विधान परिषद चुनाव में JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले विधायक अनंत सिंह को पहले चुनाव के नतीजों से झटका लगा और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें झटका दिया है. दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत रद्द कर दी है. कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने को कहा है. साथ ही बिहार सरकार को 4 महीने में जांच पूरी करने को कहा है. दलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. अनंत सिंह ने कोर्ट पर पूरा भरोसा जताया लेकिन एक बार फिर नीरज कुमार पर हमला बोला. हालांकि नीरज कुमार ने ऐसे आरोपों से साफ इनकार किया है.
दुलारचंद यादव की हत्या पिछले साल अक्टूबर में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुई थी. दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी. तब विधानसभा चुनाव का प्रचार चल रहा था. इसी दौरान जनसुराज और अनंत सिंह समर्थक आमने-सामने आ गये थे. हिंसक झड़प में दुलारचंद यादव की मौत हो गई. आरोप था कि उन्हें गाड़ी से कुचला गया, जिससे गंभीर चोट लगी. इस मामले में अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था. और मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत दी जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. जमानत रद्द होने के बाद अनंत सिंह के बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पहले ही जेडीयू के पतन की भविष्यवाणी कर चुके हैं.
अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंड करना है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें जेडीयू की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया. इससे पहले अनंत सिंह और उनकी पत्नी को जेडीयू से निकाला जा चुका है. साथ ही जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भी रद्द करने की मांग की है. यानी विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार के खिलाफ खुली जंग का ऐलान करने वाले अनंत सिंह की मुश्किलें पार्टी की तरफ से भी बढ़ी और अब कानूनी शिकांजा भी कसने लगा है.
पटना से विवेक की रिपोर्ट--
