भाकपा-माले महासचिव का बड़ा बयान, कहा : फेल है डबल इंजन की सरकार
BEGUSARAI : बेगूसराय में भाकपा-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर पीएम मोदी और योगी सरकार की जमकर आलोचना की है और कहा है कि प्रयागराज का महाकुंभ VIP का कुंभ बनकर रह गया है और आम लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। वहीं, बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली का रिजल्ट देखकर सोच रहे हैं, वैसा बिहार में नहीं होगा। इसके साथ ही पीएम के अमेरिकी दौरे पर कहा कि मोदी ने भारत की स्वाभिमान को गिरवी रख कर अमेरिका से लौटे हैं। दरअसल, दीपांकर भट्टाचार्य बेगूसराय में वामपंथी आंदोलन के 100 साल पूरा होने पर नागरिक परिचर्चा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बेहद अफसोसजनक है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इतना बड़ा हादसा हुआ लेकिन सरकार सही आंकड़ें नहीं दे रही है। कितने दावे किए गया कि डबल इंजन की सरकार है, बहुत बढ़िया इंतजाम है, सरकार खुद पीठ थपथापा रही है। सरकार ने करोड़ों लोगों को बुला लिया। यह वीआईपी का कुंभ बनकर रह गया है। आम लोग जो श्रद्धा के साथ, भक्ति के साथ, आस्था के साथ पहुंचे हैं, जो उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए, वो नहीं है। इसके लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है और सरकार विफल है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ VIP के लिए नहीं था, आम लोगों के लिए था लेकिन आम लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।बिहार चुनाव को लेकर दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2020 में जहां गाड़ी रुक गई है, वहां से गाड़ी आगे बढ़ेगी और दिल्ली को देखकर कुछ लोग सोच रहे हैं कि दिल्ली का मामला और महाराष्ट्र वाला मामला होगा। ऐसा कुछ नहीं होगा। अगर दिल्ली में 10 साल में सरकार बदल गई है तो नीतीश सरकार यहां 20 साल से है। नीतीश जी अकेले नहीं हैं। दाएं-बाएं आगे-पीछे भाजपा ही है और इस सरकार ने जो कुछ कहा है, वह जमीन पर उल्टा है।न्याय के साथ विकास, विकास की जगह गरीबी और बेरोजगारी छा गई है और जो सुशासन की बात होती है, वहां भ्रष्टाचार अपराध और पुलिस की गुंडागर्दी बढ़ गई है। नीतीश जी कहते थे कि थ्री C को बढ़ने नहीं देंगे लेकिन आज तीनों का कॉकटेल बन गया है। तीनों का कॉकटेल का अड्डा बिहार का थाना है। शराब की होम डिलीवरी और बिहार इस तरह बदलाव चाह रहा है। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि कम्युनिस्ट के 100 साल के विरासत को याद करने का समय है। आज इत्तेफाक से आरएसएस का भी शताब्दी है। आज देश में दो विचारधारा आमने-सामने है। एक दूसरे से टकरा रही हैं। एक आरएसएस का विचार है, जो आजादी के खिलाफ था। संविधान पारित हो रहा था। संविधान को मानने के लिए तैयार नहीं था। इस देश के तिरंगा को मानने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन आज सत्ता में बैठकर लगातार संविधान पर हमले कर रहे हैं और देश में मोदी जी अमेरिका में जिस तरह से देश को झुका करके आए हैं। देश के स्वाभिमान देश की पहचान और देश की राष्ट्रीय हित अमेरिका के पास गिरवी रख दिया गया है। देश को बचाना है, देश को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र को सुरक्षित रखने के लिए कम्युनिस्ट आगे बढ़ेगा।
Prasoon Pandey·