बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में निचितपुर जाने वाली सड़क पर वारदात,मृतक के भाई ने पुराने विवाद और जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप
धनबाद:झारखंड के धनबाद जिले में जमीन विवाद को लेकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में दौलत राम महतो की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या किए जाने का आरोप है। घटना सोमवार सुबह निचितपुर जाने वाली सड़क पर हुई। मृतक के भाई साहेब राम महतो ने अपने ही परिवार के पांच लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
बाजार जाने के दौरान हमला करने का आरोप
जानकारी के अनुसार,घसकोडीह निवासी दौलत राम महतो सोमवार सुबह मोटरसाइकिल से फल खरीदने बाजार जा रहे थे। इसी दौरान निचितपुर जाने वाली सड़क पर उन पर हमला किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से उनका गला काट दिया,जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।
चाचा समेत पांच लोगों पर हत्या का आरोप
मृतक के भाई साहेब राम महतो ने त्रिवेनी प्रसाद महतो,सूर्यकांत महतो,सचिन महतो,सरयू महतो और भगिया देवी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।
साहेब राम महतो के मुताबिक,परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस दौरान कई बार लड़ाई-झगड़ा भी हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के कारण पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।
हालांकि,आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल,मामले में नामजद बताए गए लोगों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मुख्य आरोपी के प्रोफेसर होने की चर्चा
मामले में आरोपित त्रिवेनी प्रसाद महतो के राजगंज कॉलेज में प्रोफेसर होने की बात भी सामने आई है। हालांकि,घटना में उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच में जुटी,हत्या की वजह खंगाली जा रही
घटना की सूचना मिलने पर बरवाअड्डा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह,घटनाक्रम और आरोपितों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
फिलहाल इस वारदात से इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्या की घटना को किसने और किन परिस्थितियों में अंजाम दिया।
धनबाग से कुंदन विश्वकर्मा की रिपोर्ट

