झारखंड की राजधानी रांची में मानसून के दस्तक देते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी गंभीर बीमारियों से शहरवासियों को बचाने के लिए रांची शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विशेष डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर के अलग-अलग वार्डों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ, टीम घरों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की बारीकी से जांच कर रही है। कूलर, गमले, पानी की टंकियों और कबाड़ में रखे बर्तनों के अंदर खतरनाक एडीज मच्छर का लार्वा तलाशा जा रहा है।ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में 76 घरों की जांच की गई, जिसमें से 16 घरों और 25 बर्तनों में डेंगू के लार्वा मिले। वहीं, वार्ड संख्या 05, 16, 27 और 28 में 90 घरों की जांच के दौरान 13 घरों और 13 बर्तनों में लार्वा पाए गए।
आपको बता दें कि यह महत्वपूर्ण अभियान हर दिन रांची के सात अलग-अलग वार्डों में लगातार चलाया जा रहा है।सर्विलांस टीम ने लोगों से हर हफ्ते 'ड्राइ-डे' (सूखा दिवस) मनाने की अपील की है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और पूरी साफ-सफाई बनाए रखें।स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छररोधी उपायों को अपनाएं।
