'भारत' और 'इंडिया' विवाद पर सुशील मोदी की दो टूक, राष्ट्रगान का किया जिक्र, नीतीश और ललन सिंह को भी नहीं बख्शा
PATNA : 'भारत' और 'इंडिया' के नाम को लेकर बिहार की सियासत गरमा गयी है। इस मुद्दे पर विरोधी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने तीखा प्रहार किया है और कहा है कि विरोधी दलों के नेताओं का काम सिर्फ पीएम मोदी का विरोध करना रह गया है। सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रगान का किया जिक्रबीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने विरोधियों पर बरसते हुए कहा कि देश के राष्ट्रगान में भी "भारत भाग्य विधाता" है। राष्ट्रीय गान में कहीं भी 'इंडिया' का जिक्र नहीं है लिहाजा जी-20 समिट के निमंत्रण-पत्र में अगर सरकार ने 'भारत' शब्द का प्रयोग किया है तो उसपर अनावश्यक लोग आपत्ति कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भारत शब्द बोलते ही इस देश की सभ्यता और संस्कृति जेहन में आ जाता है। इंडिया से वो भाव पैदा नहीं होता है। 'इंडिया' नाम गुलामी की मानसिकता को दर्शाता है। हमलोग हमेशा भारत माता की जय बोलते हैं। विरोधियों पर साधा तीखा निशानाइसके साथ ही महागठबंधन पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों को सनातन धर्म से जुड़ी हर चीज से उनका विरोध है। नरेन्द्र मोदी का विरोध करते-करते इन लोगों ने 'भारत' का विरोध शुरू कर दिया है। विरोधी दल प्रचार कर रहे हैं कि नाम बदल देंगे लेकिन नाम बदलने की जरूरत क्या है। संविधान में तो दोनों है। आपको अच्छा लगता है तो आप इंडिया शब्द प्रयोग कीजिए। हमें अच्छा लगता है तो हम भारत शब्द प्रयोग करेंगे। नीतीश और ललन सिंह के लिए कही ये बातउन्होंने कहा कि हिंदीभाषी लोग कभी इंडिया शब्द प्रयोग करता है क्या? सभी लोग हमेशा भारत शब्द का प्रयोग करते हैं। इंडिया शब्द का इस्तेमाल अंग्रेजी बोलने वाले मुट्ठीभर लोग इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने नीतीश कुमार और ललन सिंह पर बरसते हुए कहा कि उन्हें कौन रोक रहा है। वे 'इंडिया माता की जय' का नारा लगाएं लेकिन उन्हें तो सिर्फ नरेन्द्र मोदी का विरोध करना है।
