पटना नगर निगम ने वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. निगम ने अपने पहले म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिए 199.99 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है. बिहार में पहली बार किसी नगर निकाय ने म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी कर पूंजी बाजार से इतनी बड़ी राशि जुटाई है. शुक्रवार को बॉन्ड की सफल लिस्टिंग के साथ ही पटना नगर निगम ने शहरी विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का नया रास्ता खोला है.

पटना नगर निगम ने म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाए करीब 200 करोड़ रुपये, बिहार में पहली बार किसी नगर निकाय ने जारी किया बॉन्ड

नगर निगम की ओर से 100.03 करोड़ रुपये के आधार निर्गम आकार के मुकाबले बॉन्ड को निवेशकों से दोगुने से अधिक की मांग मिली. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निजी नियोजन प्रक्रिया के तहत ये बॉन्ड जारी किए गए. इन पर 9.20 प्रतिशत सालाना ब्याज निर्धारित किया गया है. निवेशकों की ओर से मिले इस समर्थन को नगर निगम की वित्तीय साख और शहर की विकास योजनाओं पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है.

15 नए वेंडिंग जोन और बाजारों का होगा कायाकल्प

म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल पटना में 15 नए वेंडिंग जोन विकसित करने और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के पुनर्विकास में किया जाएगा. खास तौर पर पटना जंक्शन के आसपास के बाजारों को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा. जर्जर बाजार संरचनाओं को आधुनिक व्यावसायिक परिसरों में बदला जाएगा, जहां अग्नि सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं की व्यवस्था होगी.

इसके अलावा पटना जंक्शन के आसपास यातायात और भीड़भाड़ की समस्या कम करने के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन, बेसमेंट पार्किंग और सुगम आवागमन की सुविधा विकसित की जाएगी. परियोजनाओं में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा.

दो एजेंसियों ने दी AA रेटिंग

पटना नगर निगम के म्यूनिसिपल बॉन्ड को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 'IND AA/Stable'और एक्यूइट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 'ACUITE AA/Stable' की क्रेडिट रेटिंग दी है. यह रेटिंग निगम की वित्तीय दायित्वों को समय पर पूरा करने की मजबूत क्षमता को दर्शाती है.

महापौर की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक

बॉन्ड की सफल लिस्टिंग के अवसर पर पटना नगर निगम मुख्यालय के सभागार में महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई. इसमें उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य, पार्षद, निगम के अधिकारी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रतिनिधि मौजूद रहे. सभी ने बॉन्ड की लिस्टिंग की प्रक्रिया को लाइव देखा.

इस मौके पर महापौर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम के लिए यह गौरव का क्षण है. बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग पटना के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राशि का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदारी के साथ किया जाएगा, ताकि इसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिल सके.

वहीं, नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि म्यूनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाना निगम की वित्तीय क्षमता और संस्थागत विश्वसनीयता का प्रमाण है. इससे शहरी विकास की परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी.

केंद्र सरकार से भी मिलेगी करीब 26 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए पटना नगर निगम को भारत सरकार की ओर से लगभग 26 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. इस बॉन्ड निर्गम के लिए ए.के. कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड ने एकमात्र मर्चेंट बैंकर की भूमिका निभाई.

राजस्व बढ़ाने के लिए कई नई योजनाएं

पटना नगर निगम केवल बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने राजस्व के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है. इसके तहत न्यू मार्केट, खेतान मार्केट, आर्य कुमार रोड और ए.एन. कॉलेज में आधुनिक व्यावसायिक परिसरों के निर्माण की योजना है.

इसके अलावा वार्ड-42 में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, अतिथि गृह-सह-नागरिक सुविधा केंद्र, शहरी हरित एवं मनोरंजन स्थल, एकीकृत नागरिक एवं व्यावसायिक केंद्र और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट बनाने की भी योजना है.

नगर निगम का मानना है कि इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा. साथ ही निगम के लिए दीर्घकालिक राजस्व के नए स्रोत विकसित होंगे, जिससे वित्तीय आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और भविष्य की विकास योजनाओं को गति मिलेगी.

पटना से अंकिता सिंह की रिपोर्ट-