झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी रांची के एक प्रतिष्ठित स्कूल और उसके छात्रावास की बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए 28 अक्टूबर तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
मामला रांची के अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस यानी जिला स्कूल का है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएस सोनक की अगुवाई वाली खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान स्कूल की खस्ताहाल तस्वीरों को देखा। कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि 'सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस' अपने नाम के अनुरूप उत्कृष्ट होना चाहिए, लेकिन इसके भवन और छात्रावास की स्थिति बेहद पीड़ादायक है।सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी, अधिवक्ता दुर्गेश अग्रवाल ने अदालत के समक्ष मामले का पक्ष रखा।रिपोर्ट में मुख्य रूप से यह उजागर किया गया था कि स्कूल भवन के जीर्णोद्धार से जुड़ी फाइल लंबे समय से लंबित है। वहीं, दूसरी ओर जर्जर हो चुके छात्रावास में करीब 100 बच्चे रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की इस दयनीय स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 28 अक्टूबर तक अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 नवंबर को तय की गई है।
