पटना : भाकपा-माले की एक जांच टीम ने बगहा-2 प्रखंड के मंगलपुर, रोहुआ टोला, भेड़ियारी, गोदाम टोला, लक्ष्मीपुर समेत कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं. जांच के दौरान बाढ़ की भयावह स्थिति, राहत कार्यों में प्रशासनिक लापरवाही और पीड़ित परिवारों की बदहाली सामने आई.
रोहुआ टोला के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चार दिनों से रोहुआ टोला, चकदहवा और गोदाम टोला जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों की कोई सुधि लेने नहीं पहुंचा है. गांवों में इतना पानी भर गया है कि लोगों के डूबने का खतरा बना हुआ है. घरों में रखा चावल, गेहूं और अन्य अनाज पानी में सड़कर नष्ट हो गए हैं. अनेक लोगों के एस्बेस्टस और टाट से बने मकान गिर गए हैं. इसके बावजूद जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त हैं.
भाकपा-माले ने आरोप लगाया कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ क्रूर मजाक कर रही है. रोहुआ टोला में सड़क पर गुजर-बसर कर रहे लोगों को अब तक महज250ग्राम चूड़ा मिला है. चकदहवा और अन्य टोलों की स्थिति इससे भी बदतर है. बाढ़ पीड़ित परिवार भोजन, आवास और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं.
भाकपा-माले की जांच टीम ने लक्ष्मीपुर और भेड़ियारी पंचायत के हजारों पीड़ित परिवारों समेत सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक-एक क्विंटल अनाज और10-10हजार रुपये तत्काल सहायता देने की मांग की. पार्टी ने बाढ़ में नष्ट हुए अनाज और फसलों का किसानों को उचित मुआवजा देने तथा टूटे हुए मकानों के बदले पक्के मकान बनवाने की भी मांग की.
जांच टीम का नेतृत्व कर रहे भाकपा-माले नेता और सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने गंडक में हर साल आने वाली बाढ़ के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का मूल मंत्र'आपदा में अवसर' है. बाढ़ को आमंत्रित कर ठेकेदारों, नेताओं और प्रशासन की लूट की योजनाओं को पूरा किया जाता है.
उन्होंने कहा कि गंडक की बाढ़ का स्थायी समाधान नदियों से गाद की सफाई, मदनपुर-पनियहवा के बीच से वाल्मीकिनगर तक रेल सह बांध के निर्माण और बगहा से रजवटिया तक बांध बनाने से निकाला जा सकता है. लेकिन बिहार की भाजपा सरकार स्थायी समाधान करने के बजाय हर साल लूट-पाट में व्यस्त हैं.
जांच टीम में शामिल इंकलाबी नौजवान सभा के नेता फरहान राजा ने कहा कि रजवटिया बांध का टूटना सरकार की बरसात से पहले बाढ़ की तैयारी में आपराधिक लापरवाही का परिणाम है.
जांच टीम में शामिल भाकपा-माले के अनुमंडल सचिव परशुराम यादव, बगहा के सचिव भिखारी प्रसाद और किसान नेता सुजायत अंसारी ने घोषणा की कि बाढ़ पीड़ितों की मांगों को लेकर1अक्टूबर2026को बगहा के अंचल एवं अनुमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा.
बैरिया में भी गंडक नदी का बांध टूटने से बाढ़
वहीं ग्राम पटखौली (पंचायत फुलिया खांड़, प्रखंड बैरिया) के पास28 सितंबर की रात गंडक का तटबंध करीब50 मीटर तक टूट गया. वहीं, लौकरिया पंचायत के सामने बांध से रिसाव हो रहा है. इन घटनाओं से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट---
