क्या आप भी जमशेदपुर की सड़कों पर रफ्तार के शौकीन हैं और अपनी गाड़ी की स्पीड बढ़ाना पसंद करते हैं? तो जरा संभल जाइए! शहर में बेलगाम और तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस अब पूरी तरह सख्त हो गई है।

इसी कड़ी में मंगलवार को जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर एक विशेष ओवरस्पीडिंग चेकिंग अभियान चलाया गया। ट्रैफिक डीएसपी श्री नीरज के नेतृत्व में आधुनिक स्पीडगन की मदद से गाड़ियों की रफ्तार मापी गई। नियम तोड़ने वाले चालकों को मौके पर पकड़ने के बजाय, उनके वाहन नंबर के आधार पर सीधे ऑनलाइन ई-चालान भेजे जा रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस अभियान के पहले ही दिन मरीन ड्राइव पर 100 से ज्यादा ओवरस्पीडिंग के चालान काटे गए!

आखिर नियम क्या हैं? ट्रैफिक विभाग के मुताबिक, मरीन ड्राइव पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 55 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि एनएच-33 पर यह सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस तय सीमा से एक किलोमीटर प्रति घंटा भी ऊपर जाने पर आपका चालान कट सकता है!

बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि शहर में ऐसे कई और हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां जल्द ही ये स्पीडगन लगाई जाएंगी। साथ ही, चालकों की जानकारी के लिए सड़कों पर स्पीड लिमिट से जुड़े बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

ट्रैफिक डीएसपी ने साफ किया है कि अक्सर मरीन ड्राइव युवाओं के लिए स्टंट या गाड़ी की रफ्तार परखने का जरिया बन जाता है, जिससे जानलेवा हादसे होते हैं। इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। यह अभियान सिर्फ मरीन ड्राइव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में शहर के तमाम प्रमुख मार्गों और हाइवे पर भी लगातार जारी रहेगा।