बोधगया में अग्निशमन विभाग अलर्ट, 22 पूजा पंडालों की जांच पूरी
बोधगया: दशहरा और दीपावली के दौरान आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है. पूजा पंडालों से लेकर होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है. विभाग की टीम अब तक 22 पूजा स्थलों का निरीक्षण कर चुकी है. इस दौरान पूजा समितियों को अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है.अग्निशमन विभाग के अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पूजा पंडालों में आग से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. पंडालों में बिजली के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले तारों का इस्तेमाल करने और जरूरी सुरक्षा उपकरण रखने को कहा गया है. जनरेटर को पंडाल से कम से कम 20 फीट की दूरी पर रखने के साथ अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया गया है. बिजली के मुख्य कनेक्शन के पास सीओ₂ अग्निशमन यंत्र रखने की भी सलाह दी गई है.210 प्रतिष्ठानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिटबोधगया में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया जा रहा है. अधिकारी के मुताबिक, अब तक करीब 210 प्रतिष्ठानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट पूरा कर प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है. शेष प्रतिष्ठानों में भी जांच और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की प्रक्रिया जारी है.बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर होगी कार्रवाईदीपावली को देखते हुए पटाखा दुकानों की भी जांच की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पटाखा दुकानें भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार लगानी होंगी. दुकानों में पानी, बालू और अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था भी जरूरी होगी.आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपीलअग्निशमन विभाग ने पूजा समितियों और आम लोगों से अपील की है कि पंडालों में दीपक और अगरबत्ती जलाते समय ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनाए रखें. हवन निर्धारित सुरक्षित स्थान पर ही करें और बिजली के तारों तथा जनरेटर के आसपास विशेष सावधानी बरतें. पटाखे छोड़ते समय बच्चों को अकेला न छोड़ें.विभाग का कहना है कि त्योहारों के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों के साथ आम लोगों की सतर्कता और पूजा समितियों की जिम्मेदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है.बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट
