पटना : बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के रास्ते पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है. गंगा में वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार अब जल्द खत्म होने की उम्मीद है. दशहरा के बाद और दीपावली से पहले वाटर मेट्रो का परिचालन शुरू होने की संभावना जताई गई है. इसके लिए जरूरी चार्जिंग व्यवस्था तैयार की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, लगभग12करोड़ रुपये की लागत से बना इलेक्ट्रिक जहाज'एमवी गोमधरकुंवर' पिछले साल ही पटना पहुंच गया था. हालांकि, तकनीकी तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण अब तक इसका नियमित परिचालन शुरू नहीं हो सका है. जहाज की चार्जिंग के लिए एनआईटी घाट और दीघा घाट पर दो चार्जिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं.
42मीटर लंबा है जहाज
भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अधिकारियों के अनुसार, जहाज के संचालन के लिए फास्ट चार्जिंग और डीजल सिस्टम तैयार है. वहीं, स्लो चार्जिंग सिस्टम का ट्रायल चल रहा है. इसके सफल होने के बाद वाटर मेट्रो का परिचालन शुरू किया जा सकता है.
42मीटर लंबे इस वातानुकूलित जहाज में एक बार में75यात्रियों के बैठने की क्षमता है. इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे गंगा में यात्रा करने वाले पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा.
चार्जिंग के बाद घंटों चलेगा जहाज
फास्ट चार्जिंग सिस्टम के जरिए जहाज लगभग आधे घंटे में पूरी तरह चार्ज हो सकता है. इसके बाद यह एक से डेढ़ घंटे तक लगातार चल सकता है. वहीं, स्लो चार्जिंग सिस्टम से पूरी तरह चार्ज होने पर जहाज पांच से छह घंटे तक परिचालन कर सकेगा.
वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने से पटना में नदी पर्यटन को बढ़ावा मिलने और पर्यटकों को आकर्षित करने की उम्मीद है. हालांकि, परिचालन की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
