पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी है। करीब 11 साल बाद जू में एक बार फिर टॉय ट्रेन की सीटी सुनाई देने वाली है। इस बार ट्रेन पुराने अंदाज में नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और वंदे भारत जैसी आकर्षक डिजाइन में नजर आएगी। करीब 9 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से इस परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत जू परिसर में 3.77 किलोमीटर लंबा ट्रैक तैयार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, जनवरी 2027 के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई टॉय ट्रेन बैटरी से संचालित होगी और इसमें चार कोच होंगे। खास बात यह है कि एक बार में करीब 80 पर्यटक इस ट्रेन से सफर कर सकेंगे। लगभग 40 मिनट की इस रोमांचक यात्रा में पर्यटकों को जू के जंगल ट्रेल, हरियाली और तालाब के खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक कोच में एसी की व्यवस्था करने की भी तैयारी है।इस ट्रेन के शुरू होने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। जो लोग पैदल चलकर पूरे जू का भ्रमण नहीं कर पाते, वे अब ट्रेन में बैठकर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे।
गौरतलब है कि पटना जू में पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन 17 अगस्त 2015 को बंद कर दिया गया था। तब से पर्यटक इस सुविधा का इंतजार कर रहे थे। अब नई टॉय ट्रेन के आने से पटना जू का आकर्षण और बढ़ने वाला है। यानी जनवरी 2027 के बाद पटना जू में वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ वंदे भारत के अंदाज में टॉय ट्रेन की सैर भी पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनने जा रही है।
पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट

