पटना : दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुश्किलों का सामना कर रहे मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर नया अपडेट सामने आया है. बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि अनंत सिंह की विधायकी तत्काल समाप्त नहीं होगी. इस मामले में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी और पहले विधायक का पक्ष सुना जाएगा.

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के अनुसार, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है. इसमें उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. शिकायत के साथ संबंधित साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं. इनमें वीडियो और अखबारों की कटिंग सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं.

स्पीकर ने बताया कि अनंत सिंह को इस मामले में नोटिस भेजा जाएगा. उनसे जवाब मांगा जाएगा और उनका पक्ष जानने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल प्राप्त शिकायत और उसके साथ दिए गए साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है.

सदस्यता पर फैसला प्रक्रिया पूरी होने के बाद

विधानसभा अध्यक्ष ने साफ किया कि किसी विधायक की सदस्यता समाप्त करने के लिए निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है. केवल शिकायत मिलने के आधार पर तत्काल सदस्यता रद्द नहीं की जा सकती. संबंधित विधायक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि जदयू ने अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत रद्द करते हुए उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है.

ऐसे में अनंत सिंह के सामने एक तरफ कानूनी चुनौती है तो दूसरी तरफ उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी फैसला होना बाकी है. अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष की अगली कार्रवाई और अनंत सिंह के जवाब पर टिकी है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-