Patna : पटना हाईकोर्ट ने एक बड़ा निर्णय देते हुए37साल पुराने हत्या मामले में सभी आरोपी बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने दिसंबर1989के एक सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर (तिहरा हत्याकांड) मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी जीवित अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया है.

कोर्ट ने बांका की निचली अदालत के उम्रकैद के निर्णय को पूरी तरह से पलट दिया है. यह घटना10दिसंबर1989की रात बांका जिले के अभुल बतियार बांका पुलिस स्टेशन412/1989की है, जहां धान की रखवाली कर रहे तीन लोगों (मो. मिनाज, मो. हारून और मो. रियाज) की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

18सितंबर,2008को बांका की निचली अदालत ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा302/34के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

जस्टिस संजय कुमार सिंह की खंडपीठ ने अपने निर्णय में इस बात का विशेष जिक्र किया कि यह घटना अक्टूबर-दिसंबर1989के दौरान हुई थी, जब उस क्षेत्र (भागलपुर और आसपास के बांका जिले) में भीषण दंगे और साप्रदायिक तनाव का माहौल था. सबूतों की कमी और गवाहों की विश्वसनीयता पर कोर्ट ने सवाल खड़े किये. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई पुख्ता और निर्विवाद सबूत पेश नहीं कर पाया,जो यह साबित कर सके कि हत्या इन्हीं आरोपियों ने की थी.

गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास था और पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामानों की कोई वैज्ञानिक जांच या टीआईपी नहीं कराई गई थी. हाईकोर्ट ने चंद्र शेखर राय, नागेश्वर राय, पुलिस राय, सत्तल राय और लक्ष्मण राय समेत सभी जीवित अपीलकर्ताओं को आरोपों से बरी करते हुए उनके मुचलके से मुक्त कर दिया है. मुख्य आरोपी महेश्वरी प्रसाद सिंह की अपील सुनवाई के दौरान ही निधन के कारण पहले ही समाप्त हो चुकी थी.

पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-