झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रैली में शामिल नहीं होने पर भी उठाए सवाल,भाजपा ने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
रांची: दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित विपक्षी INDIA गठबंधन की रैली को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रैली को असफल बताते हुए विपक्ष के भीड़ जुटाने के दावों पर सवाल उठाए हैं।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि विपक्ष की ओर से रैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का दावा किया गया था, लेकिन यह दावा धरातल पर पूरा होता नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान के जिस हिस्से में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उसकी क्षमता ही करीब 30 से 40 हजार लोगों की थी। भाजपा प्रवक्ता ने इसे विपक्ष की राजनीतिक ताकत के दावों पर सवाल खड़ा करने वाला आयोजन बताया।
हेमंत सोरेन के शामिल होने पर भी उठाए सवाल
प्रतुल शाहदेव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रैली में शामिल होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद मुख्यमंत्री रैली में शामिल नहीं हुए। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर भी विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा।
10लाख की उम्मीद,मैदान की क्षमता पर चर्चा
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई थी। वहीं, दिल्ली पुलिस के अनुमान के अनुसार लगभग 50 हजार लोगों के आने की संभावना थी। रामलीला मैदान में कुर्सियों, घेराबंदी और आवाजाही के रास्तों की व्यवस्था के बाद इसकी प्रभावी क्षमता करीब 30 से 40 हजार बताई गई थी।
रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच रैली में जुटी भीड़ और राजनीतिक प्रभाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट

