पटना : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में अब सबकी निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी है. इस चुनाव में उम्मीदवारों की जीत-हार के साथ ही राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं की रणनीति और प्रभाव का भी आकलन होगा. इनमें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर प्रमुख हैं.


लालू प्रसाद यादव की रणनीति पर नजर


पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद की सक्रियता चर्चा में रही है. रिपोर्ट के अनुसार,लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर चुनावी रणनीति पर ध्यान दिया. अब नतीजों से पता चलेगा कि पार्टी की रणनीति मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाई.


नीतीश कुमार ने संभाली पटना स्नातक सीट की जिम्मेदारी


पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए नीतीश कुमार की सक्रियता भी चर्चा में रही. नीरज कुमार की तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने के दौरान नीतीश कुमार ने उनका हालचाल लिया. रिपोर्ट के मुताबिक,उन्होंने चुनाव की जिम्मेदारी संभालने का भरोसा भी दिया था. ऐसे में इस सीट का परिणाम जदयू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


सम्राट चौधरी के नेतृत्व का भी होगा आकलन


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए भी यह चुनाव राजनीतिक रूप से अहम है. एनडीए नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठकों तथा चुनावी तैयारियों के बीच परिणाम को संगठनात्मक रणनीति के संदर्भ में देखा जाएगा.


प्रशांत किशोर की नजर आठ सीटों पर


जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. पार्टी के प्रदर्शन से उसकी चुनावी मौजूदगी का आकलन होगा. अब27अक्टूबर को आने वाले नतीजे बताएंगे कि किस दल और उम्मीदवार को मतदाताओं का कितना समर्थन मिला.

पनटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-