अनंत सिंह की मुश्किलें दूर करने के लिए नदावां गांव में धार्मिक अनुष्ठान, 108 ग्रामीण कर रहे अखंड सुंदरकांड पाठ, रोजाना भंडारा
पटनाःमोकामा के विधायक अनंत सिंह इन दिनों राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनकी विधायकी पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस बीच उनके पैतृक गांव नदावां में ग्रामीणों ने उनकी राजनीतिक मुश्किलें दूर होने और क्षेत्र में सुख-शांति की कामना को लेकर विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया है। गांव में शनिवार से चार दिवसीय अखंड रामचरितमानस पाठ और सुंदरकांड का आयोजन किया जा रहा है।
इस धार्मिक आयोजन में 108 ग्रामीण सामूहिक रूप से अखंड सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अनंत सिंह पर आया संकट केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि इससे पूरे गांव के लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। इसी को लेकर भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान से उनकी परेशानियां दूर होने की प्रार्थना की जा रही है।
चार दिनों तक चलेगा धार्मिक आयोजन, रोज होगा भंडारा
नदावां गांव में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान का समापन 10 नवंबर को पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण के साथ होगा। गांव के लोग पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो रहे हैं।
विधायकी पर लटक रही तलवार
दूसरी ओर, अनंत सिंह की राजनीतिक मुश्किलें भी कम होती नजर नहीं आ रही हैं। जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर संकट गहरा गया है। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने के आरोप में विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत उनकी सदस्यता को लेकर कानूनी स्थिति की समीक्षा की जा रही है। यदि यह साबित होता है कि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी का साथ छोड़ दिया है, तो उनकी विधायकी समाप्त होने का खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल इस मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।
इधर, 25 नवंबर को अनंत सिंह की बेटी शिवांगी की शादी भी होनी है। ऐसे में एक तरफ परिवार में शादी की तैयारियां चल रही हैं, तो दूसरी तरफ गांव में उनके राजनीतिक संकट से उबरने के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

