झारखंड की राजधानी रांची में प्रस्तावित 10 लेन स्मार्ट रोड परियोजना को लेकर पेड़ों के संरक्षण का मुद्दा उठाया गया है. रांची के नागरिक शैलेश कृष्णा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यालय में 15 अक्टूबर को एक प्रतिवेदन सौंपकर सड़क निर्माण के दौरान मौजूदा पेड़ों को बचाने की मांग की है. उन्होंने परियोजना की डिजाइन और अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया है, ताकि विकास कार्य के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके. आवेदन के अनुसार, प्रस्तावित 10 लेन स्मार्ट रोड कॉरिडोर विवेकानंद स्कूल मोड़ से रिंग रोड तक बनाया जाना है. यह सड़क झारखंड हाईकोर्ट और विधानसभा होते हुए गुजरेगी. परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई की आशंका को देखते हुए शैलेश कृष्णा ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है.
पेड़ों को बचाने के लिए संयुक्त निरीक्षण की मांग
शैलेश कृष्णा ने प्रस्तावित सड़क मार्ग का संयुक्त स्थल निरीक्षण कराने और प्रभावित पेड़ों की सूची तैयार करने का आग्रह किया है. उन्होंने विशेष रूप से पुराने, फलदार और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण पेड़ों को संरक्षित करने पर जोर दिया है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण की योजना तैयार करते समय ऐसे विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए, जिनसे पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचे.
कटाई से पहले नियमों की जांच करने का आग्रह
प्रतिवेदन में पेड़ों की कटाई से पहले जरूरी कानूनी अनुमतियों और पर्यावरण संबंधी नियमों की जांच करने की मांग भी की गई है. इसके साथ ही सड़क की डिजाइन और अलाइनमेंट में संभावित बदलावों पर विचार करने का आग्रह किया गया है, ताकि विकास परियोजना के साथ हरित क्षेत्र का संरक्षण भी हो सके.
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
इस मांग के जरिए प्रस्तावित स्मार्ट रोड परियोजना में पर्यावरणीय पहलुओं को प्राथमिकता देने की बात उठाई गई है. अब इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी.
