‘लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ’ प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईआर का किया समर्थन,संथाल परगना में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे का उठाया मुद्दा
चाईबासाः भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंगलवार को चाईबासा स्थित कैफेटेरिया में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता के मुख्य वक्ता झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से आयोजित रैली और संसद की कार्यवाही को लेकर उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा, "फर्जी संसद कौन बुलाता है और कौन चलाता है? फर्जी संसद नक्सली चलाते हैं।"
चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति में ले जाने की साजिश कर रही है। लगातार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस हताश है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में अशांति का माहौल बनाने में लगी है।
एसआईआर का समर्थन,मतदाता सूची की शुद्धता पर दिया जोर
पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। किसी भी वास्तविक मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है। कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाने को भी अनुचित बताया।
संथाल परगना में घुसपैठ और आदिवासी जमीन पर कब्जे का मुद्दा उठाया
चंपाई सोरेन ने झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ और धर्मांतरण के कारण आदिवासी समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सीएनटी कानून के तहत संरक्षित आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं। राज्य सरकार को इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आदिवासियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा हो सके।
कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही बाधित कर और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित कर देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बना झारखंड
झारखंड राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि अलग राज्य का निर्माण लंबे संघर्ष और आदिवासी समाज की जनभावनाओं का परिणाम था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने झारखंड की जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग झारखंड राज्य के गठन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
गम्हरिया थाने की घटना पर सरकार को घेरा
राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर चंपाई सोरेन ने झामुमो-कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। सरायकेला जिले के गम्हरिया में न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुष्कर्म की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराध, नशाखोरी और आतंकवादी संगठनों से कथित संबंध रखने वाले संदिग्धों की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। सरकार को अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रही है। उन्होंने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के उद्देश्यों को बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, मतदाता सूची की शुद्धता, आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था को जरूरी बताया।
चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट

