नई दिल्ली : बिहार में औद्योगिक विकास, निवेश और आर्थिक प्रगति को गति देने के उद्देश्य से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में बिहार में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने और राज्य को औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.
इस दौरान निवेशकों को प्रोत्साहन देने, उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने और राज्य में नई औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने पर जोर दिया गया. गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के विकास का विषय भी प्रमुखता से उठा. इस परियोजना के माध्यम से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में बिहार से निर्यात को प्रोत्साहित करने और राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के उपायों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा चाय बोर्ड में बिहार की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा वाणिज्य मंत्रालय का एकीकृत कार्यालय बिहार में स्थापित करने जैसे विषयों को भी रखा गया.
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा राज्य में 100 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर के विकास का रहा. इसे डिजिटल बुनियादी ढांचे और तकनीकी निवेश की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.
बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में औद्योगिक निवेश का विस्तार, रोजगार के नए अवसरों का सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है. इन प्रस्तावों पर आगे होने वाली पहल से राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
संजय कुमार की रिपोर्ट-
