आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में19दिवसीय सरस मेले के समापन पर मिला सम्मान,हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और कारीगरी को मिली राष्ट्रीय पहचान;मेले में लगाए गए थे 15स्टॉल और दीदी कैफे
रांची/खूंटी: झारखंड की ग्रामीण महिलाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित 19 दिवसीय सरस मेले के समापन समारोह में खूंटी की यशोदा देवी, लक्ष्मी और उनकी स्वयं सहायता समूह (SHG) की अन्य सदस्यों को प्रतिष्ठित ‘बेस्ट हैंडमेड प्रोडक्ट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में विजयवाड़ा के जिला कलेक्टर ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान SHG की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए बेहतरीन हस्तनिर्मित उत्पादों, उनकी रचनात्मकता, उत्कृष्ट कारीगरी और समर्पण के लिए दिया गया।
खूंटी की महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान
विजयवाड़ा में आयोजित सरस मेले में झारखंड की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों के माध्यम से राज्य की कला, हुनर और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया। खूंटी की यशोदा देवी और लक्ष्मी सहित SHG की महिलाओं को मिला यह पुरस्कार उनके निरंतर प्रयास और मेहनत की पहचान है। इस उपलब्धि से झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के हुनर को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है। साथ ही महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की दिशा में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका भी सामने आई है।

सरस मेले में लगाए गए15स्टॉल और दीदी कैफे
19 दिनों तक चले इस सरस मेले में झारखंड की SHG दीदियों की ओर से कुल 15 स्टॉल लगाए गए थे। इसके अलावा मेले में ‘दीदी कैफे’ भी आकर्षण का केंद्र रहा। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिला। इससे उन्हें दूसरे राज्यों के लोगों तक अपने उत्पाद पहुंचाने और बाजार से जुड़ने का मंच भी प्राप्त हुआ।
महिला उद्यमशीलता को मिला प्रोत्साहन
SHG की महिलाओं को मिला यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की भावना का सम्मान है। खूंटी की महिलाओं की इस उपलब्धि से झारखंड की अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी अपने हुनर को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी। राष्ट्रीय मंच पर मिली इस उपलब्धि से झारखंड में खुशी का माहौल है। यशोदा देवी, लक्ष्मी और पूरी SHG टीम की इस सफलता को राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

