पटना: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना ने उपभोक्ता शिकायत संख्या579/2016में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए सिनेमाघर परिसर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की अनुचित कीमत वसूले जाने को अनुचित एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार माना है. यह आदेश आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र एवं सदस्य रजनीश कुमार द्वारा05अक्टूबर2026को पारित किया गया.
मामले में परिवादी ने आरोप लगाया था कि23सितंबर2016को पटना स्थित सिनेपोलिस थिएटर में फिल्म देखते समय उसे₹50में पैकेज्ड पेयजल खरीदने के लिए बाध्य किया गया,जबकि वही उत्पाद खुले बाजार में₹20में उपलब्ध था. परिवादी ने अधिक कीमत वसूले जाने तथा बाहर से पानी लाने पर रोक लगाए जाने को अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की थी.
आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पाया कि उपभोक्ता को बाहर से पानी लाने से रोककर अधिक कीमत पर पानी खरीदने के लिए बाध्य किया गया. आयोग ने स्पष्ट किया कि समान उत्पाद के लिए मनमाने तरीके से दोहरी कीमत निर्धारित कर उपभोक्ताओं का शोषण नहीं किया जा सकता.
आयोग ने सिनेपॉलिस सिनेमा हॉल और कोका कोला कंपनी को संयुक्त रूप से निर्देश दिया कि वे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर अथवा अन्य उत्पाद को खुले बाजार में प्रचलित कीमत से अधिक कीमत पर बेचने की प्रथा बंद करें. साथ ही परिवादी को₹25,000क्षतिपूर्ति एवं₹10,000वाद व्यय के रूप में देने तथा₹50,000राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का आदेश दिया गया है.
आयोग ने पैकेज्ड बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)को स्पष्ट एवं पठनीय रूप से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया है. आदेश का अनुपालन45दिनों के भीतर किया जाना है. अनुपालन नहीं होने की स्थिति में निर्धारित राशि पर9प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा.
उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग, उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को एक ही उत्पाद के लिए मनमाने दोहरे मूल्य निर्धारण की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया गया है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
