पटना: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU)ने जब्त स्कॉर्पियो वाहन की नीलामी में कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को 13 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया. वह वर्तमान में गया में पदस्थापित थे.EOUमामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,इस मामले में कांड संख्या 42/2025 दर्ज है. प्राथमिकी रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के खरहारी गांव निवासी राधेश्याम सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी. इसमें भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम,2016 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है.
मामला गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र में 19 जून 2020 को 340 लीटर शराब के साथ पकड़ी गई स्कॉर्पियो से जुड़ा है. वाहन का नंबरBR06PD9070 था. जांच में इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर वाहन के रजिस्ट्रेशन से संबंधित विसंगतियां सामने आईं. आरोप है कि वाहन की नीलामी के दौरान उसके वास्तविक इंजन और चेसिस नंबर का उल्लेख किए बिना मूल्यांकन किया गया.
इस मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्ता राजेंद्र राम को 8 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. वहीं,तत्कालीन डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था.
EOUके मुताबिक,मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. जांच एजेंसी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
