पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित'संकल्प'सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ,गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई. इस पहल के तहत उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर विचार किया गया.
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रस्तावित व्यवस्था में सरकारी स्वामित्व और जनहित से जुड़े प्रावधानों की सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी. अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा तथा इनके निजीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण का प्रावधान नहीं होगा. अनुबंध के अंतर्गत सरकार और निजी भागीदार की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएंगी,ताकि संचालन में जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज का सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल में संचालन संबंधित प्रस्ताव को लेकर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में निर्धारित शुल्क,मरीजों की पात्रता,बिस्तरों की श्रेणियों तथा मरीजों के अधिकारों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां अस्पताल परिसर और ऑनलाइन माध्यम पर हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित करने का प्रावधान होगा. इससे मरीजों और उनके परिजनों को सेवाओं,शुल्क एवं उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करते हुए सरकारी स्वामित्व,विद्यार्थियों के हितों,मरीजों के अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुरक्षित रखना है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल से संबंधित प्रस्तावों में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाय. प्रस्तावित मॉडल से सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत ब्राउन फील्ड मेडिकल कॉलेजों में बिहार के निवेशकों को प्रीफ्रेंस मिले,हमारा उद्देश्य है बिहार के लोगों को लाभ हो. बिहार के चिकित्सक जो इसमें भागीदारी करना चाहते हैं उन्हें प्राथमिकता मिले. स्टेक होल्डर को पब्लिक इंट्रेस्ट में काम करना होगा.
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के महत्व पर बल दिया. सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों के विकास एवं संचालन की संभावनाओं पर व्यवस्थित रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों से संबंधित प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई करते समय आधारभूत संरचना,संचालन व्यवस्था,शैक्षणिक गुणवत्ता तथा आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाय.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालय के अस्पतालों को उन्नत एवं मजबूत बनाना है. मरीजों को वहां आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो. पटना के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को और आधुनिक बनाने के लिए काम करें,देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से इसे जोड़े. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न संभावनाओं का आकलन करते हुए जनहित को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत,मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह,वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार,मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह,स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि,मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह,स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा,बिहार चिकित्सा सेवायें एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन,बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी सहित अन्य वरीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
