चरही थाना क्षेत्र से हुआ था अपहरण,पुलिस ने दो वाहन और पेन ड्राइव की बरामद;एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की त्वरित कार्रवाई
हजारीबाग: जिले के चरही थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना के बाद हजारीबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निजी कंपनी के अपहृत मैनेजर भास्कर कुमार को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अपहरण में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों और एक पेन ड्राइव को भी जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार, बीती रात करीब 8:30 बजे तापिन साउथ सीसीएल परियोजना, चरही में एनईपीएल आउटसोर्सिंग कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत करीब 35 वर्षीय भास्कर कुमार का अपहरण कर लिया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर तत्काल विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
अपहरण की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) और एसडीपीओ विष्णुगढ़ के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान अपहरण में इस्तेमाल किए गए काले रंग की क्रेटा कार और स्कॉर्पियो की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। स्कॉर्पियो को मुफस्सिल थाना क्षेत्र से, जबकि क्रेटा कार को चंदवारा थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अपहृत मैनेजर भास्कर कुमार को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पांच आरोपी गिरफ्तार,दो वाहन और पेन ड्राइव जब्त
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश यादव, विक्की कुमार, आनंद कुमार मेहता, दिलीप प्रसाद मेहता और मनीष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल किए गए दोनों वाहनों के अलावा एक पेन ड्राइव भी बरामद की है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है।

न्यायालय में पेश किए गए आरोपी
इस मामले में चरही थाना कांड संख्या 88/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। हजारीबाग पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत मैनेजर की सकुशल बरामदगी हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।

हजारीबाग से पप्पू ठाकुर की रिपोर्ट