पटना। नेशनल हेराल्ड मामले में ED ऑफिस में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ से भडके कांग्रेसी सडकों पर हैं। पार्टी के इस प्रदर्शन में राहुल गांधी भी शामिल हुए। राहुल गांधी अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ विजय चौक पर धरने पर बैठे थे। लेकिन राहुल गांधी और कई अन्य सांसदों को बाद में दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर किंग्सवे पुलिस कैंप में रखा गया है।
राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद कांग्रेसी बुरी तरह भड़क गए हैं। खुद हिरासत में लिये जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि सभी सांसद यहां पर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर बात की लेकिन ये (पुलिस) लोग हमें बैठने नहीं दे रहे हैं और हमें हिरासत में ले रहे हैं। कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने ठान रखी है कि वे एजेंसियों का गलत उपयोग करके विपक्ष की आवाज़ को कुचलने और कांग्रेस के नेताओं को टारगेट करेंगे। हम पूछताछ से नहीं डर रहे हैं,केस में कोई दम नहीं है, लगातार हर बात का जवाब दिया जा रहा है लेकिन इन एजेंसी का दुरुपयोग हो रहा है। लोकतंत्र में प्रदर्शन करना, अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। वहीं मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि ये मोदी जी और अमित शाह जी की साजिश है कि विपक्ष को खत्म करना और हमारी आवाज बंद करना है। हम इससे डरने वाले नहीं है,हम लड़ते रहेंगे।
वहीं राजघाट पर सत्याग्रह करने को लेकर कांग्रेसी नेता अजय माकन ने कहा कि हमने एक दिन के लिए गांधी जी की समाधि पर सत्याग्रह करने की अनुमति मांगी थी लेकिन पुलिस ने इसके लिए मना कर दिया। अगर लोकतंत्र में गांधी जी के समाधि पर सत्याग्रह करने की अनुमति नहीं मिलेगी तो लोकतंत्र कहां जिंदा रह गया। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी को याद दिलाना चाहता हूं कि 5 जून 2011 को इन्होंने गांधी जी के समाधि पर डांस करते हुए प्रदर्शन किया और उत्सव मनाते थे। हमने तो कभी गांधी जी के समाधि पर सत्याग्रह करने से मना नहीं किया।
