पटना: बिहार में 1 अक्टूबर 2026 से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर आम लोगों, बैंक ग्राहकों, किसानों, एलपीजी उपभोक्ताओं और संपत्तिधारकों पर पड़ेगा।
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, गैस सिलिंडर की बुकिंग और आपूर्ति जारी रहेगी।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण से जुड़े नियमों में भी बदलाव होगा। 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया सामान्य रहेगी। देरी होने पर निर्धारित अनुमति और जुर्माने के नए प्रावधान लागू होंगे।
SBI के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट से नकद निकासी के नियम भी बदलेंगे। महीने में चार बार कैश निकालना मुफ्त रहेगा। इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और लागू GST देना होगा। वहीं, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा।
बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट की मुफ्त सुविधा 30 सितंबर तक उपलब्ध है। 1 अक्टूबर से इसके लिए 125 रुपये शुल्क देना होगा।
किसानों के लिए उर्वरक खरीद की व्यवस्था भी डिजिटल होगी। फर्टिलाइजर सेल एप्लीकेशन सिस्टम के माध्यम से खाद की बिक्री और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की योजना है।
पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है। इसके बाद बकाया कर पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा।

