इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख और गुजरात में ग्रीन हाइड्रोजन की दो बड़ी परियोजना पर आज से काम शुरु हो रहा है। लद्दाख में लग रहा प्लांट देश में गाड़ियों के लिए ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन करेगा। ये देश की पहली परियोजना होगी जो ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रांसपोर्ट के कमर्शियल इस्तेमाल को संभव बनाएगा। उन्होंने कहा कि छले 8 वर्षों में देश में लगभग 1.70 लाख हज़ार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता जोड़ी गई है। 'वन नेशन वन पावर ग्रिड' आज देश की ताकत बन चुका है। पूरे देश को जोड़ने के लिए लगभग 1.70 लाख हज़ार सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन्स बिछाई गईं हैं।
पीएम ने कहा कि हमने आज़ादी के 75 साल पूरे होने तक 175 गीगावॉट रीन्युएबल एनर्जी कैपेसिटी तैयार करने का संकल्प लिया था। आज हम इस लक्ष्य के करीब पहुंच चुके हैं। अभी तक नॉन फोसिल सोर्स से लगभग 170 गीगावॉट कैपेसिटी इंस्टॉल की जा चुकी है। इसी कड़ी में आज दो और बड़े सोलर प्लांट्स देश को मिले हैं। तेलंगाना और केरला में बने ये प्लांट्स देश के पहले और दूसरे नंबर के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स हैं। उन्होंने कहा कि स्थापित सौर क्षमता के मामले में भारत, दुनिया के टॉप 4-5 देशों में है। दुनिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट्स में से अनेक आज भारत में हैं।
