पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है किहमारे देश में मुफ्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने का कल्चर लाने की कोशिश हो रही है। ये रेवड़ी कल्चर देश के विकास के लिए बहुत घातक है। इस रेवड़ी कल्चर से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना है। प्रधानमंत्री मोदी ने ये बातें शनिवार को जालौन में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के सभी भाई-बहनों को आधुनिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए बहुत बहुत बधाई है। ये एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा किजिस धरती ने अनगिनत शूरवीर पैदा किए,जहां के खून में भारतभक्ति बहती है,जहां के बेटे-बेटियों के पराक्रम और परिश्रम ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है,उस बुंदेलखंड की धरती को आज एक्सप्रेसवे का ये उपहार देते हुए मुझे विशेष खुशी मिल रही है।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। ये एक्सप्रेसवे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। उन्होंने कहा कि जिस यूपी में रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री, सिर्फ डिब्बों का रंग-रौगन करके काम चला रही थी, उस यूपी में अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतनी गंभीरता से काम हो रहा है, कि उसने अच्छे-अच्छे राज्यों को भी पछाड़ दिया है। पूरे देश में अब यूपी की पहचान बदल रही है। जिस यूपी में सरयू नहर परियोजना को पूरा होने में 40 साल लगे, जिस यूपी में गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट 30 साल से बंद पड़ा था, जिस यूपी में अर्जुन डैम परियोजना को पूरा होने में 12 साल लगे, जिस यूपी में अमेठी रायफल कारखाना सिर्फ एक बोर्ड लगाकर पड़ा हुआ था
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश और बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम प्रदान करेगा। कोरोना महामारी के बावजूद समयबद्ध ढंग से एस कार्यक्रम को करते हुए28माह के अंदर296कि.मी. लंबे इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण बहुत महत्वपूर्ण है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का फायदा
इसेउत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)द्वारा विकसित किया गया है। चित्रकूट और इटावा के साथ,एक्सप्रेसवे सात जिलों,बांदा,महोबा,हमीरपुर,जालौन और औरैया से होकर गुजरेगा। फोर लेन एक्सप्रेस-वे की वजह से दिल्ली और चित्रकूट के बीच का सफर,जिसमें9-10घंटे लगते थे,अब अनुमान के मुताबिक करीब6घंटे में पूरा किया जा सकता है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगामी उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा परियोजना की सफलता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

