पटना। महाराष्ट्र की शिवसेना इस समय संकट में है। असली शिवसेना किसकी है इसे लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे पर बीच घमासान मचा है। दोनों ने ही अपने अपने दावे को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। इसपर चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों को दस्तावेज के साथ साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है जो साबित करे कि उनके पास शिवसेना में बहुमत के सदस्य हैं। आयोग इस कदम के बाद दोनों ही गुट अपने अपने स्तर पर दावा करने में जुट गए हैं।

शिवसेना के बागी होकर अलग होने वाले और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि दोनों पक्ष चुनाव आयोग के सामने अपनी भूमिका रखेंगे। विधानसभा में दो तिहाई से ज्यादा लोग हमारे साथ हैं। हम बालासाहेब की शिवसेना हैं। यहां के स्पीकर ने हमें मान्यता दी है। इसका मतलब साफ है कि हम शिवसेना हैं बालासाहेब के विचार वाली शिवसेना हैं। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ये बालासाहेब ठाकरे जी की शिवसेना है जो महाराष्ट्र के अन्याय के खिलाफ 56 साल पहले बनी थी। हमारे हजारों शिवसैनिक महाराष्ट्र और हिंदुत्व के लिए शहीद हो गए और आप हमसे सबूत मांगते हो कि आपकी शिवसेना असली है या नकली। देश की नहीं राज्य की जनता भी जवाब देगी।

इससे पहले एकनाथ शिंदे ने अलग होने के बाद चुनाव आयोग से मान्यता देने का आग्रह किया था। लोकसभा में शिवसेना के 19 में से 12 सांसदों ने भी शिंदे का साथ दिया था। विधानसभा में 55 में से 45 विधायक भी एकनाथ शिंदे के साथ हैं।