मिट्टी की सेहत और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर,बिहार के 38जिलों के 629स्कूलों में स्थापित होंगी मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं
सारण: बिहार में किसानों की समस्याओं को सुनने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सारण जिले में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों और जनसमूह को संबोधित करते हुए मिट्टी के संरक्षण, खेतों की उर्वरता और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान किसानों ने कृषि से जुड़ी अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं मंत्री के सामने रखीं।

मिट्टी स्वस्थ होगी,तभी किसान होंगे समृद्ध
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खेतों का संरक्षण केवल किसानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि परिवार का स्वास्थ्य सीधे मिट्टी के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जिस मिट्टी में अन्न पैदा होता है, यदि वही स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर होगी, तभी लोगों को पौष्टिक भोजन मिलेगा। उन्होंने अभियान का संदेश देते हुए कहा, 'मिट्टी बचेगी, तभी थाली सजेगी और खेत बचेंगे, तभी खुशहाली आएगी।' उन्होंने किसानों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।

सभी 38जिलों के 629स्कूलों में बनेंगी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं
कृषि मंत्री ने बताया कि नई पीढ़ी को मिट्टी के स्वास्थ्य और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस दिशा में पहले ही 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थी मिट्टी की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी वैज्ञानिक तरीके से हासिल कर सकेंगे।

7,275किसान बैठकों में 6.19लाख किसानों ने लिया हिस्सा
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत शारदीय यानी खरीफ मौसम में पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में कुल 6,19,436 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

534प्रखंडों तक अभियान पहुंचाने का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने बताया कि वासंतिक यानी रबी मौसम 2026-27 में अभियान को बिहार के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचकर उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य, खेतों की उर्वरता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है।

19महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों से सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने बीज, कीटनाशक, मिट्टी जांच, उर्वरक समेत कृषि से जुड़े कुल 19 महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान 270 रुपये में यूरिया उपलब्ध होने की जानकारी पर संबंधित पदाधिकारी को बधाई भी दी गई।

कृषि प्रदर्शनी का भी किया निरीक्षण
कृषि जनकल्याण संवाद के दौरान कृषि विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी कृषि मंत्री ने अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न कृषि योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, गुणवत्तायुक्त बीजों और प्राकृतिक खेती से जुड़े नवाचारों की जानकारी ली।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक छोटी कुमारी, जनक सिंह, रंधीर कुमार सिंह और मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह तथा विधान परिषद सदस्य सच्चिदानंद राय सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने किसानों के हितों की रक्षा, खेतों के संरक्षण और कृषि के सतत विकास के लिए जनभागीदारी के साथ अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। कार्यक्रम के माध्यम से कृषि विभाग ने मिट्टी के संरक्षण, प्राकृतिक खेती और किसानों की सक्रिय भागीदारी को कृषि विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा।

राजीव रंजन की रिपोर्ट