Darbhanga AIIMS :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान के बाद दरभंगा एम्स को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष की तरफ से ताबड़तोड़ जुबानी हमले किए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर बीजेपी ने भी महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया है।
दरभंगा एम्स को लेकर गरमायी सियासत
दरभंगा एम्स को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले पर बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि केन्द्र सरकार ने देवघर एम्स के वक्त ही दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर बड़ा फैसला लिया था लेकिन आरजेडी और जेडीयू नेताओं की मिलीभगत के कारण एम्स का निर्माण खटाई में पड़ गया है।
बीजेपी का तीखा प्रहार
जीवेश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार ने मिट्टी भराई का काम किया लेकिन आरजेडी नेताओं के दबाव में एम्स का निर्माण नहीं हो पा रहा है। दरभंगा एम्स राजनीति का शिकार हो गया है, जिससे मिथिलांचल के लोगों में नाराजगी है। अब लोकसभा और विधानसभा चुनाव में स्थानीय जनता महागठबंधन की सरकार को सबक सिखाएगी।
महागठबंधन ने किया पलटवार
वहीं, दरभंगा एम्स को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने तीखा प्रहार किया है। CPI (ML) के विधायक अमरजीत कुशवाहा ने प्रधानमंत्री पर सीधा प्रहार किया है और कहा है कि वे हमेशा झूठ बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने देवघर एम्स के वक्त ही दरभंगा एम्स निर्माण का फैसला लिया था लेकिन केन्द्र सरकार की नीतियों के कारण निर्माणकार्य खटाई में पड़ गया है। बिहार सरकार ने मिट्टी भराई का काम किया है लेकिन केन्द्रीय टीम ने इसे नकार दिया है। कुछ नेताओं के दवाब में एम्स नहीं बन पा रहा है। दरभंगा एम्स राजनीति का शिकार हो गया है। मिथिलांचल की जनता मोदी सरकार को जरूर सबक सिखाएगी।
आरजेडी ने मोदी सरकार की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल
वहीं, इस पूरे मामले पर लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी ने मोदी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इस पूरे मामले पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि बिहार सरकार ने कई बार केन्द्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है लेकिन नेताओं के दबाव में दरभंगा एम्स का निर्माण नहीं हो पा रहा है। केन्द्र सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विकास के नाम पर सिर्फ और सिर्फ राजनीति की जा रही है।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि बिहार के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है और कहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में दरभंगा में AIIMS खुलवाने का झूठा श्रेय ले रहे थे।
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर दरभंगा एम्स के चालू हो जाने संबंधी बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि वो गलतबयानी कर रहे हैं। दरभंगा में एम्स खुला ही नहीं है। बिहार सरकार ने जिस जमीन पर एम्स बनाने का प्रस्ताव दिया है, उसे केन्द्र सरकार स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे पत्र को जारी करते हुए कहा कि इस संबंध में हमने उनसे फोन पर भी बात की थी।
तेजस्वी यादव का वार
तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि आज प्रधानमंत्री जी दरभंगा में AIIMS खुलवाने का झूठा श्रेय ले रहे थे। वस्तुस्थिति ये है कि बिहार सरकार ने निःशुल्क 151 एकड़ ज़मीन केंद्र को इसकी स्थापना के लिए दिया है और साथ ही 250 करोड़ से अधिक मिट्टी भराई के लिए आवंटित किया लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीति करते हुए केंद्र ने प्रस्तावित AIIMS के निर्माण को स्वीकृति नहीं दी। प्रधानमंत्री से देश कम से कम सत्य और तथ्य की अपेक्षा करता है लेकिन उन्होंने सफ़ेद झूठ बोला।
मा० स्वास्थ्य मंत्री जी,
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 13, 2023
यह कौन से अदृश्य विकास की राजनीति है कि जहाँ स्वास्थ्य मंत्रालय ने AIIMS के लिए अभी तक स्थल फाइनल किया ही नहीं है और आदरणीय प्रधानमंत्री जी कह रहे है वहाँ एम्स खोल दिया गया है?
जिस काल अवधि का आप वर्णन कर रहे है उस वक़्त से लेकर पूर्व के कई वर्षों तक…https://t.co/8T4cxlRM70
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का पलटवार
इसके बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। उनके आरोपों को जवाब देते हुए मनसुख मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार विकास में राजनीति नहीं करती बल्कि विकास की राजनीति करती है। दरभंगा एम्स की अनुमति मोदी सरकार ने 19 सितंबर 2020 को दी और बिहार सरकार ने 3 नवंबर 2021 को पहली जमीन दी।
प्रिय तेजस्वी जी,
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) August 12, 2023
मोदी सरकार विकास में राजनीति नहीं करती बल्कि विकास की राजनीति करती है।
हमारी नीयत साफ़ है।
एम्स दरभंगा की अनुमति मोदी सरकार ने 19 सितंबर 2020 को दी थी और बिहार सरकार ने 3 नवंबर 2021 को पहली ज़मीन दी।https://t.co/ESOxhfeDp6 pic.twitter.com/kH0PiucDml
तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग के सचिव राजेश भूषण का बिहार सरकार को लिखा वो पत्र भी साझा किया है, जिसमें केन्द्र सरकार ने बिहार सरकार से कहा था कि जो जमीन उपलब्ध करायी गई है, वो निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके बाद आग्रह किया था कि एम्स के निर्माण के लिए दरभंगा में कहीं और जमीन दी जाए।

