विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के निर्देश पर गठित होगी 13सदस्यीय प्रबंध समिति,रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराना होगा उद्देश्य
पटना: बिहार विधान मंडल के सदस्यों एवं कर्मचारियों को घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उचित और रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता के माध्यम से एक नई पहल की जा रही है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में बिहार विधान मंडल सदस्यीय एवं कर्मचारी उपभोक्ता सहकारी समिति लिमिटेड के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस समिति का मुख्य उद्देश्य विधान मंडल के सदस्यों और कर्मचारियों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं बाजार की तुलना में किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से सामूहिक क्रय व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ सदस्यों के अनावश्यक खर्च में भी कमी आएगी।

सहकारिता और आर्थिक बचत को मिलेगा बढ़ावा

समिति का उद्देश्य केवल आवश्यक उपभोक्ता वस्तुएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि विधान मंडल के सदस्यों एवं कर्मचारियों के बीच सहकारिता, आपसी सहयोग और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करना है। पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के माध्यम से सदस्यों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

समिति सामूहिक खरीद व्यवस्था के जरिए बाजार की तुलना में कम कीमत पर आवश्यक घरेलू सामान उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। इससे सदस्यों को आर्थिक बचत का लाभ मिलने की उम्मीद है।

13सदस्यीय होगी प्रबंध समिति

समिति के गठन और सदस्यता को लेकर बिहार विधान मंडल सचिवालय के वरीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जा चुकी है। समिति की प्रस्तावित उपविधियों में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष सहित कुल 13 सदस्यीय प्रबंध समिति का प्रावधान किया गया है। इसके गठन में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व के साथ महिलाओं के लिए आरक्षण का भी ध्यान रखा गया है।

निबंधन के लिए भेजे गए आवश्यक दस्तावेज

समिति की उपविधियों को अंतिम रूप देने के बाद निबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज निबंधन कार्यालय, पटना को भेजे जा चुके हैं।

समिति के गठन से बिहार विधान मंडल के सदस्यों एवं कर्मचारियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं उचित और रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए एक व्यवस्थित मंच तैयार होगा। साथ ही सहकारिता, सामूहिक सहभागिता और आर्थिक बचत की भावना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट