झारखंड में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने और चार्जिंग की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी—यानी जेरेडा (JREDA), केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव योजना' के तहत राज्यभर में करीब 1,000 नए सार्वजनिक (Public) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रही है। ये स्टेशन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मोड पर बनेंगे, जिनका संचालन निजी कंपनियां या व्यक्ति करेंगे और जेरेडा इसमें पूरी सहायता देगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में झारखंड में पहले ही 353 चार्जिंग स्टेशन लग चुके हैं, और अब इस नई योजना से पूरे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क का दायरा और भी ज्यादा बड़ा हो जाएगा। इस योजना के तहत पूरे देश में चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत लोकेशन के हिसाब से सब्सिडी भी मिलेगी। बात करें झारखंड की, तो यहां पहले से ही 90 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 56 से 60 परसेंट इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स यानी ई-रिक्शा का है, लगभग 35 प्रतिशत टू-व्हीलर्स और करीब 5 प्रतिशत इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर्स शामिल हैं।
इन 1000 नए चार्जिंग स्टेशनों के बनने से आम जनता को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
प्रदूषण में कमी: पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां बढ़ने से प्रदूषण घटेगा।
आसान लंबी यात्राएं: शहरों और हाइवे पर स्टेशन होने से लंबी दूरी का सफर अब बिना किसी टेंशन के तय किया जा सकेगा।
रोजगार के अवसर: चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण, संचालन और रखरखाव से राज्य में नए रोजगार भी पैदा होंगे।
