पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा 'उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर
प्रधानमंत्री मोदी ने नई वितरण योजना का शुभारंभ किया और NTPC की विभिन्न ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय सोलर रूफटॉप पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने राज्यों से आग्रह किया कि हमारा वितरण सेक्टर में घाटा डबल डिजिट में है। शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि वितरण कंपनियों को पैसा समय से मिला हो। राज्य सरकारों पर इन कंपनियों का भारी भरकम बकाया है। अलग-अलग राज्यों का अलग-अलग तरह से इन कंपनियों का 2.5 लाख करोड़ रुपए बकाया है। इसलिए में कहता हूं कि यह राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्रनीति और राष्ट्रनिर्माण का सवाल है। जिन राज्यों का बकाया बाकी है मेरा उनसे आग्रह है कि वह अपना बकाया खत्म करें।पीएम मोदी का राज्यों से आग्रह- बिजली कंपनियों का 2.5 लाख करोड बकाया...इसे खत्म कीजिए...

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख और गुजरात में ग्रीन हाइड्रोजन की दो बड़ी परियोजना पर आज से काम शुरु हो रहा है। लद्दाख में लग रहा प्लांट देश में गाड़ियों के लिए ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन करेगा। ये देश की पहली परियोजना होगी जो ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रांसपोर्ट के कमर्शियल इस्तेमाल को संभव बनाएगा। उन्होंने कहा कि छले 8 वर्षों में देश में लगभग 1.70 लाख हज़ार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता जोड़ी गई है। 'वन नेशन वन पावर ग्रिड' आज देश की ताकत बन चुका है। पूरे देश को जोड़ने के लिए लगभग 1.70 लाख हज़ार सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन्स बिछाई गईं हैं।पीएम मोदी का राज्यों से आग्रह- बिजली कंपनियों का 2.5 लाख करोड बकाया...इसे खत्म कीजिए...

पीएम ने कहा कि हमने आज़ादी के 75 साल पूरे होने तक 175 गीगावॉट रीन्युएबल एनर्जी कैपेसिटी तैयार करने का संकल्प लिया था। आज हम इस लक्ष्य के करीब पहुंच चुके हैं। अभी तक नॉन फोसिल सोर्स से लगभग 170 गीगावॉट कैपेसिटी इंस्टॉल की जा चुकी है। इसी कड़ी में आज दो और बड़े सोलर प्लांट्स देश को मिले हैं। तेलंगाना और केरला में बने ये प्लांट्स देश के पहले और दूसरे नंबर के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स हैं। उन्होंने कहा कि स्थापित सौर क्षमता के मामले में भारत, दुनिया के टॉप 4-5 देशों में है। दुनिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट्स में से अनेक आज भारत में हैं।