
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
Liveपटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का भी लोकार्पण किया. पंचायत स्तर पर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों को बेहतर बनाने का लक्ष्य है. 30 नवंबर तक सभी छोटे-छोटे लंबित विकास कार्य पूरे करने का निर्देश है. दीपावली से पहले जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के निर्देश दिये गए हैं.विद्यालयों की रंगाई-पुताई, आंगनबाड़ी केंद्रों के लंबित कार्य जल्द पूरे होंगे. स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और छात्रावासों में लंबित कार्य पूरे होंगे. सीएम ने अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिए हैं. नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है. कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रगति और कार्य पूर्णता की जानकारी मिलेगी. कायाकल्प मोबाइल ऐप से भी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी. पोर्टल से योजनाओं की मॉनिटरिंग में आएगी तेजी, लंबित कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी. ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण समेत 9 विभागों की योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी. मंत्रीगण और जिला प्रशासन अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे. जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को सफल बनाने की CM की अपील है. छोटे-छोटे विकास कार्यों के जरिए आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर है.CM बोले—छोटी-छोटी चीजों पर गौर करें, समय-सीमा में कार्यों का सफल क्रियान्वयन करें. ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ से जनसुविधाओं में सुधार और नई परिसंपत्तियों का निर्माण होगा.
पटना : ग्रामीण विकास विकास, बिहार के तत्वावधान में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा वर्ष 2026 के बिहार सरस मेला के प्रथम संस्करण का आयोजन 20 से 29 सितंबर 2026 तक ज्ञान भवन, पटना में होने जा रहा है.ग्रामीण उद्यमिता और हुनर को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला का आयोजन किया जाता है. वर्ष 2014 से शुरू हुई यह यात्रा अब अपने 18वें संस्करण तक पहुंच चुकी है.वर्ष 2018 से सरस मेला के दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं, एक ज्ञान भवन में, जहां ग्रामीण उद्यमियों और ग्राहकों के बीच सीधा संवाद अधिक गहरा होता है, और दूसरा गांधी मैदान में, जहां यह आयोजन एक बड़े जन-उत्सव का रूप ले लेता है. वर्तमान वित्तीय वर्ष के इस प्रथम संस्करण में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी शिरकत कर रही हैं. आन्ध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की लोक कला, शिल्प , लोक कलाकृतियों एवं व्यंजनों की प्रदर्शनी सह खरीद- बिक्री होगी .इसके लिए लगभग 135 स्टॉल लगाये जा रहे हैं .हस्तशिल्प,हैण्डलूम,कालीन,रग्स,मलबरी,सिल्क एवं खादी की साड़िया एवं कपडे,मधुबनी पेंटिंग,लाह से बनी चूड़ियाँ,सीप से बने गहने,बांस एवं लकड़ी से बने घर सजाने के उत्पाद,केला के डंठल आदि से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी.फ़ूड जोन में दीदी की रसोई के स्टॉल पर देशी, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन के साथ अचार, पापड़, सत्तू, बरी, दनौरी, ड्राई फ्रूट्स समेत कई देशी और लजीज व्यंजन के स्टॉल रहेंगे.बिहार के सभी 38 जिलों के स्वयं सहायता समूह से जुडी हुनरमंद महिला उद्यमी अपने-अपने क्षेत्र के हस्त शिल्प, लोककला , कलाकृतियों एवं सुप्रसिद्ध व्यंजनों को लेकर आ रही हैं.जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय उत्पादक कंपनी, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम एवं जानकी महिला सिलाई एवं प्रशिक्षण केंद्र के स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की झलक दिखेगी.विभिन्न विभाग एवं संस्थानों के स्टॉल पर राज्य में हो रहे विकासात्मक कार्यों की प्रदर्शनी एवं लाभान्वितों के द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जाएगी.जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना एवं मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभान्वितों द्वारा उत्पादित उत्पादों की भी खरीद- बिक्री होगी.रुपयों की जमा- निकासी के लिए जीविका दीदियों द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र एवं सभी स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था की गई है.सरस मेला परिसर में आगंतुकों एवं स्टॉल धारकों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र भी बनाये जा रहे हैं.इस वर्ष ज्ञान भवन में एक नई पहल के रूप में क्रेता-विक्रेता संवाद आयोजित किया जाएगा. यहां केवल उत्पाद दिखाए नहीं जाएंगे,बल्कि उत्पादों के पीछे के उद्यम और बाजार की संभावनाओं पर बातचीत होगी. संभावित खरीदारों,संस्थागत खरीदारों और महिला उद्यमियों के बीच सीधा संवाद होगा. उत्पाद की गुणवत्ता,पैकेजिंग,मात्रा,आपूर्ति और बाजार की मांग जैसे विषयों पर बातचीत के जरिए व्यापारिक संबंधों की नई संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा. इस पहल से सरस मेला की भूमिका एक कदम और आगे बढ़ेगी,प्रदर्शनी से व्यापार तक,ग्राहक से खरीदार तक और उत्पाद से बाजार तक. मेला का समय सुबह 10 बजे से शाम 08 बजे तक निर्धारित है. प्रवेश निःशुल्क रखा गया है.
Patna : पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची की अभिरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सख्त रुख अपनाते हुए नाबालिग बच्ची को मधुबनी के चाइल्ड केयर होम में रखने और बच्ची सहित दावा करने वाले दोनों पिता का डीएनए जांच कराने का आदेश दिया. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सुनील दत्ता मिश्रा की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की.कोर्ट को बताया गया कि 2014 में राकेश कुमार सिंह से मृतका पूजा कुमारी की शादी हुई थी,लेकिन 4-5 महीने बाद वह राघवेंद्र कुमार से शादी कर ली.उनका कहना था कि प्रतिवादी संख्या 8 राघवेंद्र कुमार केनरा बैंक मुंबई में सीनियर मैनेजर हैं.उन्होंने अपने हलफनामे में कहा कि उसकी शादी पूजा से 22 अप्रैल,2015 को हुई थी और बच्ची का जन्म 8,फरवरी 2016 को समस्तीपुर के कृष्णा अस्पताल में हुआ. उसने जन्म प्रमाण पत्र,साथ की तस्वीरें और सुकन्या समृद्धि योजना का पासबुक पेश किया,जिसमें वह हर साल 1.5 लाख रुपए जमा करता है और अब 11 लाख रुपए का बैलेंस है.कोर्ट को बताया गया कि पूजा +2 उच्च विद्यालय डेलडीहा पूर्वी,मधुबनी में नौकरी कर रही थी और अपनी बेटी के साथ राकेश के मकान में किराएदार के रूप में रहती थी. गत 9 जून को सड़क हादसे में उसकी मृत्यु हो गई.दुर्घटना को लेकर ट्रैफिक थाना में केस 105/2026 दर्ज है. परिवार को सूचना दिए बिना ही राकेश ने शव का दाह संस्कार कर दिया और अब वह मृतक के नौकरी का लाभ लेने के लिए उसे अपनी पत्नी बता रहा है.कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के दौरान पाया कि राकेश के पास शादी का कोई प्रमाण नहीं है. सिर्फ मंदिर की 1100 रुपये की हाथ से लिखी रसीद है. कोर्ट ने बच्ची से बातचीत की,और उसे लगा कि उसे पूरी तरह से सिखा-पढ़ाकर रखा गया है.कोर्ट ने डीएम,एसपी और मधुबनी के डीएलएएस को बच्ची की सुरक्षा और सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश दिया. साथ ही मधुबनी के सीडब्ल्यूसी को चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट नियुक्त कर काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया.कोर्ट ने डीएम और सिविल सर्जन को बच्ची,राकेश और राघवेंद्र का डीएनए टेस्ट कराने और कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले पर अगली सुनवाई तक किसी भी व्यक्ति को बच्ची से मिलने की इजाजत नहीं होगी. इस मामले पर अगली सुनवाई 1 अकटूबर,2026 को होगी.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना : श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा संचालित अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए समिति हर वक्त प्रयासरत है. चाहे वो महावीर वात्सल्य, महावीर आरोग्य, महावीर कैंसर, महावीर नेत्रालय या फिर महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल आदि क्यों न हो. इसी क्रम में शुक्रवार को महावीर वात्सल्य अस्पताल में मरीजों को ले जाने और लाने के लिए एक और आधुनिक एंबुलेंस की सुविधा बहाल की गई है. इस आधुनिक एंबुलेंस को कंपनी सीएसआर के तहत कैनरा बैंक ने दिया है. इसका उद्घाटन शुक्रवार को किया गया. इस मौके पर श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल, सांसद शांभवी चौधरी, कैनरा बैंक के सीएमडी ब्रजेश कुमार सिंह, एसीईओ बीके मिश्रा,अस्पताल के निदेशक डॉ.राजेश रंजन, मंदिर अधीक्षक के सुधाकरण, बैंक के डीजीएम और जीएम आदि मौजूद थे. श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने कहा कि समिति द्वारा संचालित अस्पताल में मरीजों को बेहतर सेवा मिले, इसके लिए हर कोशिश की जा रही है. महावीर वात्सल्य अस्पताल में हार्ट के मरीजों के इलाज के लिए हर सुविधा बहाल कर दी गई है. इसके अलावा बच्चों और बड़ों का भी बेहतर इलाज हो रहा है. अस्पताल में इलाज कराने के लिए दूर-दराज और शहर के बड़े अस्पतालों से भी मरीज आते हैं. सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक वाली जांच मशीन की व्यवस्था की गई है. और जहां जरूरत है व्यवस्था की जा रही है. जिससे मरीज को एक छत के नीचे जांच और इलाज की सारी सुविधा मिल जाय. मरीज को जांच या फिर इलाज के लिए अन्यत्र भटकना नहीं पड़े. अस्पतालों से जरूरत के अनुसार प्रस्ताव भी मांगे गए हैं. उसी के अनुसार मशीन आदि की व्यवस्था की जा रही है. वैसे भी समिति द्वारा संचालित अस्पतालों में काफी कम खर्च में इलाज और जांच की व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की संख्या बढ़ने से मरीजों को आने-जाने में सहूलियत होगी. साथ ही साथ महावीर आरोग्य अस्परताल का नया भवन का भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. भवन का निर्माण हो जाने पर यहां काफी सुविधाएं बढ़ जाएंगी. अभी आरोग्य को पास के ही मकान में शिफ्ट किया गया है. जहां मरीजों का इलाज हो रहा है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट--
पटना : बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन में राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के प्रधानाध्यापकों के साथ उन्मुखीकरण के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित किया.कार्यशाला में उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन बिहार की शिक्षा का सूर्योदय है. इन विद्यालयों के माध्यम से राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना है. शिक्षक ही परिवर्तन के वाहक हैं और प्रधानाध्यापकों को अपने नेतृत्व से विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाना होगा. इस दौरान शिक्षा मंत्री ने विभाग के सचिव राजीव रौशन और अन्य अतिथियों के साथ 'मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल' व कक्षा अवलोकन टूल की लॉन्चिंग और 'कॉरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श' पुस्तिका का लोकार्पण किया. इसके अलावा एससीईआरटी और स्वयंसेवी संस्था लाही के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.तीन माह बाद सभी 700 सरस्वती विद्या निकेतनों का होगा विश्लेषणशिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि तीन माह के बाद सभी 700 सरस्वती विद्या निकेतनों का विश्लेषण किया जाएगा. यह अवधि प्रधानाध्यापकों के लिए खुद को साबित करने का अवसर है. एक वर्ष बाद जब जेईई और नीट के नतीजे आएंगे तब शिक्षकों की असली परीक्षा होगी.गुरु-शिष्य परंपरा को हर हाल में पुनर्स्थापित करना होगाउन्होंने प्रधानाध्यापकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि गुरु-शिष्य की खंडित हो रही परंपरा को फिर से पुनर्स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है. इसके लिए सबसे पहले हमें अपने आचरण और व्यवहार से गुरु की भूमिका को सार्थक बनाना होगा. शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानाध्यापक अपने व्यवहार से विद्यालयों में अनुशासन लाएं और शैक्षणिक नेतृत्व विकसित करें. अभिभावकों के साथ जीवंत,आत्मीय और अपनत्व वाला संबंध बनाएं ताकि विद्यालय और समाज के बीच मजबूत जुड़ाव स्थापित हो.वित्तीय प्रबंधन में एक से अधिक कर्मियों को जिम्मेदारी दी जाएउन्होंने वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि वित्तीय कार्यों में एक से अधिक कर्मियों को जिम्मेदारी दी जाए. इससे कार्यों में पारदर्शिता रहेगी और किसी एक व्यक्ति पर उंगली नहीं उठेगी. उन्होंने हर कार्य के लिए व्यक्ति की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया.चेतना सत्र के दौरान बच्चों को बाल सुरक्षा के प्रति जागरुक करेंतिवारी ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और विद्यालय की सेहत पर ध्यान देने की बात कही. उन्होंने चेतना सत्र के दौरान बच्चों को बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर आगे बढ़ने के लिए समावेशी शिक्षा आवश्यक है,ताकि हर बच्चे को समान अवसर मिल सके. शिक्षा मंत्री ने डिजिटलीकरण और तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का सकारात्मक उपयोग हो और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाए.बेहतर परिणाम के संकल्प के साथ लौटें प्रधानाध्यापकतिवारी ने कहा कि सरकार का पूरा फोकस आदर्श विद्यालयों पर है. विद्यालय सुविधाओं से युक्त,चिंताओं से मुक्त और बेहतर परिणाम देने वाले बनने चाहिए. उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों से संकल्प के साथ विद्यालय लौटने और बिहार के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया. अध्यक्षीय संबोधन में विभाग के सचिव राजीव रौशन ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए वर्तमान को तैयार करना होगा. सरस्वती विद्या निकेतन सिर्फ भवन नहीं,बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण के केंद्र हैं. यहां हुए सार्थक प्रयास अन्य विद्यालयों के लिए नजीर बनेंगे.कार्यशाला में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष त्यागराजन एसएम, विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक नितिन कुमार सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक, एससीईआरटी के निदेशक यतेंद्र कुमार पाल, मध्याह्न भोजन के निदेशक विनायक मिश्र, निदेशक प्रशासन विजय कुमार पांडेय, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अमित कुमार के अलावा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे. राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. दीप प्रज्वलन के बाद मंचासीन अतिथियों का हरित गुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया गया.
पटना: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की स्पष्ट नज़ीरों की अनदेखी कर अग्रिम जमानत याचिका पर त्रुटिपूर्ण आदेश पारित करना मधुबनी के अपर सत्र न्यायाधीश-V (एडीजे) को भारी पड़ गया. पटना हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारी के इस रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किया है.जस्टिस जितेंद्र कुमार की एकलपीठ ने जिला न्यायाधीश के माध्यम से संबंधित एडीजे से एक सप्ताह में जवाब तलब किया है कि उन्हें पुनः प्रशिक्षण के लिए बिहार न्यायिक अकादमी क्यों न भेजा जाए?मामले की अगली सुनवाई24सितंबर,2026को निर्धारित की गई है. ये मामला मधुबनी महिला थाना कांड (44/2025)से जुड़ा है. आरोपी नीरज कुमार मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एडीजे ने16अप्रैल2026को याचिका पर निर्णय (स्वीकार या खारिज) देने के बजाय आरोपी को4सप्ताह में निचली अदालत में सरेंडर कर नियमित जमानत लेने का निर्देश दे दिया.याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सरोज कुमार चौधरी ने हाईकोर्ट को बताया कि एडीजे ने जिस'नौशाद अंसारी'केस की नजीर ली,उसे हाईकोर्ट की खंडपीठ'मो. राजा बनाम बिहार राज्य'मामले में पहले ही निष्प्रभावी घोषित कर चुकी है.वहीं,आशिक कुमार शाह (2025)केस में भी स्पष्ट है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा482के तहत सत्र अदालत को जमानत स्वीकार या अस्वीकार ही करनी होगी.हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे फैसलों से आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है. अदालत ने फिलहाल याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना : जदयू की बड़ी बैठक के बाद कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान सामने आया है. संजय झा ने कहा कि आज पार्टी की बैठक के साथ प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसमें नए विधायकों को प्रशिक्षण दिया गया.उन्होंने बताया कि विधायकों को विधानसभा और विधान परिषद में प्रभावी तरीके से काम करने,पार्टी के लिए जिम्मेदारी निभाने और अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की निगरानी करने से जुड़ी जानकारी दी गई.ललन सिंह और कुछ विधायकों के बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर संजय झा ने कहा कि बैठक में केवल विधायकों को ही बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि उनकी कल शाम ललन सिंह से बातचीत हुई थी और ललन सिंह ने बैठक करने की बात कही थी. संजय झा ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह की राजनीतिक बात नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ विधायक जरूरी काम की वजह से बैठक में नहीं आ सके,लेकिन इसे किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.वहीं,अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को लेकर लगातार सवाल पूछे जाने के बावजूद संजय झा ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाईकोर्ट में मोतिहारी शहर के मोतीझील बुढ़ी गंडक नदी से निकले ब्रिटिश कालीन नहर को रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है,के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई हुई. एक्टिंग चीफ सुधीर सिंह की खंडपीठ ने भारतीय न्यायप्रिय नागरिक परिषद की जनहित याचिका की सुनवाई की. चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव की खंडपीठ ने भारतीय न्यायप्रिय नागरिक परिषद की जनहित याचिका पर सुनवाई की.सुनवाई के दौरान मोतीहारी नगर निगम के वार्ड नंबर 18 के सदस्य संजय जायसवाल ने कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका डाल कर बताया कि ये नहर नहीं,बल्कि एक नाला है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने इस हस्तक्षेप याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जब कि मोतिहारी नगर निगम स्वयं पार्टी हैं,तो वार्ड पार्षद के हस्तक्षेप याचिका दायर करने का कोई अधिकार ही नहीं हैं.उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन,मोतिहारी नगर निगम और राज्य सरकार इसे नहर मान रही है. जिला प्रशासन ने बताया कि नहर के आसपास हुए अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दे दिया गया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि नहर के आसपास बड़े बड़े पेड़ हो गये हैं.कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई में हलफनामा दायर कर बताने को कहा है कि वार्ड पार्षद को हस्तक्षेप याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने डीएम,पूर्वी चंपारण के 4 जून,2026 के पत्र के सन्दर्भ में हुई कार्रवाईयों पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने कोर्ट को बताया था कि मोतिहारी शहर के मोतीझील को बुढ़ी गंडक नदी पर स्थित रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है. इसकी लम्बाई लगभग ग्यारह किलोमीटर है.मोतीझील को शहर की जीवनरेखा भी कहा जाता है. इससे मोतिहारी शहर को पेय जल मिलता है. साथ ही बाढ़ के समय ये नहर इस शहर को बाढ़ से बचाता है.अधिवक्ता विकास पंकज ने बताया था कि 24 दिसंबर,2022 को कार्यपालक अभियंता,तिरहुत कैनाल डिवीज़न,मोतिहारी ने इस सम्बन्ध में पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी को पत्र लिखा,जिसमें इस नहर को बाढ़ के समय अतिउपयोगी और मोतीझील को रिचार्ज करने का वैकल्पिक श्रोत बताया गया था.उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिलाधिकारी,पूर्वी चम्पारण ने इसके जाँच के लिए एक कमिटी गठित की और जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने बताया था कि काफी बैठकें हुई,लेकिन अब तक कोई विस्तृत रिपोर्ट नहीं दिया गया था. इससे मोतिहारी शहर के नागरिकों को काफी कष्ट और असुविधा हो रही है.इस मामले पर अगली सुनवाई 30 अक्टूबर,2026 को की जायेगी.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: राजधानी पटना शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और पीक आवर्स में लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए पटना यातायात पुलिस ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मीठापुर-महुली एलिवेटेड फ्लाईओवर सेGPOगोलंबर की ओर वाहनों का परिचालन बढ़ने के कारण सुबह और शाम के व्यस्त समय में यातायात की रफ्तार प्रभावित हो रही है.इसी को देखते हुएGPO ROBपर मालवाहक यानीGoods Vehiclesके आवागमन को निर्धारित समय में प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है. इसके तहत सुबह9बजे से11बजे तक तथा शाम6बजे से रात8:30बजे तक मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा.यातायात पुलिस के अनुसार,यह व्यवस्था फिलहाल21सितंबर2026से प्रायोगिक तौर पर लागू की जा रही है. प्रतिबंध के प्रभाव और शहर की यातायात व्यवस्था पर इसके असर का व्यापक आकलन किया जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है. आम नागरिकों से भी जाम से बचने के लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया गया है.पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रतिबंधित समय में नियमों का उल्लंघन करने वाले मालवाहक वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस कदम का उद्देश्य पीक आवर्स में यातायात दबाव कम करना और पटना की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाना है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना:भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रियतमा एवं प्रेम-भक्ति की आराध्या श्रीराधारानी के पावन प्राकट्य दिवस श्री राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार,19 सितंबर 2026 को श्री गौड़ीय मठ मंदिर,मिठापुर,पटना में श्री राधा जन्म महोत्सव श्रद्धा,भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा. गौड़ीय वैष्णव परंपरा में श्रीराधारानी को भगवान श्रीकृष्ण की परम आह्लादिनी शक्ति तथा प्रेम,करुणा एवं भक्ति की अधिष्ठात्री माना गया है.महोत्सव के अवसर पर प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रीराधारानी की महिमा का विशेष कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे. इस दौरान श्री राधा स्तोत्र,मंगल गान,श्री राधा सहस्रनाम पाठ,श्री राधा स्तव तथा श्री राधा जन्म-बधाई कीर्तन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.प्रातः 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भक्ति-रस में भक्ति रसमय रस सार महाराज जी द्वारा श्री राधा तत्त्व एवं श्रीराधारानी की दिव्य जन्म-लीला पर विशेष कथा का श्रवण कराया जाएगा.इसके पश्चात प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक श्रीराधारानी का विशेष अभिषेक,दिव्य श्रृंगार एवं आवाहन किया जाएगा तथा 56 प्रकार के भोग का निवेदन किया जाएगा. इसके बाद महाआरती होगी.वर्ष में एक बार होते हैं श्रीराधारानी के चरण-दर्शनराधाष्टमी महोत्सव का विशेष आकर्षण दोपहर 1 बजे श्रीराधारानी के श्रीचरण-कमलों का दुर्लभ दर्शन होगा. गौड़ीय वैष्णव परंपरा में इस चरण-दर्शन को अत्यंत मंगलमय एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. श्री गौड़ीय मठ की परंपरा के अनुसार भक्तों को यह विशेष चरण-दर्शन वर्ष में केवल एक बार,श्री राधाष्टमी के दिन प्राप्त होता है.भक्ति रसमय रस सार महाराज जी ने श्रीराधारानी के चरण-दर्शन के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीराधारानी के चरण-कमल भक्त के लिए शरणागति,विनम्रता एवं सेवा-भाव के परम आश्रय हैं. उनके चरणों का दर्शन केवल बाहरी धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि अपने अहंकार को त्यागकर श्रीराधारानी की कृपा एवं श्रीकृष्ण-प्रेम की प्रार्थना करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि श्रीराधारानी की कृपा से भक्त के हृदय में शुद्ध भक्ति,सेवा-भाव एवं श्रीकृष्ण-प्रेम का उदय होता है. राधाष्टमी के दिन प्राप्त होने वाला यह दुर्लभ चरण-दर्शन भक्तों को श्रीराधारानी की चरण-शरणागति एवं प्रेम-भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.चरण-दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच फलाहार प्रसाद का वितरण किया जाएगा. मठ की ओर से समस्त गौड़ीय वैष्णव भक्तों,श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से अपने परिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित महोत्सव में सम्मिलित होने का आग्रह किया गया है.20 से 26 सितंबर तक सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथाश्री राधाष्टमी महोत्सव के पश्चात 20 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक श्री गौड़ीय मठ,मिठापुर,पटना में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा होगी. इस दौरान श्रद्धालु श्रीहरि की भक्ति,श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश एवं भगवान की विविध दिव्य लीलाओं का श्रवण कर सकेंगे.मठ प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से राधाष्टमी महोत्सव सहित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हरिनाम संकीर्तन,कथा-श्रवण एवं श्रीराधारानी के दुर्लभ चरण-दर्शन का लाभ लेने का आह्वान किया है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट--
पटना: राजधानी पटना के गायघाट स्थित राजकीय मूक-बधिर कन्या विद्यालय में राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT),बिहार के समावेशी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में विशेष आवश्यकता वाली श्रवण-बाधित छात्राओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण को लेकर विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में कक्षा6से8तक की छात्राओं ने भाग लिया.कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य,व्यक्तिगत स्वच्छता,कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आवश्यक जानकारी सरल और सहज माध्यम से उपलब्ध कराना था. इस अवसर परUNFPAकी डॉ. अनुभूति ने छात्राओं को स्वास्थ्य एवं कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं. उनकी बातों और संदेशों को सांकेतिक भाषा के माध्यम सेCRCसे आईं मोनिका ने छात्राओं तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया.कार्यक्रम मेंSCERTके समावेशी शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवेद हसन खाँ की गरिमामयी उपस्थिति रही. अतिथियों का परिचय विभाग के व्याख्याता विजय कुमार भास्कर ने कराया,जबकि निरूपमा ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया.इस अवसर परUNFPAके राज्य प्रतिनिधि राहुल कुमार तथा अनुमंडलीय अस्पताल,दानापुर की काउंसलर शर्मिला भी मौजूद रहीं. कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.कार्यक्रम के अंत में समावेशी शिक्षा विभाग की व्याख्याता कुमारी अमृता ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में श्रवण-बाधित छात्राओं के स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के साथ समावेशी शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना: बिहार में भीषण बाढ़ के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहत कार्यों के लिए अपने तीन महीने के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान की है. राज्यसभा सांसद के रूप में उन्होंने ₹6 लाख 35 हजार का व्यक्तिगत अंशदान किया है.नितिन नवीन ने कहा कि बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए एनडीए सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भाजपा और सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है.भाजपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक,राज्य सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7 हजार प्रति परिवार की दर से अब तक ₹550 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है. प्रभावित इलाकों में राहत शिविर,कम्युनिटी किचन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ बचाव कार्य भी लगातार जारी है.बचाव अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं. वहीं,बाढ़ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया जारी है,जिसके आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है.नितिन नवीन ने केंद्र सरकार के सहयोग का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया.भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत एवं आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट—
पटना: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बांका, अररिया और सारण जिले के अधिकारियों पर अलग-अलग मामलों में दंड लगाया गया है.बांका जिले के चांदन के अंचल अधिकारी रविकांत कुमार को निलंबित कर दिया गया है. उन पर20हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने का आरोप है. विभाग ने गिरफ्तारी की तारीख से ही उनका निलंबन प्रभावी माना है.वहीं, अररिया जिले के नरपतगंज के राजस्व अधिकारी रामउदगार चौपाल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. उन पर गलत और भ्रामक प्रतिवेदन के आधार पर दाखिल-खारिज के एक मामले को अस्वीकृत करने का आरोप लगाया गया. विभाग ने उनकी वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का फैसला लिया है.सारण जिले के अंचल अधिकारी जयशंकर प्रसाद पर नामांतरण रिविजन वाद संख्या66/99-2000में पारित आदेश की अवहेलना करते हुए अनुशंसा करने का आरोप है. विभाग के अनुसार विक्रेता के नाम जमाबंदी कायम नहीं रहने के बावजूद नामांतरण के लिए अनुशंसा की गई थी.इस मामले में जयशंकर प्रसाद की पेंशन में पांच वर्षों तक15 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया गया है. तीनों मामलों में विभागीय कार्रवाई मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुमोदन के बाद की गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना: बिहार के पटना में एमएलसी चुनाव को लेकर बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार पर बड़ा हमला बोला है. अनंत सिंह ने साफ कहा है कि उनका विरोध जेडीयू से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है. उन्होंने दावा किया कि नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव में वह अपनी पूरी ताकत लगाएंगे और उनकी जमानत जब्त हो जाएगी.अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने पहले ललन सिंह का भी विरोध किया था. उन्होंने कहा कि जब उनके चुनाव का समय था, तब भी उनका विरोध किया गया था. अनंत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी गलती क्या है, वह बैठक में जाकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया.अनंत सिंह ने कहा कि उनके वोट से मुख्यमंत्री बनता है, जबकि ललन सिंह के वोट से प्रधानमंत्री बनता है. उन्होंने कहा कि यह पार्टी का चुनाव नहीं है और एमएलसी चुनाव में पार्टी के सिंबल की भूमिका भी अलग है.उन्होंने आरोप लगाया कि जब पार्टी के चुनाव में वे लोग मैदान में उतरते हैं, तब समर्थन के बजाय उनका विरोध किया जाता है. अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार के खिलाफ उनकी नाराजगी इसी वजह से है.अनंत सिंह ने नीरज कुमार के नार्को टेस्ट की मांग भी की और कहा कि उन्होंने यह बात बैठक में भी रखी थी. उन्होंने कहा कि नीरज कुमार को हराने में वह अपनी पूरी राजनीतिक ताकत और रणनीति लगाएंगे. साथ ही दावा किया कि नीरज कुमार की हार निश्चित है और उनकी जमानत जब्त हो जाएगी.अनंत सिंह के इन बयानों से एमएलसी चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर राजनीतिक खींचतान चर्चा में आ गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: जनता दल यूनाइटेड की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर शुक्रवार सुबह से ही पार्टी कार्यालय में हलचल रही। जेडीयू के विधायक और विधान पार्षद लगातार पार्टी कार्यालय पहुंचते रहे। बैठक को पार्टी की ओर से प्रबोधन कार्यक्रम बताया गया है।पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार तथा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार पार्टी कार्यालय से बाहर निकल गए। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम को मुख्य रूप से बिहार विधानसभा में जेडीयू के 85 विधायकों और राज्य नेतृत्व पर केंद्रित रखा गया है। केंद्रीय मंत्रियों और जेडीयू सांसदों को इसमें आमंत्रित नहीं किए जाने की बात सामने आई है।बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री मदन सहनी, लेसी सिंह और श्रवण कुमार समेत कई नेता पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी पार्टी कार्यालय पहुंचे। पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगे की रणनीति और एजेंडे पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।बैठक से पहले कुछ जेडीयू नेताओं और विधायकों के बयान भी चर्चा में रहे। कुछ नेताओं ने निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई। वहीं,जेडीयू का नाम ‘जदयू-नीतीश’ किए जाने की मांग का भी जिक्र सामने आया।बैठक ऐसे समय हो रही है जब समान नागरिक संहिता और फरक्का जल संधि जैसे मुद्दों को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा जारी है। 12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि की अवधि समाप्त होने वाली है। ऐसे में बिहार के हित, बाढ़, सुखाड़ और गाद की समस्या से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख पर भी नजर बनी हुई है।
पटना:बिहार में अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से17सितंबर2026को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को पत्र जारी कर समरूप मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया गया है.निर्देश के मुताबिक, ऐसे स्थानीय निकाय के अप्रशिक्षित शिक्षक जिनकी नियुक्ति31मार्च2015से पहले हुई थी और जिन्होंने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रथम प्रयास में प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से प्रशिक्षित शिक्षक के वेतनमान का वित्तीय लाभ दिया जाएगा. इसके साथ ही अंतर वेतन के भुगतान की कार्रवाई भी करने को कहा गया है.यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के15जनवरी2026के आदेश के बाद आया है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की ओर से दायरSLP (Civil) Diary No. 66035/2025को खारिज करते हुए पटना हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था. इससे पहले हाईकोर्ट ने संबंधित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से वेतनमान और परिणामी वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया था.विभाग ने स्पष्ट किया है कि2013-15, 2016-18और2017-18शैक्षणिक सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले शिक्षक इस दायरे में आएंगे. हालांकि, शिक्षकों का टीईटी उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य बताया गया है.जिला स्तर के अधिकारियों को ऐसे सभी समरूप मामलों की पहचान कर न्यायालय के आदेश के अनुरूप समय पर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी,विधि प्रकोष्ठ–बिहार प्रदेश द्वारा आज पटना हाईकोर्ट परिसर में दीप प्रज्ज्वलित करके एवं मिठाई वितरण करके जन्मदिवस मनाया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विंध्याचल राय ने किया.इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर हर्ष एवं उत्साह व्यक्त करते हुए मिठाई एवं लड्डू का वितरण किया. उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायु तथा राष्ट्रहित में निरंतर सफल नेतृत्व की कामना की.समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया. वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र के विकास एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में विधि समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. अधिवक्ताओं को जनहित,विधिक जागरूकता तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए.समारोह के दौरान वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अधिवक्ताओं एवं विधि क्षेत्र की भूमिका पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने,आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में अधिवक्ता समुदाय महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है.इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा विधि एवं न्याय से जुड़े जनहित के विषयों पर प्रभावी ढंग से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया. उपस्थित अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा,जनजागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ मनाने पर जोर दिया.समारोह में प्रदेश सह-संयोजक मनोज कुमार सिंह,संजय राम,राकेश प्रताप एवं पूनम सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष कृष्ण मुरारी प्रसाद,सह कोषाध्यक्ष संजीव सिन्हा,पटना हाईकोर्ट इकाई के संयोजक सुनील कुमार कर्ण सहित भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ,बिहार प्रदेश के सम्मानित पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना : ‘सेवा संकल्प अभियान’के अंतर्गत गुरुवार को महिला एवं बाल विकास निगम,बिहार,पटना के सभागार में राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में निगम के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली.इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने तथा नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया.समाज कल्याण विभाग,बिहार सरकार के निर्देशानुसार‘सेवा संकल्प अभियान’के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य नशे के विरुद्ध सामाजिक चेतना को मजबूत करना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है.कार्यक्रम के माध्यम से सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
नोएडा/पटना:बिहार सरकारbauma CONEXPO INDIA2026 के 8वें संस्करण में स्टेट पार्टनर के रूप में भाग लेते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को देश-विदेश के उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत कर रही है. 15 से 18 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में निर्माण मशीनरी,खनन,इंजीनियरिंग और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रमुख उद्योग समूह एवं निवेशक भाग ले रहे हैं.बिहार के पवेलियन में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP)2025,औद्योगिक आधारभूत संरचना तथा सामान्य विनिर्माण,निर्माण एवं आधारभूत संरचना,ऑटो कंपोनेंट्स,हेवी इंजीनियरिंग और संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है.राज्य द्वारा औद्योगिक भूमि,निवेश प्रोत्साहन और विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे की जानकारी भी उद्योग जगत के साथ साझा की जा रही है. इसके माध्यम से बिहार में विनिर्माण एवं इंजीनियरिंग इकाइयों की स्थापना तथा मजबूत औद्योगिक वैल्यू चेन विकसित करने की संभावनाओं को रेखांकित किया जा रहा है.Bauma CONEXPO INDIA2026 जैसे वैश्विक मंच पर बिहार की भागीदारी से राज्य को प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ संवाद,साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है.बिहार पवेलियन: हॉल 10|बूथQ3515–18 सितंबर 2026 | इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा