रांची : झारखंड की पारंपरिक लोककला सोहराय पेंटिंग अब रांची के एलिवेटेड कॉरिडोर की खूबसूरती बढ़ाएगी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची ने इस कार्य का आवंटन कर दिया है. जल्द ही चित्रांकन का काम शुरू किया जाएगा.

सोहराय पेंटिंग से सजेगा रांची का एलिवेटेड कॉरिडोर, जल्द शुरू होगा काम

इस पहल के तहत NH-75 के एलिवेटेड कॉरिडोर और NH-23 के डाउन रैंप को सोहराय चित्रकला से सजाया जाएगा. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के सौंदर्यीकरण के साथ झारखंड की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है.

झारखंड की कला को मिलेगी नई पहचान

सोहराय चित्रकला झारखंड की विशिष्ट पारंपरिक लोककलाओं में शामिल है. प्रकृति, पशु-पक्षियों, ज्यामितीय आकृतियों और आकर्षक रंगों के माध्यम से यह कला राज्य की जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है. एलिवेटेड कॉरिडोर पर इसके चित्रांकन से रांची के प्रमुख मार्ग को नया रूप मिलेगा. साथ ही, स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले यात्रियों को झारखंड की पारंपरिक कला से परिचित होने का अवसर मिलेगा.

विकास के साथ संस्कृति को बढ़ावा

NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने कहा कि सोहराय चित्रकला से एलिवेटेड कॉरिडोर को सजाना झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से जोड़ने का सार्थक प्रयास है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य बेहतर और सुरक्षित सड़क अवसंरचना के निर्माण के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और पहचान को भी प्रोत्साहित करना है.

वहीं, PIU रांची के परियोजना निदेशक अमित रौशन ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर पर सोहराय चित्रकला का समावेश सड़क अवसंरचना को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की अभिनव पहल है. इससे शहर के प्रमुख मार्ग की सुंदरता बढ़ेगी और झारखंड की पारंपरिक कला को व्यापक पहचान मिलेगी.

NHAI की इस पहल से आधुनिक सड़क अवसंरचना और झारखंड की पारंपरिक लोककला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा.

रांची से राजीव मोहन श्रीवास्तव की रिपोर्ट-