है. एक विकास पुरुष का यूं चले जाना गिरिडीह ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की राजनीति के लिए बेहद बड़ी क्षति है.
गिरिडीह: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को आवासीय परिसर में श्रद्धांजलि दी. हेमंत सोरेन के साथ विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनका जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है. सीएम ने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना बेहद कठिन है.झारखंड सरकार में मंत्री और गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर है. मौके पर तमाम मंत्री,विधायक और बड़ी संख्या में नेताओं ने नम आंखों सेश्रद्धा सुमन अर्पित किया. पक्ष-विपक्ष के तमाम नेता अंतिम विदाई देने के लिए गिरिडीह पहुंचे हुए हैं.बता दें कि शनिवार देर रात अचानक मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत बिगड़ गई थी. सीने में तेज दर्द उठने के बाद उन्हें रात 2 बजे आनन-फानन में गिरिडीह के मर्सी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और उन्हें बचाने के तमाम प्रयास किए,लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी. आज सुबह चार बजे के करीब डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर से एक बार फिर झारखंड की राजनीति में मानों बड़ा झटका लगा है. उनके आक्सिमक निधन ने सबको झकझोर दिया.
गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री दिवंगत सुदिव्य सोनू के अंतिम संस्कार में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होने पहुंच गए हैं. उनके साथ विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद हैं. राज्यपाल संतोष गंगवार ने दिवंगत सुदिव्य सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की. मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी श्रद्धांजलि दी.सीएम हेमंत सोरेन विशेष विमान से गिरिडीह पहुंचे हैं. गिरिडीह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
गिरिडीह:झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनूके आकस्मिक निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर गिरिडीह स्थित उनके आवासीय परिसर लाया गया है. उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य के तमाम बड़े नेता, समर्थक और आम लोग उनके आवास पर पहुंच रहे हैं. झारखंड के तमाम नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी. पार्थिव शरीर को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं. झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन, इरफान अंसारी ने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी.दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अंत्येष्टि कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन समेत तमाम बड़े नेता शामिल होंगे. उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या कार्यकर्ता,नेता और आम लोग पहुंच रहे हैं.झारखंड विधानसभा के स्पीकर रवींद्र नाथ महतो भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे. इस दुख की घड़ी में दिवंगत मंत्री की पत्नी को केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवीढांढस बंधाते हुए नजर आई. आवासीय परिसर में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है.
रांची:झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर से झारखंड की राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दुखद समाचार पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया है.मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर भावुक होते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने X हैंडल पर कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू उनके लिए महज एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि वे एक बड़े भाई के समान थे. कल तक जो साथी हमारे बीच थे,आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं. सुबह की शुरुआत बेहद दुखद खबर के साथ हुई. सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में रिक्तता छोड़ गया. हेमंत सोरेन ने भावुक होते हुए कहा कि आज मैंने आज बड़ा भाई खो दिया.इस अपूरणीय क्षति पर सीएम हेमंत सोरेन का दर्द छलका. सीएम ने दुख जताते हुएजिंदगी की नश्वरता का जिक्र किया.उन्होंने कहा कि कल तक जो बुलंद आवाज सबके बीच गूंजती थी,आज वह सिर्फ यादों में सिमट कर रह गई है.
रांची: झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज शामिल होंगे. रविवार को हेमंत सोरेन विशेष विमान से गिरिडीह पहुंचेंगे,जहां वह अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. गिरिडीह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार किया जाएगा.सीएम हेमंत सोरेन के गिरिडीह के कार्यक्रम का शेड्यूल जारी कर दिया गया है.अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में लोगों के गिरिडीह पहुंचने लगे है. इधर, रांची स्थित सरकारी आवास में भी उनके समर्थक पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर करीब 12 बजे तक गिरिडीह पहुंचेंगे. इस दुखद खबर से पूरे राज्य की राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है.
राँची: झारखंड राज्य के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन हो गया. घटना शनिवार देर रात की है. गिरिडीह में वो अपने आवास पर थे. बताया जा रहा है कि जब वो सोने गए तो अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया. जिसके बाद उन्हें जल्दबाजी में गिरिडीह के मरसी हॉस्पिटल (निजी अस्पताल) में एडमिट कराया गया. अस्पताल प्रबंधन की तरफ से काफी कोशिश की गयी. लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका. घटना के बाद पूरा गिरिडीह प्रशासन अस्पताल में मौजूद था. उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उन्हें रांची तक नहीं लाया जा सका.सुदिव्य कुमार सोनू के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेवारी थी. मंत्री सुद्धिव्य सोनू झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफी करीबी माने जाते थे. 2019 में वो पहली बार गिरिडीह सदर से विधायक बने. दूसरी बार 2024 में फिर से चुनाव जीतने के बाद वो मंत्री बने. हाल में झारखंड में हुए छात्र आंदोलन को खत्म करने में उनकी भूमिका काफी अहम रही. सरकार या अपने विभाग की बातों को वो जनता के सामने काफी पुरजोर तरीके से रखते थे.
गिरिडीह:जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के गोलगो पंचायत के पहाड़पुर गांव में एक किशोर की हत्या कर शव के टुकड़े कर जमीन में दफनाने का मामला सामने आया है. गांव में एक इंसान का कटा हुआ पैर मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ. पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली एसडीपीओ जितवाहन उरांव,बेंगाबाद सीओ सफी आलम,इंस्पेक्टर बमबम सिंह,थाना प्रभारी अमन कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचकर मजिस्ट्रेट की निगरानी में जमीन खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया.एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने बताया कि शव क्षत-विक्षत हालत में मिली है. पुलिस के अनुसार,प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग का मामला लग रहा है. मृतक की पहचान जमुई जिले के बिचकोडवा थाना क्षेत्र के मोरियाडीह गांव निवासी रविदास के 16 वर्षीय पुत्र के रूप में हुई है.बताया जा रहा है कि युवक रविवार शाम से ही अपने घर से लापता था,जिसे खोजते हुए परिजन उसकी प्रेमिका के गांव पहाड़पुर पहुंचे. जहां कटा हुआ पैर मिलने के बाद सन्देह गहराता गया और हत्या का खुलासा हुआ. घटना के बाद बेंगाबाद पुलिस कई संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ कर रही है. पुलिस सभी बिन्दुओ पर छानबीन कर रही है.
गिरिडीह: जिले में लोन और आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर करोड़ों की कथित ठगी का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने राधास्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामले का खुलासा डीएसपी आरके राणा ने प्रेसवार्ता के दौरान किया. पुलिस ने करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का प्रारंभिक अनुमान जताया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.पुलिस के अनुसार,राधास्वामी संगठन के खिलाफ ठगी की लिखित शिकायत मिलने के बाद पचम्बा थाना पुलिस ने जांच शुरू की. थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा से पूछताछ की गई.पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर उनकी पत्नी और जिला प्रभारी अनिषा सिन्हा, सुमित सिन्हा और जितेंद्र सिंह उर्फ सुबोध सिंह को भी गिरफ्तार किया गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संगठन से जुड़े लोगों पर लोन पर गाड़ी, होम लोन और दहेज के लिए आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा देकर लोगों से पैसे लेने का आरोप है.
गिरिडीह: रक्षाबंधन के मौके पर गिरिडीह में एक ऐसी तस्वीर सामने आई,जिसमें राजनीति से ऊपर रिश्तों की आत्मीयता दिखाई दी. गिरिडीह की मेयर प्रमिला मेहरा ने झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास,उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की कलाई पर राखी बांधी. मेयर और मंत्री ने भाई-बहन के स्नेह का पर्व मनाया.मेयर प्रमिला मेहरा ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की. वहीं,मंत्री ने भी बहन के प्रति स्नेह जताते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी. राखी बांधते समय मेयर प्रमिला मेहरा के चेहरे पर अपनापन और स्नेह साफ नजर आया. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बहन से राखी बंधवाकर इस रिश्ते की गरिमा निभाई. तस्वीर में दिख रहा यह भाव राजनीतिक मंचों से अलग एक पारिवारिक जुड़ाव की कहानी बयां कर रहा.
गिरिडीह: झारखंड में परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में शुरू की गई ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गुरुवार को गिरिडीह पहुंची.यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के गांव नेमरा से शुरू होकर हजारीबाग,चतरा और कोडरमा होते हुए गिरिडीह पहुंची. जहां छात्र नेता देवेंद्र महतो ने तीन स्थानों पर नुक्कड़ सभा कर छात्रों को संबोधित किया. पत्रकारों से बातचीत में देवेंद्र महतो ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने परीक्षाओं को रद्द किया था,लेकिन दो दिन बाद ही न्यायालय ने इस फैसले पर रोक लगा दी. उन्होंने कहा कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी और ठोस निर्णय चाहिए. देवेंद्र महतो ने नगरपालिका, पीजीटी और एक्साइज कॉन्स्टेबल जैसी विवादित परीक्षाओं की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे मंत्री,आईएएस अधिकारी या कोई अन्य हो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही झारखंडी युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता और पेपर लीक पर रोक की मांग की. उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है.