गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के आरोपों के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव में खेत में गिरे हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से ससुर और पुत्रवधू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है, वहीं ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।

मृतकों की पहचान 70 वर्षीय कन्हाई मंडल और उनकी 47 वर्षीय पुत्रवधू पुतुल देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों खेत में बकरी चराने गए थे। इसी दौरान खेत में गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

पहले भी गिर चुका था बिजली का तार, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
घटना के बाद मृतका के पुत्र ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि खेत के ऊपर से गुजरने वाला बिजली का तार काफी नीचे है और बिजली का खंभा भी पुराना हो चुका है।

परिजनों के मुताबिक, पिछले साल भी बिजली का तार गिर गया था, जिससे धान की फसल जलकर बर्बाद हो गई थी। इस मामले में बिजली विभाग को आवेदन देकर शिकायत भी की गई थी, लेकिन आरोप है कि समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तार और खंभे की मरम्मत कर दी गई होती, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, बिजली विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

पिता और पत्नी को खोने से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतका के पुत्र ने बताया कि एक दुर्घटना के बाद उनके पिता की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। परिवार में एक छोटी बहन भी है, जिसकी शादी अभी नहीं हुई है।

दो लोगों की अचानक मौत से परिवार के सामने अब भरण-पोषण और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। परिजनों का दर्द बयां करते हुए मृतका के पुत्र ने सवाल उठाया कि अब परिवार की देखभाल कौन करेगा।

सदर अस्पताल पहुंचाए गए शव, पोस्टमार्टम में देरी
घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों शवों को गोड्डा सदर अस्पताल भेजा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सूर्यास्त हो जाने के कारण गुरुवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाएगी।

बिजली विभाग की जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली के पुराने खंभों और नीचे लटकते तारों की जांच कराने तथा संभावित खतरनाक स्थानों पर तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता मिलती है या नहीं।

गोड्डा से अभिजीत तन्मय की रिपोर्ट