रांची के छठव्रतियों की सुविधा के लिए प्रशासन अलर्ट,घाटों की सफाई,प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर

रांची: छठ महापर्व को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। झारखंड सहित पूरे देश में आस्था, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक इस महापर्व के सुचारु, भव्य और सुरक्षित आयोजन तथा लाखों छठव्रतियों की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को प्रशासनिक टीम के साथ शहर के प्रमुख छठ घाटों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कांके डैम, हटिया तालाब (मछली घर), चड़री तालाब, बड़ा तालाब, धुर्वा डैम और बटन तालाब (डोरंडा) का जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक घाट पर उपलब्ध सुविधाओं, वर्तमान स्थिति, संभावित चुनौतियों और आवश्यक सुधारों की समीक्षा की।

छठ पूजा समितियों के साथ सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर चर्चा

उपायुक्त ने विभिन्न छठ घाटों पर मौजूद पूजा समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान छठव्रतियों की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने कहा कि छठ महापर्व आस्था और श्रद्धा का पर्व है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि छठव्रतियों को पूजा-अर्चना और अर्घ्य अर्पित करने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।

छठ घाटों की सफाई और जल की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ महापर्व से पहले सभी चिह्नित घाटों की पूरी तरह साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। घाटों की सीढ़ियों पर जमी काई को तत्काल हटाने, आवश्यकतानुसार डीडीटी का छिड़काव करने और जल की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने निर्देश दिया कि छठ के दौरान सफाई कर्मियों की घाटों पर निरंतर तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि पूजा स्थलों पर गंदगी जमा न हो और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को घाटों पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

निर्धारित समय-सीमा में पूरी हों सभी तैयारियां

उपायुक्त ने नगर निगम, भवन निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि छठ घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष निगरानी रखी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छठव्रती या अर्घ्य अर्पित करने आने वाले श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान विभिन्न छठ पूजा समितियों के सदस्यों ने उपायुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया और प्रशासन की ओर से किए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

जतरा मेला की तैयारियों की भी समीक्षा

छठ घाटों के निरीक्षण के अतिरिक्त उपायुक्त बारह पड़हा जतरा पूजा समिति, मिसिर गोंदा, कांके रोड भी पहुंचे। यहां उन्होंने जतरा मेला की तैयारियों को लेकर समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की।

मेला स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने नगर निगम को तत्काल अतिक्रमण हटाने और रास्ते को निर्बाध बनाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाना और मेला के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचना है।

प्रशासन और पूजा समितियों के बीच समन्वय पर जोर

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने छठ पूजा समितियों के सदस्यों से अपील की कि वे महापर्व के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय से ही छठव्रतियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि छठ महापर्व का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो तथा श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सकें।

रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट