पटना: बिहार के सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. राज्य के46राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को करीब122करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. इस परियोजना में आईआईटी पटना का सहयोग लिया जा रहा है.
हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल,ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम,ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स,स्पोकन ट्यूटोरियल और कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर रहेगा.
संस्थानों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण विकसित किए जाएंगे. विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय लाइव असेंबली,कैलिब्रेशन,कोडिंग और फील्ड टेस्टिंग का अनुभव देने की व्यवस्था की जाएगी.
तकनीकी संस्थानों में स्मार्ट कक्षाओं,आधुनिक प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं के साथ भाषा प्रयोगशाला,छात्रावास,खेल मैदान,ओपन जिम और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है.
विभाग के अनुसार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति2020और राज्य के कौशल विकास अभियानों के अनुरूप पाठ्यक्रम को प्रभावी बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोबोटिक्स,एवियोनिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार करना है,ताकि उन्हें बेहतर रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर मिल सके.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
